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Expressway किनारे 100 एकड़ में औद्योगिक एरिया होगा विकसित, जमीन बनेगी सोना

Expressway - एक रिपोर्ट के मुताबिक आपको बता दें कि इस एक्सप्रेसवे के किनारे 100 एकड़ में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा। इस परियोजना से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और जिले की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। प्रशासन का मानना है कि बेहतर संपर्क व्यवस्था उद्योगों की स्थापना को आसान बनाएगी और निवेशकों का भरोसा बढ़ाएगी-

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Expressway किनारे 100 एकड़ में औद्योगिक एरिया होगा विकसित, जमीन बनेगी सोना

HR Breaking News, Digital Desk- (Expressway) आकांक्षी जनपद सिद्धार्थनगर में औद्योगिक विकास को नई गति देने की तैयारी तेज हो गई है। जिले में करीब 100 एकड़ के सुव्यवस्थित औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर सक्रिय प्रयास किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है।

वहीं 15 फरवरी को डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल ने भी मुख्य कार्यपालक अधिकारी को पत्र लिखकर इस परियोजना को प्राथमिकता देने की मांग की है।

प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र को गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे (Gorakhpur-Shamli Expressway) से जोड़कर विकसित करने की योजना बनाई गई है, जिससे उद्योगों को बेहतर परिवहन सुविधा और निवेश के लिए अनुकूल माहौल मिल सके। यह एक्सप्रेसवे सिद्धार्थनगर जिले के बांसी, डुमरियागंज और खुनियांव क्षेत्रों (Dumariaganj and Khuniaon areas) से होकर गुजरेगा। इससे जिले की कनेक्टिविटी पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से मजबूत होगी। प्रशासन का मानना है कि बेहतर संपर्क व्यवस्था उद्योगों की स्थापना को आसान बनाएगी और निवेशकों का भरोसा बढ़ाएगी।

लंबे समय से उद्योगों की कमी के चलते जिले के युवाओं को रोजगार की तलाश में बाहर जाना पड़ रहा है। प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के विकसित होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और पलायन में कमी आने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के मुताबिक, छोटे व मध्यम उद्योगों को बढ़ावा मिलने से स्थानीय कारोबार मजबूत होगा, राजस्व संग्रह बढ़ेगा (Revenue collection will increase) और कृषि प्रधान जिले में प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।

शासन की योजना के अनुसार किसान अपनी भूमि को लीज पर देकर औद्योगिक क्षेत्र विकसित कर सकेंगे। इसके तहत 10 से 50 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने वाले किसानों को कम ब्याज दर पर ऋण सुविधा दी जाएगी, ताकि वे आंतरिक सड़कें, जलनिकासी, पेयजल और अन्य आधारभूत ढांचा तैयार कर सकें। प्रशासनिक स्तर पर गठित समिति किसानों (Committee formed at administrative level to address farmers) और निवेशकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का कार्य करेगी।

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कहा कि जिले में औद्योगिक क्षेत्र के विकास से स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि एक्सप्रेसवे आधारित औद्योगिक विकास से निवेश बढ़ेगा और जिले की पहचान कृषि के साथ-साथ उद्योग के क्षेत्र में भी स्थापित होगी।

सरकार की आर्थिक रणनीति के लिहाज से भी यह परियोजना बेहद अहम मानी जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य तय किया है, जबकि भारत सरकार देश को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है। माना जा रहा है कि एक्सप्रेसवे से जुड़े औद्योगिक कॉरिडोर (Industrial Corridor) और नया निवेश इन लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

स्थानीय उद्यमियों और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि यदि यह परियोजना जल्द धरातल पर उतरती है तो सिद्धार्थनगर विकास (Siddharthnagar Development) के नए चरण में प्रवेश कर सकता है। फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर प्रारंभिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं और योजना को अमल में लाने की दिशा में सकारात्मक संकेत सामने आ रहे हैं।


किन गांवों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे-

गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे (Gorakhpur-Shamli Expressway) सिद्धार्थनगर जिले में बांसी तहसील के खेसरहा ब्लॉक से प्रवेश करेगा। यह मार्ग कोल्हुआ, अमघटी, भैंसठ, जाल्हेखोर, काजी रुधौली, रमवापुर, बेतनार, डोमसरा और जहदा समेत कई गांवों से होकर गुजरेगा, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और स्थानीय परिवहन सुविधाओं में सुधार (Improvement of local transport facilities) आएगा।