Delhi-NCR में चलेगी रैपिड रेल, 8 शहरों को होगा सीधा लाभ, देखें लिस्ट
Delhi-NCR - हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक आपको बता दें कि दिल्ली-एनसीआर में रैपिड रेल परियोजना से क्षेत्र की कनेक्टिविटी नई ऊंचाई पर पहुंचने वाली है। इस मेगा प्लान से इन आठ शहरों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे सफर तेज होगा और विकास को रफ्तार मिलेगी... आइए नीचे खबर में चेक कर लेते है लिस्ट-
HR Breaking News, Digital Desk- (Namo Bharat RRTS corridors in NCR) आने वाले कुछ वर्षों में एनसीआर का नक्शा पूरी तरह बदला हुआ नजर आएगा और तेज रफ्तार जिंदगी और भी फास्ट हो जाएगी। इसकी वजह एनसीआर में विकसित हो रहे चार बड़े नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर (Namo Bharat RRTS Corridor) हैं। ये कॉरिडोर दिल्ली, गुरुग्राम, पानीपत, करनाल, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और मेरठ को आपस में जोड़ेंगे। इन प्रमुख शहरों के साथ-साथ आसपास के अन्य शहरों और दर्जनों गांवों को भी इन कॉरिडोरों से बड़ा लाभ मिलने वाला है।
इन शहरों के बीच आपसी कनेक्टिविटी बेहतर होने से जहां समय और ऊर्जा की बचत होगी, वहीं आसपास के इलाकों में रेजिडेंशियल, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल गतिविधियों (industrial activities) को भी बढ़ावा मिलेगा। नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर की घोषणा के बाद से ही इसके असर जमीन पर दिखने लगे हैं। अब सवाल यह है कि ये चार नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर कौन-कौन से हैं और इनका काम फिलहाल किस चरण में पहुंच चुका है?
पहले RRTS कॉरिडोर का 22 फरवरी को होगा उद्घाटन-
दिल्ली के सराय काले खां से मोदीपुरम तक नमो भारत रैपिड रेल (Namo Bharat Rapid Rail) और मेरठ मेट्रो का उद्घाटन नरेंद्र मोदी करने जा रहे हैं। इस कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली से मेरठ का सफर एक घंटे से भी कम समय में पूरा हो सकेगा।
करीब 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर (Delhi-Ghaziabad-Meerut Corridor) पर नमो भारत रैपिड रेल ट्रेन 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। खास बात यह है कि सराय काले खां, मोदीपुरम, शताब्दीनगर और बेगमपुल जैसे स्टेशन अब सिर्फ ट्रांजिट प्वाइंट नहीं रहेंगे, बल्कि भविष्य में रिहायशी और कमर्शियल हब के रूप में विकसित होंगे।
गौरतलब है कि इस 82 किमी लंबे कॉरिडोर का करीब 55 किमी हिस्सा पहले ही चालू किया जा चुका है। शेष हिस्से के उद्घाटन के बाद दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ के बीच सफर और भी आसान, तेज और सुविधाजनक हो जाएगा।
दूसरा कॉरिडोर: ट्रैफिक जाम से दिलाएगा राहत-
गुरुग्राम से ग्रेटर नोएडा को सीधे जोड़ने वाला यह आरआरटीएस कॉरिडोर बेहद खास माना जा रहा है। खासकर दिल्ली के ट्रैफिक जाम से परेशान लोगों के लिए यह बड़ी राहत साबित होगा। इस कॉरिडोर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह दिल्ली को बायपास करेगा, जिससे गुरुग्राम से ग्रेटर नोएडा (Gurugram to Greater Noida) तक यात्रा करने वालों को राजधानी के जाम में नहीं फंसना पड़ेगा। इस आरआरटीएस कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 60 से 61 किलोमीटर प्रस्तावित है।
इस कॉरिडोर पर ट्रेनों की अधिकतम गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा तक होगी, जबकि परिचालन गति करीब 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है। इस रफ्तार के साथ गुरुग्राम से नोएडा (Gurugram to Noida) का सफर करीब 38 मिनट में पूरा किया जा सकेगा, वहीं फरीदाबाद तक पहुंचने में सिर्फ लगभग 22 मिनट लगेंगे।
