Metro Network : देश में 23 शहरों में पहुंची मेट्रो सेवा, जानें 1000 किलोमीटर के नेटवर्क में कौनसा नेटवर्क है सबसे बड़ा
Metro Network : भारत में मेट्रो सेवाएं तेजी से विस्तार कर रही हैं और अब यह 23 शहरों तक पहुंच चुकी हैं। करीब 1000 किलोमीटर से अधिक के कुल नेटवर्क के साथ देश दुनिया के बड़े मेट्रो नेटवर्क में शामिल हो चुका है। ऐसे में सवाल उठता है कि भारत में सबसे बड़ा और सबसे व्यस्त मेट्रो नेटवर्क कौनसा है...तो आइए जान लेते है इस खबर में-
HR Breaking News, Digital Desk- (Largest Metro Network in India) भारत के करीब 23 शहरों में मेट्रो सेवाएं संचालित हो रही हैं, जिनमें लगभग 400 किलोमीटर लंबे नेटवर्क के साथ दिल्ली मेट्रो देश की सबसे बड़ी और व्यस्त मेट्रो प्रणाली (busy metro system) है। दिल्ली-एनसीआर में फैले इस नेटवर्क में 12 रंग-कोडेड लाइनें शामिल हैं, जहां रोज़ 285 से ज्यादा ट्रेनें करीब 50 लाख यात्रियों को सफर की सुविधा देती हैं। आइए, इससे जुड़े अहम तथ्यों को आसान भाषा में समझते हैं।
भारत का सबसे लंबा और सबसे व्यस्त मेट्रो नेटवर्क-
भारत के कई शहरों में मेट्रो सेवाएं शहरी यात्रा (metro services urban travel) को आसान बना रही हैं। अगस्त 2025 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, देश के 23 शहरों में मेट्रो नेटवर्क संचालित हो चुका है। अनुमान है कि 1000 किलोमीटर से अधिक के कुल नेटवर्क के साथ भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क (metro network) बन चुका है। बढ़ती आबादी और जरूरतों को देखते हुए आने वाले समय में और शहरों को मेट्रो से जोड़ा जाएगा, जिससे ट्रैफिक जाम कम होगा और यात्रियों को सुगम सफर मिलेगा। आइए जानते हैं कि देश में सबसे अधिक मेट्रो ट्रेनें किस शहर में चलती हैं।
देश में पहली मेट्रो-
भारत में सबसे पहले साल 1984 में कोलकाता में मेट्रो ट्रेन का संचालन (First metro train operation in Kolkata) शुरू हुआ था। इसके बाद राजधानी दिल्ली में मेट्रो नेटवर्क विकसित किया गया, जिसने शहरी यातायात में बड़ी क्रांति ला दी। आज दिल्ली के 13 जिलों के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने के लिए विभिन्न रूटों पर बड़ी संख्या में मेट्रो ट्रेनें संचालित हो रही हैं, जिससे रोज़ाना लाखों यात्रियों को सुविधा मिलती है।
देश के कितने शहरों में मेट्रो-
वर्तमान में देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर के नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद, बहादुरगढ़ और बल्लभगढ़ समेत कोलकाता (kolkata), बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, कोच्चि, मुंबई, नागपुर, पुणे, जयपुर (jaipur), भोपाल, इंदौर, अहमदाबाद, कानपुर, लखनऊ (lucknow) और आगरा जैसे कई शहरों में मेट्रो सेवाएं संचालित हो रही हैं, जिससे लोगों का रोज़मर्रा का सफर काफी आसान हो गया है।
सबसे बिजी मेट्रो नेटवर्क-
वर्तमान में दिल्ली मेट्रो भारत का सबसे लंबा, सबसे बड़ा और सबसे व्यस्त मेट्रो नेटवर्क है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसका नेटवर्क करीब 400 किलोमीटर तक फैल चुका है। इसके साथ ही कई परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं और कुछ प्रस्तावित भी हैं, जो एनसीआर के विभिन्न शहरों को सीधी कनेक्टिविटी प्रदान कर रही हैं।
