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UP में भवन निर्माण के लिए बनेगी समान नीति, इन शहरों को होगा अधिक फायदा

UP News :योगी सरकार यूपी के लोगों को बेहतर आवासिय सुविधा प्रदान करने के लिए कई तरह के बड़े बड़े कदम उठा रही है। अब सरकार ने भवन निर्माण के लिए समान नीति को बना दिया है। इसकी वजह से शहरों को काफी ज्यादा लाभ होने वाला है। खबर में जानिये इस बारे में पूरी जानकारी। 

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UP में भवन निर्माण के लिए बनेगी समान नीति, इन शहरों को होगा अधिक फायदा

HR Breaking News (UP Housing Scheme) योगी सरकार ने हाल ही यहां पर भवन निर्माण के बड़ी योजना को तैयार कर दियार है। इसकी वजह से यहां पर लोगों को काफी लाभ होने वाली है। इस नीति (New Housing Scheme In UP) की वजह से यहां पर लोगों को आवास के बेहतर मौके मिलने वाले हैं। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से इस बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इस बारे में पूरी डिटेल।

 

 

सरकार का ये है मकसद

नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना विकास प्राधिकरण में भवन निर्माण के एक समान नियम बनाये जाने वाले हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की जिले के तीनों प्राधिकरणों में एक जैसे बिल्डिंग बायलॉज (building bylaws Kya hoty h) को लागू करने की प्लानिंग की जा रही है। सरकार की इस प्लानिंग का मकसद निर्माण को आसान बनाना है। इसके अलावा निवेश को बढ़ावा देना और कागजी झंझट कम करना भी इसी का एक हिस्सा है।

अधिकारियों ने दी जानकारी

एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि नए बिल्डिंग बायलॉज में सबसे बड़ा बदलाव ये होगा कि जमीन पर होने वाले निर्माण (ग्राउंड कवरेज) की सीमा खत्म कर दी जाएगी। अब तक उद्योग (UP Devlopment) के लिए 35 से 60 प्रतिशत प्लॉट पर निर्माण की अनुमति, हाउसिंग के लिए 35 से 40 प्रतिशत, संस्थागत और व्यावसायिक के लिए 30 से 60 प्रतिशत प्लॉट पर निर्माण की सीमा तय कर दी गई है। नए नियमों (UP housing socity Rules) में ये रोक नहीं होने वाली है। इसकी वजह से बिल्डरों को ज्यादा छूट मिलने वाली है। 

इसके अलावा फ्लोर एरिया रेशो (एफएआर) की सीमा भी बढ़ाए जाने पर भी विचार किया जा रहा है। इससे पूर्व जुलाई में प्रदेश सरकार शहरी विकास प्राधिकरण और हाउसिंग बोर्ड (Urban Development Authority and Housing Board) के लिए ऐसे नियम पास कर चुकी है।

यह नियम नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरणों पर लागू नहीं थे। विगत 1 सितंबर को राज्य स्तरीय कमेटी ने यह नया ड्राफ्ट (UDAHB new Project) तैयार कर समीक्षा की। इसमें ग्राउंड कवरेज, एफएआर, सेटबैक और बिल्डिंग की ऊंचाई, पार्किंग और हरियाली से जुड़े नियमों में बदलाव के प्रस्ताव तैयार किए हैं।


ये नियम होंगे आसान

अब तक व्यावसायिक में हर 30 से 100 वर्ममीटर में एक कार पार्किंग, संस्थागत में 22-100 वर्गमीटर और उद्योग के लिए हर 100 वर्ममीटर में एक पार्किंग के नियम को बनाया गया है। हालांकि नए बायलॉज में उद्योग (UP Devlopment) के लिए हर 300 वर्गमीटर में एक पार्किंग, ग्रुप हाउसिंग के लिए प्रति फ्लैट 1-1.5 पार्किंग, संस्थागत के लिए 85-200 वर्गमीटर में पार्किंग और व्यावसायिक (Commercial land Price in UP) में 50 से 500 वर्गमीटर में एक पार्किंग होने वाली है। इस नियम के तहत जमीन पार्किंग में बर्बाद न होने का दावा किया गया है।

आवास विकास प्राधिकरणों को होगा लाभ

शहर में फिलहाल 25 से 50 प्रतिशत जमीन हरियाली के लिए जरूरी रहने वाला है। आवास विकास प्राधिकरणों (housing development authorities) में यह 10-15 प्रतिशत रहा है। जबकि, नए बदलावों के तहत इसे सिर्फ पांच से 10 प्रतिशत किया जा सकता है।