UP में यहां इमारतों की ऊंचाइयों की तय होगी लिमिट, 5 जोन में बटेगा क्षेत्र
UP News : उत्तर प्रदेश में प्रगति कार्य लगातार रफ्तार पकड़ रहा है। हाल ही में सरकार ने यहां के लिए एक बड़ा अपडेट जारी कर दिया है। दरअसल अब यूपी की इमारतों (buildings in up) की ऊंचाईयों को तय कर दिया है, इसका मतलब है कि इसकी लिमिट तय हो गई है। इसके अलावा ये क्षेत्र 5 जोन में बाटां जाने वाला है। खबर में जानये इस बारे में पूरी जानकारी।
HR Breaking News (new building bye laws) हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में शहरी विकास को नियंत्रित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के अलग अलग इलाकों में इमारतों की ऊंचाई पर सीमा तय की जाएगी।
बता दें कि सरकार ये कदम राज्य के पांच अलग-अलग जोन (building bye laws in UP) में बाटा जाने के बाद लागू होने वाले हैं। सरकार की इस योजना की वजह से शहरी नियोजन को व्यवस्थित किया जाएगा। आइए जानते हैं इस बारे में पूरी जानकारी।
स्कीम के तहत खरीदे जाएंगे प्लॉट
नोएडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट के चारों ओर स्थापित हो रही यीडा सिटी के लिए नए बिल्डिंग बायलॉज पर यमुना अथॉरिटी ने मंथन को शुरू कर दिया गया है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) की कलर कोडिंग (color coding Zone) के आधार पर बिल्डिंग बायलॉज का निर्माण किया जाने वाला है।
इसका सबसे ज्यादा प्रभाव 4 से 6 किमी एरिया में पड़ने वाला है। सिर्फ इतना ही नहीं यहां की रियल एस्टेट मार्केट पर भी इसका प्रभाव देखा जा सकता है। इसकी वजह से जिन बिल्डरों ने यीडा की स्कीमों में ग्रुप हाउसिंग प्लॉट (Group Housing Plot) खरीदे हैं, उनको नए बिल्डिंग बायलॉज का अंदाजा भी नहीं था। उन्होंने हाईराइज इमारतें खड़ी कर मोटा मुनाफा कमाने का प्लान बनाया था हालांकि अब उसमें कटौती की जाने वाली है।
बिल्डिंग बायलॉज का होगा निर्माण
हाल ही में हुई बोर्ड बैठक में अथॉरिटी ने नए बिल्डिंग बायलॉज (new building bye laws in UP) को बनाने के लिए एजेंसी चुनने का निर्णय लिया था। अब मंथन किया जा रहा है कि एएआई की कलर कोडिंग में किन किन नियमों को तय किया गया है। जिनको बिल्डिंग बायलॉज बनाते समय आधार बनाना पड़ेगा। यापल के नोडल अधिकारी का मानना है कि अथॉरिटी सर्वे एजेंसी (authority survey agency) का जल्द ही चयन किया जाने वाला है। इसकी प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने वाली है।
आम लोगों पर पड़ेगा ये प्रभाव
स्पेशल कलर कोड वाले जोनिंग मैप में जेवर एयरपोर्ट (Jewar Airport) के पास 4 से लेकर 20 किमी तक के दायरे में कितनी दूरी पर कितनी ऊंची बिल्डिंग बनाने को लेकर नियम बनाये गए है इसकी जानकारी भी उपलब्ध करा दी गई है। सरकार के इस फैसले का मकसद विमान के उड़ान भरने और उतरने के दौरान किसी भी रुकावट को दूर करना होता है।
इस स्थिति में नोएडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) के आसपास जो लोग भी ऊंचे टावर या बड़ी इमारतों का निर्माण कराना चाहते हैं। उन्हें पहले एनओसी लेनी होगी। बिना एनओसी वाले निर्माण को सरकार के द्वारा गिरा दिया जाएगा।
माना जा रहा है कि नए नियमों (New Building Rules in UP) से आम लोगों पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ने वाला है। इसके साथ ही जेवर और आसपास के एरिया में जमीन, दुकान और मकान मालिकों की संपत्तियां और महंगी होने वाली है।
नए बिल्डिंग बायलॉज का करना होगा इंतजार
यीडा सिटी के सेक्टरो में यमुना अथॉरिटी 32 हजार से ज्यादा लोगो को आवासीय प्लॉटो का आवंटन किया जा चुका है। इसके अलावा व्यावसायिक, औद्योगिक और ग्रुप हाउसिंग (group housing Kya h) के आवंटियो की संख्या भी हजारो में हैं। इस स्थिति में जो आवंटी 15 मीटर से ऊंची इमारते या टावर बनाने की प्लानिंग की जा रही थी उन्हें नए बिल्डिंग बायलॉज का इंतजार करना होगा।
प्रॉपर्टी की कीमतों में आएगा उछाल
नए बिल्डिंग बायलॉज का प्रभाव रियल एस्टेट मार्केट (real estate market) पर सबसे ज्यादा पड़ने वाला है। इसके कारण 20 किमी के दायरे मे काफी कम हाईराइज बिल्डिंग बनाई जाने वाली है। इसकी वजह से भविष्य मे डिमांड के मुताबिक, फ्लैटों की आपूर्ति कम होने वाली है।
इस एरिया में पहले से ही प्रॉपर्टी काफी महंगी हो गई है, अब नए बिल्डिंग बायलॉज (new building bye laws) का प्रभाव रहेगा। इसके अलावा, एयरपोर्ट के आसपास नौकरी के मौके भी बढ़ने वाले हैं। इन्फ्रास्ट्रक्चर में भी सुधार होगा। रोड और रेल कनेक्टिविटी पर सरकार का फोकस बढ़ाता नजर आ रहा है। इसका प्रभाव रियल एस्टेट की कीमतों पर भी देखा जा रहा है।
आने वाले समय में ऐसे हो सकते हैं नियम
जोन-1
14 से 19 मीटर तक की ऊंचाई वाली इमारतें (Height of zone 1 Buidings) का निर्माण किया जा सकता है। ये एयरपोर्ट के 4 किमी के दायरे में आने वाला है।
जोन-2
जोन-2 में 24 से 29 मीटर ऊंचाई की इमारतों को अनुमति मिल सकती है। ये 6.1 किमी के दायरे में आने वाला है।
जोन-3
जोन-3 में 79 मीटर ऊंचाई तक की इमारतों (Height of zone 3 Buidings) का निर्माण किया जा सकता है जो एरिया 9.1 किमी के दायरे में हैं।
जोन-4
109 मीटर तक ऊंचाई वाले भवन को अनुमति मिलने की उम्मीद है। इसमें 15 किमी दूरी तक के क्षेत्र शामिल है।
जोन-5
जोन-5 में 139 मीटर ऊंची इमारतों का निर्माण किया जाने वाला है। ये एयरपोर्ट रेफरेस पॉइंट (ARP) से 20 किमी दूर तक रहने वाला है।
