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Home Loan वालों को RBI ने दिया तगड़ा झटका, आपने भी ले रखा है तो जान लें अपडेट

Home Loan - अगर आपने भी होम लोन ले रखा है तो ये खबर आपके लिए है। आपको बता दें कि आरबीआई की ओर आई नई गाइडलाइन के से होम लोन वालों को तगड़ा झटका लगा है... ऐसे में आप भी फटाफट जान लें इस अपडेट को। 

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Home Loan वालों को RBI ने दिया तगड़ा झटका, आपने भी ले रखा है तो जान लें अपडेट

HR Breaking News, Digital Desk- आरबीआई (RBI) ने लोन की किस्त यानी ईएमआई (EMI) के बारे में नई गाइडलाइन जारी की। इसमें कर्जदारों के लिए कई तरह की राहत दी गई है। लेकिन इसमें साथ ही उनके लिए एक चिंताजनक बात भी है। नए नियमों के आने के बाद इंटरेस्ट रेट (interest rate) बढ़ने पर बैंक और फाइनेंस कंपनियां कुछ होम लोन पर किस्त बढ़ाने पर मजबूर हो सकती हैं। साथ ही कर्ज लेने वाले के लिए रकम की घट जाएगी।

नए नियमों के मुताबिक कर्ज लेने वालों को इंटरेस्ट रेट में बदलाव होने पर फिक्स्ड रेट लोन में शिफ्ट करने का विकल्प दिया जाएगा। बैंक मौजूदा रेट से ज्यादा रेट पर रिपेमेंट कैपेसिटी कैलकुलेट (calculate capacity) करेंगे जिससे कर्ज लेने वालों के लिए लोन की अमाउंट कम हो सकती है। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बनाए गए नए नियम 31 दिसंबर से नए और मौजूदा कर्जदारों के लिए लागू होंगे।

यदि इंटरेस्ट रेट तेजी से बढ़ता है तो बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि ईएमआई लोन पर मासिक ब्याज को कवर करना जारी रखे और किस्त देने के बाद बकाया राशि में बढ़ोतरी न हो। लोन मंजूरी के लेटर में यह खुलासा करना होगा कि फ्लोटिंग से फिक्स्ड रेट में जाने पर कितना चार्ज लगेगा। अभी बैंक मौजूदा ब्याज दरों के आधार पर कर्जदार की लोन चुकाने की कैपेसिटी को कैलकुलेट करते हैं। उदाहरण के लिए अगर किसी कर्जदार के रिटायर होने में अभी 20 साल हैं तो वह एक करोड़ रुपये के लोन पर 6.5 परसेंट की ब्याज दर पर 74,557 रुपये की ईएमआई दे सकता है। लेकिन 11 परसेंट रेट के हिसाब से यह राशि 72 लाख रुपये ही रह जाएगी।

कितनी बढ़ जाएगी किस्त-
पैसाबाजार के को-फाउंडर और सीईओ नवीन कुकरेजा ने कहा कि अभी कुछ ही बैंक और एचएफसी फिक्स्ड इंटरेस्ट पर होम लोन (home loan) दे रहे हैं। कुछ बैंक हाइब्रिड इंटरेस्ट रेट पर होम लोन दे रहे हैं। टेन्योर बढ़ने पर लोन के इंटरेस्ट रेट का रिस्क बढ़ जाता है, इसलिए बैंक फिक्स्ड रेट होम लोन के लिए ज्यादा इंटरेस्ट लेते हैं।

उदाहरण के लिए आईसीआईसीआई बैंक में फ्लोटिंग रेट नौ से 10.5 परसेंट है जबकि फिक्स्ड रेट 11.2 से 11.5 परसेंट है। इसी तरह एक्सिस बैंक में फ्लोटिंग रेट नौ से 13.3 परसेंट है जबकि फिक्स्ड रेट 14 परसेंट है। आईडीबीआई बैंक में फ्लोटिंग रेट 8.5 परसेंट से 12.3 परसेंट है जबकि फिक्स्ड रेट 9.6 से 10.1 परसेंट है। एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस की बात करें तो इसमें फ्लोटिंग रेट 8.5 से 10.8 परसेंट है जबकि फिक्स्ड रेट 10 से 10.3 परसेंट है।

पिछले हफ्ते आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास (RBI Governor Shaktikanta Das) ने कहा था कि सेंट्रल बैंक ईएमआई नियमों की समीक्षा करेगा। नए नियमों के मुताबिक बैंकों को रिकवर किए गए प्रिंसिपल और इंटरेस्ट, ईएमआई अमाउंट, बचे हुई किस्तों की संख्या और ब्याज की सालाना दर का खुलासा करना होगा। अमूमन बैंक कर्ज लेने वाले की योग्यता का आकलन इनकम में बढ़ोतरी इंटरेस्ट रेट के साइक्लिक नेचर के आधार पर करते हैं। लेकिन अब कई ऐसे मामले भी सामने आए हैं जहां कुछ इंडस्ट्रीज में महंगाई के हिसाब से सैलरी नहीं बढ़ी है।