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Delhi News : दिल्ली में खत्म होगी जाम की समस्या, इस रूट पर बनेगा एलिवेटेड रिंग रोड

elevated road : दिल्ली में प्रगति कार्य लगातार रफ्तार पकड़ रहा है। बता दें कि अब यहां पर एक और नया एलिवेटेड रिंग रोड बनाने की तैयारी की जा रही है। इस परियोजना (Elevated Ring Road Project) को सरकार के द्वारा मंजूरी प्रदान कर दी गई है। एलिवेटेड रिंग रोड का निर्माण होने की वजह से जाम की परेशानी से राहत मिल जाएगी। खबर के माध्यम से जानिये इस बारे में पूरी डिटेल-
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Delhi News : दिल्ली में खत्म होगी जाम की समस्या, इस रूट पर बनेगा एलिवेटेड रिंग रोड

HR Breaking News (elevated road in Delhi) दिल्ली में रहने वालों को सबसे बड़ी परेशानी ट्रेफिक जाम ही होती है। ऐसे में सरकार के द्वारा लगातार ऐसे प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है, जिसके माध्यम से ट्रेफिक (Elevated Ring Road) की परेशानी से निजात पाया जा सकें। बता दें कि अब सरकार यहां पर एक नया एलिवेटेड रिंग रोड बनाने जा रही है। इस रोड़ के बनने की वजह से दिल्ली वालों को काफी लाभ होगा और उनको ट्रेफिक से भी राहत मिलेगी।

 


यातायात व्यवस्था को मिलेगी मजबूती 

 

राजधानी दिल्ली में यातायात व्यवस्था को मजबूत देने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। बता दें कि अब दिल्ली सरकार ने एलिवेटेड रिंग रोड परियोजना के पहले कॉरिडोर (Elevated corridor in Delhi) को मंजूरी प्रदान कर दी है। ये महत्वाकांक्षी परियोजना शहर की प्रमुख सड़कों पर लंबे समय से बनी जाम की समस्या को कम करने के उद्देश्य से बनाई जा रही है।


इतनी होगी एलिवेटेड रिंग रोड की लंबाई 

बता दें कि इस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारी की जा रही है। कुल छह चरणों में प्रस्तावित इस प्रोजेक्ट के तहत फेज-1ए को प्राथमिकता प्रदान की गई है। ये फेज लगभग 5 किलोमीटर (New Elevated corridor in Delhi) लंबा होने वाला है। जोकि मजनूं का टीला से सलीमगढ़ फोर्ट के बीच बनाया जाएगा। इस प्रस्तावित एलिवेटेड रिंग रोड की कुल लंबाई 57.5 किलोमीटर होने वाली है।


इस कॉरिडोर को दी जाएगी प्राथमिकता 

जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक, इस कॉरिडोर को प्राथमिकता इस वजह से दी जा रही है क्योंकि इस हिस्से में यातायात दबाव सबसे ज्यादा रहता है और तकनीकी दृष्टि (New Elevated corridor) से भी इसका निर्माण अपेक्षाकृत व्यावहारिक माना जा रहा है। परियोजना की प्रारंभिक रिपोर्ट (पीपीआर) पहले ही तैयार की जा चुकी है। इसके बाद इस प्रोजेक्ट की डीपीआर को अगले दो महीनों में पूरा किया जा सकता है। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया (Elevated corridor tender process) को शुरू किया जाएगा। 


इन कॉरिडोर पर किया जा रहा है फोकस 

इस प्रोजेक्ट के तहत जिन कॉरिडोर पर फोकस किया जा रहा है, उसमें आजादपुर चौक से मेटकाफ हाउस जंक्शन (लंबाई 7 किमी), सलीमगढ़ फोर्ट से डीएनडी फ्लाईओवर (dnd flyover) (लंबाई 11.5 किमी), डीएनडी फ्लाईओवर से मोती बाग मेट्रो स्टेशन (लंबाई 10.5 किमी), मोती बाग मेट्रो स्टेशन से राजौरी गार्डन (लंबाई 10 किमी), राजौरी गार्डन से आजादपुर चौक (लंबाई 13.5 किमी) को शामिल किया गया है। हालांकि, फिलहाल सिर्फ फेज-1ए पर ही काम शुरू करने को मंजूरी (flyover in Delhi) प्रदान की गई है।


कश्मीरी गेट पर खत्म होगा जाम 

अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया है कि ये कॉरिडोर (New Corridor in Delhi) आंशिक रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग के दायरे में शामिल किया जाता है। इसके साथ ही में इसका मुख्य उद्देश्य यातायात की सुगमता को बढ़ाना है। इस मार्ग पर खासतौर पर कश्मीरी गेट इलाके में कई गंभीर जाम की परेशानी से राहत मिलेगा।

यहां पर से गुजरने वाला ट्रैफिक एलिवेटेड रोड (traffic elevated road in Delhi) पर शिफ्ट कर नीचे की सड़कों पर दबाव कम किया जा सकेगा। ये मार्ग यमुना नदी के समानांतर तक चलता है, जोकि ओ-जोन में आता है। इस स्थिति में  परियोजना की योजना मास्टर डेवलपमेंट प्लान के मानकों के अनुरूप बनाई जाने वाली है।

इन चीजों पर दिया जाएगा ध्यान 

इस कॉरिडोर का मार्ग कश्मीरी गेट जंक्शन के पास ग्रेड सेपरेटर और रेड लाइन मेट्रो से भी गुजरता है, इसकी वजह से मौजूदा परिवहन ढांचे के साथ समन्वय एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आने वाला है। इसके साथ ही में मार्ग में सलीमगढ़ फोर्ट (Salimgarh Fort) सहित तीन एएसआई संरक्षित स्मारक भी शामिन किये गए हैं। अधिकारियों ने जानकारी दी है कि निर्माण कार्य के दौरान एएसआई के सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाएगा।


इस रोड़ को मिलेगा नया रूट 

इस परियोजना के तहत महात्मा गांधी रिंग रोड को एक नया रूप देने की कोशिश की जाएगी। इसका उद्देश्य दिल्ली के चारों ओर सुगम और तेज यातायात सुनिश्चित करना था। पिछले सालों में तेजी से हुए शहरीकरण, (New Corridor) वाहनों की बढ़ती संख्या और सार्वजनिक परिवहन की सीमाओं की वजह से रिंग रोड दिल्ली के सबसे ज्यादा जाम वाले इलाकों में शामिल हो गई है। इसकी वजह से वायु और ध्वनि प्रदूषण भी बढ़ रहा है।


मौजूदा सड़क पर कम होगा दबाव 

अधिकारियों के मुताबिक, रिंग रोड और आउटर रिंग रोड पर पीक ऑवर में सबसे ज्यादा ट्रैफिक दबाव देखने को मिल रहा है। एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण होने की वजह से मौजूदा सड़क (New Road in UP) पर दबाव कम होने वाला और आसपास की प्रमुख सड़कों को भी जाम से राहत मिलने वाला है। प्रस्ताव है कि एलिवेटेड रोड को सेंट्रल वर्ज पर खंभों के जरिए बनाया जाएगा, इसकी वजह से भूमि अधिग्रहण की जरूरत काफी कम रहने वाली है।