जानें दिल्ली में कितने मेट्रो स्टेशन-
दिल्ली मेट्रो एनसीआर (delhi metro NCR) के कई शहरों को आपस में जोड़ता है, जिसके जरिए रोजाना अनुमानित 50 लाख से अधिक यात्री सफर करते हैं। इसी वजह से इसे देश का सबसे व्यस्त मेट्रो नेटवर्क माना जाता है। इस नेटवर्क में 285 से ज्यादा स्टेशन हैं, जहां से आमतौर पर हर 10 मिनट में मेट्रो ट्रेनें चलती हैं। त्योहारों और विशेष मौकों पर ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी बढ़ा (Increased frequency of trains) दी जाती है।
कितनी लाइन हैं दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में-
जानकारी के अनुसार, दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में 12 से अधिक कलर-कोडेड लाइनें शामिल हैं, जो एयरपोर्ट के साथ-साथ नोएडा, ग्रेटर नोएडा (greater noida), गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद को जोड़ती हैं। अनुमान है कि फेज-4 परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली मेट्रो का कुल नेटवर्क (total network of Delhi Metro) 500 किलोमीटर से अधिक का हो जाएगा।
दिसंबर 2025 तक दिल्ली मेट्रो का कुल ऑपरेशनल नेटवर्क लगभग 394-395 किलोमीटर तक पहुंच चुका है। यह नेटवर्क 12 से अधिक कलर-कोडेड लाइनों और 289 से ज्यादा स्टेशनों (एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन सहित) में फैला है, जो दिल्ली-एनसीआर के गुरुग्राम, नोएडा (noida) और गाजियाबाद (gaziabad) को जोड़ता है। फेज-4 के पूरा होने के बाद इसके 500 किलोमीटर से अधिक होने की उम्मीद है।
कितने मेट्रो प्रोजेक्ट चल रहे है दिल्ली में-
दिल्ली मेट्रो के फेज-4 के तहत 6 कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें 44 से अधिक मेट्रो स्टेशन शामिल होंगे। इनमें हरियाणा के सोनीपत स्थित नाथूपुर (Nathupur in Sonipat) को दिल्ली के रिठाला से जोड़ने वाला कॉरिडोर भी शामिल है। उम्मीद है कि 2028 तक इस रूट पर मेट्रो सेवाएं शुरू हो जाएंगी, जिससे ट्रैफिक जाम (traffic jam) कम होगा और लोगों की आवाजाही काफी आसान हो जाएगी। फिलहाल परियोजना को तेजी से पूरा करने का काम जारी है।
चौथे चरण में गोल्डन लाइन (एयरोसिटी-तुगलकाबाद), मैजेंटा लाइन एक्सटेंशन (जनकपुरी-पश्चिम-आरके आश्रम), पिंक लाइन एक्सटेंशन (मजलिस पार्क-मौजपुर), रिठाला-नरेला-कुंडली कॉरिडोर (Rithala-Narela-Kundli Corridor) और ग्रीनलाइन एक्सटेंशन (इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ) इत्यादि शामिल हैं।
दिल्ली की पहली मेट्रो-
दिल्ली का पहला मेट्रो कॉरिडोर दिसंबर 2002 में शाहदरा से तीस हजारी कोर्ट के बीच 8.2 किलोमीटर लंबाई में शुरू किया गया था। वर्तमान में दिल्ली मेट्रो में सुविधा और स्थान के अनुसार अंडरग्राउंड और एलिवेटेड (elevated) दोनों तरह के कॉरिडोर हैं। फिलहाल पिंक लाइन लगभग 59 किलोमीटर के साथ दिल्ली मेट्रो (delhi metro) की सबसे लंबी लाइन है, जो आगे विस्तार के बाद और लंबी हो जाएगी।