UP में बनेंगे 2 नए लिंक एक्सप्रेसवे, 15000 करोड़ की आएगी लागत, 2 साल में पूरा हो जाएगा काम
UP News - उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे का जाल तेजी से फैल रहा है, जो राज्य के दूर-दराज के क्षेत्रों को भी मुख्यधारा से जोड़ रहा है. इसी कड़ी में आपको बता दें कि यूपी में दो नए लिंक एक्सप्रेसवे और बनाएं जाएंगे.... लगभग 15,000 करोड़ की लागत से बनने वाले अलग-अलग लिंक एक्सप्रेस वे उन शहरों के लिए वरदान बन रहे हैं जो कनेक्टिविटी में थोड़ा पीछे रह गए थे.
HR Breaking News, Digital Desk- (UP News) उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे का जाल तेजी से फैल रहा है, जो राज्य के दूर-दराज के क्षेत्रों को भी मुख्यधारा से जोड़ रहा है. इन एक्सप्रेसवे ने उद्योगों, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को बढ़ावा दिया है, जिससे देश के विकास को भी गति मिली है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर, अब उन शहरों को भी लिंक एक्सप्रेसवे से जोड़ा जा रहा है जो सीधे एक्सप्रेसवे नेटवर्क से नहीं जुड़े हैं.
लिंक एक्सप्रेसवे के जरिए वाराणसी, ग्रेटर नोएडा, कानपुर और झांसी जैसे बड़े शहर जोड़े जा रहे हैं. गोरखपुर को पहले ही एक्सप्रेसवे से जोड़ दिया गया है. लगभग 15,000 करोड़ की लागत से बनने वाले अलग-अलग लिंक एक्सप्रेस वे उन शहरों के लिए वरदान बन रहे हैं जो कनेक्टिविटी में थोड़ा पीछे रह गए थे. अगले डेढ़ से 2 साल में यह सारे शहर रफ्तार से जुड़ जाएंगे.
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर वाहनों का संचालन शुरू हो गया है. उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने बताया कि यह एक्सप्रेसवे राज्य को विकास की राह पर तेज़ी से ले जाएगा. उन्होंने कहा कि झांसी लिंक एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, जेवर एयरपोर्ट लिंक एक्सप्रेसवे और गाजीपुर-चंदौली लिंक एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाएं भी यूपी के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी. इन परियोजनाओं से यात्रा के समय में कमी आएगी और औद्योगिक विकास, पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे-
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल की नई धड़कन कहा जाता है, जिसका उद्घाटन जून में हुआ था. 91.35 किलोमीटर लंबा, चार-लेन का यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर में जैतपुर (NH-27) को आजमगढ़ के सलारपुर गांव में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ता है. 5,876 करोड़ रुपये की कुल लागत वाला यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर, संत कबीर नगर, अंबेडकर नगर और आजमगढ़ जिलों से होकर गुजरता है. इस एक्सप्रेसवे ने इन क्षेत्रों के आर्थिक विकास और कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया है.
इसमें 7 फ्लाईओवर, 7 बड़े पुल, 27 छोटे पुल, 2 टोल प्लाजा और 125 अंडरपास शामिल हैं. लिंक एक्सप्रेसवे के जरिए लखनऊ से गोरखपुर की दूरी को मात्र 3-3.5 घंटों में तय किया जा सकता है. जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. इसके साथ ही, औद्योगिक गलियारे और रियल एस्टेट के विकास को भी रफ्तार मिलने की उम्मीद है.
झांसी और चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे-
झांसी और चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे बुंदेलखंड के लिए एक गेम-चेंजर साबित होंगे. झांसी लिंक एक्सप्रेसवे, लगभग 125-135 किमी लंबा, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को झांसी के पास बीड़ा में प्रस्तावित औद्योगिक शहर से जोड़ेगा. इसकी अनुमानित लागत 1,300 करोड़ रुपये है, जिसमें से 228 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण के लिए हैं. यह कनेक्टिविटी बढ़ने से क्षेत्र में आर्थिक विकास, औद्योगिक वृद्धि और पर्यटन (Industrial growth and tourism) को बढ़ावा मिलेगा, जिससे बुंदेलखंड का समग्र विकास सुनिश्चित होगा.
यह परियोजना रक्षा कॉरिडोर (Defence Corridor) और फार्मा पार्क (Pharma Park) जैसी औद्योगिक इकाइयों को बढ़ावा देगी. वहीं, चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे (Chitrakoot Link Expressway), जो करीब 20 किलोमीटर लंबा होगा, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे (Bundelkhand Expressway) को चित्रकूट से जोड़ेगा. दोनों परियोजनाओं के लिए बजट आवंटित हो चुका है, और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी.
गाजीपुर-चंदौली लिंक एक्सप्रेसवे-
पूर्वांचल में ही गाजीपुर से चंदौली तक प्रस्तावित 100 किलोमीटर लंबा विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे (Vindhya-Purvanchal Link Expressway) बनने से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को विस्तार मिल जाएगा. यह परियोजना पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, जिससे गाजीपुर, चंदौली और वाराणसी जैसे शहरों के बीच यात्रा आसान होगी. यह एक्सप्रेसवे औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों (Industrial and business activities) को बढ़ावा देगा, जिससे क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति मिलेगी.
गंगा एक्सप्रेसवे- जेवर एयरपोर्ट लिंक एक्सप्रेसवे-
गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway), 594 किलोमीटर लंबा, दिसंबर 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है. यह एक्सप्रेसवे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ेगा. इसके अलावा, उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) से जोड़ने के लिए एक नई योजना शुरू की है. इस योजना के तहत 76 किलोमीटर का एक नया लिंक एक्सप्रेसवे (new link expressway) बनाया जाएगा.
इसकी अनुमानित लागत 4415 करोड़ रुपये है, जिसमें से 4000 करोड़ रुपये जमीन अधिग्रहण पर खर्च होंगे. एक्सप्रेसवे नोएडा और बुलंदशहर के 57 से 68 गांवों से होकर गुजरेगा. यह गंगा एक्सप्रेसवे को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा, जिससे जेवर एयरपोर्ट तक पहुंच आसान होगी. इस एक्सप्रेसवे के जरिए जेवर एयरपोर्ट (jewar airport) से मेरठ, प्रयागराज (prayagraj), आगरा और अन्य शहर सीधे जुड़ जाऐंगे. मेरठ से प्रयागराज का सफर केवल 6-8 घंटे में पूरा हो सकेगा.
