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अप्रैल-जून की गर्मी को लेकर IMD ने जारी की चेतावनी, जानिए मौसम विभाग की भविष्यवाणी

IMD - मौसम विभाग के मुताबिक इस बार भी आपको भीषण गर्मी का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा। IMD ने अनुमान जताया है कि आने वाले दिनों में भीषण गर्मी बढ़ने की आशंका है। अप्रैल-जून के बीच अल नीनो के प्रभाव के न्यूट्रल होने की संभावना है। 
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HR Breaking News, Digital Desk- गर्मियों की तपिश का एहसास होने लगा है और अब भारतीय मौसम विभाग (IMD) की ओर से अप्रैल-जून की तिमाही के लिए मौसम की भविष्यवाणी भी जारी हो चुकी है. IMD ने अप्रैल-जून, 2024 की तिमाही के लिए सीजनल आउटलुक जारी किया है, जिसको सुनकर आपको पसीने आने लगेंगे.

दरअसल, इस बार भी आपको भीषण गर्मी का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा. IMD ने अनुमान जताया है कि आने वाले दिनों में भीषण गर्मी बढ़ने की आशंका है. अप्रैल-जून के बीच अल नीनो के प्रभाव के न्यूट्रल होने की संभावना है. और इस दौरान उत्तर, दक्षिण के कुछ हिस्सों में भी भीषण गर्मी का अनुमान है. 

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कहा है कि अप्रैल-जून के दौरान भारत के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने का अनुमान है. ऐसे में अप्रैल की शुरुआत से ही झुलसाती गर्मी का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा.

अप्रैल-जून में देशभर में कैसा रहेगा मौसम?

2024 की गर्मियों में देश के अधिकाांश हिस्सों में अधिकतम तापमान रहने की संभावना है. केवल पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत के कुछ हिस्सों और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में ही अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से नीचे रहने की संभावना है. देश के अधिकाांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य या सामान्य से अधिक होने की संभावना है केवल उत्तर-पूर्व और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ इक्का-दुक्का क्षेत्रों को छोड़कर, जहां न्यूनतम तापमान सामान्य या सामान्य से नीचे रहने की सांभावना है.

कहां पड़ेगा लू का कहर?

IMD ने बताया है कि दक्षिण प्रायद्वीप के अधिकांश हिस्सों, मध्य भारत, पूर्वी भारत और उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में सामान्य से अधिक लू बहने की संभावना है. दक्षिण प्रायद्वीप के कई हिस्सों और उससे सटे उत्तर-पश्चिम मध्य भारत और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में सामान्य से अधिक लू चलने की संभावना है.

बारिश पर क्या है IMD का अनुमान? 

अप्रैल, 2024 के दौरान पूरे देश में औसत वर्षा सामान्य LPA का 88-112% होने की संभावना है. उत्तर पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों और मध्य भारत के कई हिस्सों, उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत, पूर्व और उत्तर पूर्व भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य या सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है. पूर्वी और पश्चिमी तटों, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों और पश्चिम मध्य भारत में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है.