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10वें नेशनल हाईवे का होगा निर्माण, डिजाइन मंजूर, DPR होगी तैयार

Highway - एक रिपोर्ट के मुताबिक आपको बता दें कि 10वें नेशनल हाईवे के निर्माण की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इस ग्रीनफील्ड हाईस्पीड कॉरिडोर की डिजाइन मंजूर कर दी है। अब परियोजना की डीपीआर तैयार की जाएगी। इसके पूरा होने से यात्रा आसान होगी और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी-

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10वें नेशनल हाईवे का होगा निर्माण, डिजाइन मंजूर, DPR होगी तैयार

HR Breaking News, Digital Desk- (Highway) संगम नगरी को 10वें नेशनल हाईवे के रूप में मिलने वाले चित्रकूट-वाराणसी ग्रीनफील्ड हाईस्पीड हाईवे (Chitrakoot-Varanasi Greenfield Highway) को धरातल पर उतारने के लिए प्रशासनिक कवायद तेज हो गई है। 

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 249 किमी लंबे सिक्सलेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईस्पीड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर की डिजाइन को मंजूरी दे दी है। परियोजना का सर्वे और डीपीआर Bhopal की एक कंपनी को सौंपा गया है, जिसके लिए ₹10.37 करोड़ जारी किए जा चुके हैं।

कंपनी को छह महीने में सर्वे रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। महाकुंभ के दौरान Kanpur और बुंदेलखंड की ओर से आने वाले वाहन जाम में फंस गए थे। इस ग्रीनफील्ड हाईवे के बनने से कुंभ-2031 के दौरान मध्य प्रदेश और मीरजापुर (Mirzapur) की दिशा से आने वाले ट्रैफिक का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा। इससे नैनी ब्रिज (Naini Bridge) पर यातायात दबाव भी कम होगा। हाईवे Prayagraj के यमुनापार इलाके के बारा, करछना और मेजा तहसील क्षेत्रों से होकर गुजरेगा।

यह नया हाईवे चित्रकूट (Chitrakoot), प्रयागराज (Prayagraj) और मीरजापुर होते हुए वाराणसी (Varanasi) तक जाएगा। यह प्रवेश-नियंत्रित ग्रीनफील्ड हाईवे होगा, जिससे चित्रकूट से वाराणसी की दूरी लगभग ढाई घंटे में पूरी की जा सकेगी। इस हाईवे को  बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे (Bundelkhand Expressway), प्रयागराज-रीवा (Prayagraj-Rewa Highway) और प्रयागराज-सिंगरौली हाईवे (Prayagraj-Singrauli Highway) से जोड़ा जाएगा। नए हाईवे के एलाइनमेंट को लेकर रणनीति तैयार की जा रही है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण चित्रकूट-प्रयागराज-वाराणसी को जोड़ने वाली फोर/सिक्स लेन प्रवेश-नियंत्रित ग्रीनफील्ड राजमार्ग परियोजना के एलाइनमेंट को अंतिम रूप देने के लिए सक्रिय रूप से आगे बढ़ रहा है। इस प्रक्रिया में जिला प्रशासन की ओर से एडीएम नजूल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। परियोजना के पूरा होने से बुंदेलखंड के लोगों की प्रयागराज, मीरजापुर, वाराणसी और पूर्वांचल के अन्य जिलों तक पहुंच काफी आसान हो जाएगी।

इस परियोजना से क्षेत्र के लोगों की यात्रा अधिक सुगम और सरल होगी तथा आर्थिक विकास को गति मिलेगी। नया कॉरिडोर Varanasi (काशी) से Chitrakoot तक निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करेगा और गंगा एक्सप्रेस वे (Ganga Expressway) की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।

इससे बुंदेलखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में विकास को नई रफ्तार मिलेगी। यह राजमार्ग मौजूदा चित्रकूट-Prayagraj मार्ग के अतिरिक्त होगा तथा चित्रकूट को प्रयागराज और Mirzapur से जोड़ेगा। एलाइनमेंट फाइनल होने के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

खास-खास-

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