फाइनल डीपीआर के अनुसार इस आरआरटीएस रूट पर 6 से 8 स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं। हरियाणा सरकार (Haryana Governemnt) ने मई 2025 में इस परियोजना को इन-प्रिंसिपल अप्रूवल दिया था, जबकि दिसंबर 2025 में डीपीआर को अंतिम रूप दे दिया गया। यह आरआरटीएस कॉरिडोर गुरुग्राम के इफको चौक (RRTS Corridor Gurugram IFFCO Chowk) से शुरू होकर नोएडा के सेक्टर 142-168 इंटरसेक्शन को कवर करता हुआ ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर तक पहुंचेगा।
तीसरा कॉरिडोर, प्रदूषण से दिलाएगा राहत-
नमो भारत आरआरटीएस के दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर (Delhi-Panipat-Karnal Corridor) और दिल्ली-बावल कॉरिडोर आने वाले समय में एनसीआर को प्रदूषण से राहत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले हैं। इन दोनों कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली की सड़कों पर चलने वाले करीब दो लाख वाहनों में कमी आने की संभावना है।
डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) के मुताबिक दिल्ली-पानीपत-करनाल और दिल्ली-गुरुग्राम-बावल नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर के शुरू होने से सड़कों पर चलने वाले करीब 2 लाख वाहन कम हो सकते हैं। इससे ट्रैफिक और प्रदूषण दोनों में कमी आने की उम्मीद है।
इस कॉरिडोर के जरिए दिल्ली से करनाल का सफर करीब 90 मिनट में पूरा हो सकेगा, जबकि मुरथल तक पहुंचने में सिर्फ 30 मिनट लगेंगे। वहीं दिल्ली-गुरुग्राम-बावल (Delhi-Gurugram-Bawal) आरआरटीएस कॉरिडोर गुरुग्राम, मानेसर, एमबीआईआर और बावल जैसे शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों से होकर गुजरेगा। यह न केवल दिल्ली एयरपोर्ट को आरआरटीएस नेटवर्क (RRTS network) से जोड़ेगा, बल्कि पूरे एनसीआर की कार्यक्षमता और आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती देगा।
चौथा कॉरिडोर: सीधे एयरपोर्ट तक मिलेगी हाई-स्पीड कनेक्टिविटी-
गाजियाबाद से जेवर एयरपोर्ट तक प्रस्तावित यह कॉरिडोर आने वाले वर्षों में बेहद अहम साबित होगा, क्योंकि इससे एयरपोर्ट तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। इस कॉरिडोर से बड़े स्तर पर रियल एस्टेट हब (real estate hub) तैयार होने की संभावना है क्योंकि 72 किमी लंबे और 22 स्टेशन वाले इस कॉरिडोर के आसपास विकास की सुनामी आने वाली है।
गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार (Siddharth Vihar of Ghaziabad) से शुरू होने वाला यह कॉरिडोर सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक जाएगा, जिसकी कुल लंबाई 72.44 किलोमीटर होगी। पूरे रूट पर 22 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनमें 11 रैपिड रेल (rapid rail) और 11 मेट्रो स्टेशन के रूप में संचालित होंगे। एयरपोर्ट परिसर के भीतर 1.1 किलोमीटर का हिस्सा भूमिगत रहेगा। इसके साथ ही फिल्म सिटी (film city) से एयरपोर्ट तक 14.2 किलोमीटर लंबा एलआरटी प्रोजेक्ट (LRT Project) भी शामिल होगा, जबकि सूरजपुर को बड़े जंक्शन के रूप में विकसित किया जाएगा।
यहां से गुरुग्राम, फरीदाबाद और नोएडा (noida) को जोड़ने वाले प्रस्तावित कॉरिडोर को इंटीग्रेट किया जाएगा। इस बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए यात्री इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (Indira Gandhi International Airport) से सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक बिना रुकावट और कम समय में आसानी से सफर कर सकेंगे।
