guar bhav : 32 हजार रुपए क्विंटल की तेजी की तरफ बढ़ रहा ग्वार का भाव, एक झटके में इतनी बढ़ी कीमत
guar bhav :ग्वार की कीमतों ने एक बार फिर से बाजार में हलचल मचा दी है। बीते कुछ ही दिनों में ग्वार का रेट हाईलेवल पर जा पहुंचा है। अब एक फिर से ग्वार साल 2012 में आई रिकॉर्ड तोड़ तेजी की तरफ बढ़ रहा है। दरअसल, अंतरराष्ट्री स्तर पर ग्वार की तेजी से डिमांड बढ़ी है जिसके चलते अचानक ग्वार के दाम बढ़ गए हैं। बाजार जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में ग्वार में बंपर उछाल देखने को मिल सकता है। आईये नीचे खबर में जानते हैं आज का ताजा मंडी भाव -
HR Breaking News - (guar mandi bhav)। ग्वार ने देशभर की मंडियों में तहलका मचा दिया है। दरअसल, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ग्वार की डिमांड बढ़ी है जिसकी वजह से भारतीय बाजार में ग्वार के रेट अचानक सातवें आसमान पर जा पहुंचे हैं। ग्वार में आई तेजी के बाद किसानों और व्यापारियों में हलचल पैदा हो गई है। इस समय बाजारों मे ग्वार की कीमतों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
हाल ही के दिनों में जबरदस्त उछाल आने से सभी को साल 2012 में आई तूफानी तेजी की याद आ गई है। अनुमान लगाए जाने लगे हैं कि क्या रेट फिर से 32 हजार रुपये क्विंटल तक जा सकता है। इसपर कई बड़े बाजार एक्सपर्ट ने भी अपनी राय दी है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ग्वार की मांग बढ़ी है इससे यह साफ होता है कि ग्वार भाव (guar bhav) लंबी छलांग लगा सकता है।
इस वजह से आई ग्वार में तेजी -
थोक कारोबारी संपत खेतान का कहना है कि अचानक ग्वार के भाव में आई जबरदस्त तेजी के पीछे कई मुख्य कारण है इसमें तीन सबसे प्रमुख कारण हैं पहला, इस बार खूब बारिश हुई है जिसकी वजह से ग्वार की फसलों को नुकसान हुआ है। रिकॉर्ड के अनुसार ग्वार की पैदावार लगभग 20 प्रतिशत तक कम हुई है। दूसरा, अमेरिका में ग्वार की तेजी (guar mandi bhav) से मांग बढ़ी है। तीसरा, भावों में उछाल देखकर किसानों ने पिछले एक पखवाड़े से ग्वार की बिक्री लगभग बंद कर दी है। किसानों ने ग्वार का स्टॉक किया हुआ है वह इसके दामों के बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं।
1700 रुपये महंगा हुआ ग्वार
अमेरिका में ग्वार (guar bhav hike) की मांग बढ़ी है जिसकी वजह से भारतीय बाजार में का रेट केवल 15 दिनों में 1700 रुपये प्रति क्विंटल महंगा होकर 6000 रुपये प्रति क्विंटल तक जा पहुंचा है। अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ने के कारण घरेलू बाजार में ग्वार के भाव तेजी से ऊपर की ओर दौड़ रहे हैं। ग्वार में तेजी आने के बाद किसानों में खुशी का माहौल है। किसानों में ग्वार के अच्दे रेट मिलने की उम्मीद जगी है और ग्रामीण इलाकों में इसकी खेती को लेकर फिर से रुझान बढ़ा है।
पिछले एक पखवाड़े में ग्वार के थोक दामों (guar ka rate) में रिकॉर्ड तेजी दर्ज की गई है। पहले जहां मंडियों में ग्वार 4200 से 4300 रुपए प्रति क्विंटल तक चल रहा था, वहीं अब इसके भाव एक झटके में सीधे 6,000 रुपए प्रति क्विंटल तक जा पहुंचे हैं, जो किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगा। अचान ग्वार में तेजी आने के बाद कुछ किसान मंडियों में स्टॉक ग्वार को लेकर पहुंच रहे हैं और ऊंचे दामों पर बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं।
आवक पर सीधा असर -
ग्वार के रेट उछलने से मंडियों में आवक (taja guar mandi bhav) पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सीकर मंडी सहित आसपास की प्रमुख मंडियों में पिछले एक पखवाड़े से ग्वार की आवक लगभग बंद हो चुकी है। किसान लगातार बढ़ते दामों को देखते हुए फिलहाल अपनी उपज बाजार में लाने से बच रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में ग्वार के भाव और ऊपर जा सकते हैं।
मंडी में आवक कम होने के चलते अब कारोबारी और स्टॉकिस्ट नए तरीके अपनाने लगे हैं। थोक व्यापारियों ने मंडी (Mandi Rate) से खरीद की बजाय सीधे गांवों का रुख करना शुरू कर दिया है। वे किसानों के घर या खेत तक पहुंचकर ग्वार की खरीद कर रहे हैं। इससे किसानों को भी सुविधा मिल रही है। अच्छे भाव की उम्मीद में जिन किसानों ने ग्वार का स्टॉक (guar bhav) करके रखा था उन्हें इन भावों के बढ़ने से काफी अधिक फायदा हो रहा है।
32 हजार रुपये क्विंटल की ओर बढ़ रहा ग्वार -
व्यापारियों का कहना है कि जिनके पास पहले से ग्वार (guar bhav) का स्टॉक मौजूद है, उन्होंने भी फिलहाल ग्वार बेचना बंद कर दिया है। सीकर मंडी के व्यापारी सुभाष बुबना के अनुसार एनसीडेक्स पर ग्वार के थोक बाजार खुलने के बाद वहीं के भावों के आधार पर स्थानीय मंडियों में दाम तय किए जा रहे हैं। एनसीडेक्स में मजबूती आने से मंडी के भावों को सपोर्ट मिला है।
बता दें कि साल 2012 में भी ग्वार के दामों में ऐतिहासिक उछाल देखने को मिला था, जब ग्वार अचानक 32,000 रुपए प्रति क्विंटल जा पहुंचा था। उस समय भी अमेरिका में मांग बढ़ने से रेट (guar bhav hike) उछाले थे। कृषि विभाग के अनुसार जिले में हर साल लगभग 1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में ग्वार की खेती की जाती है, जिससे औसतन 10 लाख क्विंटल उत्पादन होता है। अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में ग्वार भाव में भारी उछाल आ सकता है।
