Gehu ka Bhav : किसानों को बड़ी सौगात, सरकार ने 160 रुपये बढ़ाई गेहूं की कीमत
Gehu ka Bhav - उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है। कैबिनेट की बैठक में गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में ₹160 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी का फैसला लिया गया है। इस वर्ष गेहूं का MSP ₹2,585 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जिससे किसानों को अपनी फसल का बेहतर मूल्य मिलेगा और उनकी आय बढ़ेगी-
HR Breaking News, Digital Desk- (Gehu ka Bhav) उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में किसानों को राहत देने वाला अहम फैसला लिया गया है। कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने बताया कि गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में ₹160 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। खाद्य और रसद विभाग के अनुसार, इस वर्ष गेहूं का MSP ₹2585 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो पिछले साल से ₹160 अधिक है।
सरकार का मानना है कि इस फैसले से किसानों को फसल का बेहतर मूल्य (Better crop prices for farmers) मिलेगा और उनकी आय में बढ़ोतरी होगी।
गेहूं की खरीद 15 जून 2026 तक जारी रहेगी-
खबर के अनुसार, राज्य में गेहूं की खरीद प्रक्रिया (Wheat procurement process in the state) 30 मार्च 2026 से शुरू होकर 15 जून 2026 तक चलेगी। इस दौरान पूरे प्रदेश के 75 जिलों में करीब 6,500 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी तरह की समस्या न हो। सरकार ने खरीद कार्य के लिए कुल 8 एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी है, जिनमें FCI, यूपी मंडी परिषद, PCF, PCU, UPSS, NAFED और NCCF शामिल हैं।
35 प्रस्ताव को मिली मंजूरी-
यूपी कैबिनेट की आज हुई बैठक में 35 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने कहा कि नया उत्तर प्रदेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की शक्ति को अपना रहा है। Puch AI के साथ ₹25,000 करोड़ के MoU के तहत राज्य में AI पार्क, बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर, AI कॉमन्स और एक AI यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी। इसका उद्देश्य शासन को मजबूत करना, सुधारों को बढ़ावा देना और युवाओं के लिए भविष्य के अवसर तैयार करना है।
ऊर्जा क्षेत्र में लिए गए बड़े फैसले -
उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) ने ऊर्जा क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए कई अहम फैसले किए हैं। ऊर्जा विभाग से जुड़े प्रस्तावों को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है, जिनका मकसद बिजली उत्पादन बढ़ाना और नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable energy) को प्रोत्साहित करना है। घाटमपुर पावर प्लांट में 660 मेगावॉट की तीन यूनिट स्थापित की जा रही हैं, जिनमें से दो यूनिट पहले ही चालू हैं और तीसरी यूनिट जल्द ही संचालन में आएगी।
इस परियोजना के लिए साल 2016 में भारत सरकार ने झारखंड के दुमका जिला (Dumka district of Jharkhand) में पछवारा कोल माइन को आवंटित किया था। अब इस कोल माइन के विकास के लिए ₹2,242.90 करोड़ की राशि को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। यह पावर प्लांट केंद्र (power plant center) और राज्य सरकार का संयुक्त उपक्रम है, जिससे प्रदेश में बिजली उत्पादन क्षमता को और मजबूती मिलेगी।
गोरखपुर को बनाया जाएगा अगला सोलर सिटी-
अयोध्या के बाद अब गोरखपुर को सोलर सिटी (Gorakhpur as solar city) के रूप में विकसित करने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है। मंत्रिपरिषद ने गोरखपुर के चिलुआताल में 20 मेगावॉट क्षमता का फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगाने को मंजूरी दी है। राज्य में इससे पहले दो फ्लोटिंग सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं-एक औरैया जिले में NTPC द्वारा 20 मेगावॉट और दूसरा खुर्जा में THDC द्वारा 11 मेगावॉट क्षमता वाला।
गोरखपुर में प्रस्तावित यह फ्लोटिंग सोलर प्लांट कोल इंडिया लिमिटेड (Floating Solar Plant Coal India Limited) द्वारा स्थापित किया जाएगा। सरकार के इन फैसलों से न केवल पारंपरिक ऊर्जा उत्पादन को मजबूती मिलेगी, बल्कि नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश तेजी से प्रगति करेगा।
