IMD Weather Change : मौसम में आया बड़ा परिवर्तन, एसी पंखों की जगह निकल गए कंबल, जानें क्या कारण
HR Breaking News : (Weather Updates) मार्च महीने की शुरुआत से ही देश की ज्यादातर इलाकों में गर्मी का एहसास होना शुरू हो गया था, लेकिन अब बीते दो-तीन दिन से एक बार फिर से मौसम करवट लेता हुआ नजर आ रहा है। मौसम में हुए इस बदलाव का असर लोगों की दिनचर्या पर पड़ा है। तपती गर्मी की वजह से एक तरफ जहां एसी और कूलर शुरू करने का प्लान कर रहे थे, वहीं लोग अब बदल रहे मौसम के इस मिजाज को देखते हुए कंबल तथा गर्म कपड़े वापिस निकालने लगे हैं। ऐसे में हर किसी के मन में अब यही सवाल चल रहा है कि बढ़ती गर्मी के बीच मौसम ने यू टर्न (IMDAlert) क्यों लिया? आइए जानते हैं कि मौसम का यह दौर कब तक जारी रहेगा और इस बदलाव के पीछे क्या-क्या कारण है।
मौसम के पूर्वानुमान का अपडेट
आईएमडी की तरफ से दिल्ली एनसीआर तथा उसके आसपास के इलाकों (Delhi-NCR Weather) के मौसम को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया गया है। मौसम विभाग की तरफ से बताया गया है कि दिल्ली एनसीआर व उसके आसपास के इलाकों में बीते कल से बरसात का दौर शुरू हो चुका है और यह 21 मार्च 2026 तक बना रहेगा। 18 से 21 मार्च के बीच दिल्ली एनसीआर में 100 से 150 मिलीमीटर बरसात होने की संभावना है।
बरसात के इस दौर में जनवरी जैसा मौसम होने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि 20 मार्च को तापमान में गिरावट आ सकती है और यह 18 डिग्री सेल्सियस से लेकर 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। मौसम विभाग की तरफ से कहा गया है कि बरसात के इस दौर में न की लोगों को गर्मी से छुटकारा मिला है बल्कि एक बार फिर गर्म कपड़े पहनने पड़ सकते हैं।
आईएमडी की तरफ से अलर्ट (IMD Alert) जारी करते हुए बताया गया है कि 19 और 20 मार्च को उत्तर प्रदेश, हरियाणा तथा पंजाब के ज्यादातर इलाकों में तेज बरसात और ओलावृष्टि के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम में हो रहा यह बदलाव (Weather Change) देश की पश्चिम दिशा से आने वाले वेस्टर्न डिस्टरबेंस (Western Disturbance) की वजह से हो रहा है।
हजार किलोमीटर लंबा रेनबैंड क्या है?
पश्चिमी विक्षोभ को लेकर एक खास बात (Latest Weather Updates) सामने आई है। भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के ऊपर करीब 1000 किलोमीटर लंबी बारिश वाली पट्टी (रेनबैंड) देखी गई है। आम तौर पर ऐसे सिस्टम घुमावदार होते हैं, लेकिन यह रेनबैंड सीधी लाइन में बना हुआ है, जो बहुत कम देखने को मिलता है। इस तरह की सीधी और लंबी संरचना अक्सर भारी बारिश, बिजली गिरने, तेज हवाएं चलने और बड़े तूफान का कारण बन सकती है।
इस पश्चिमी विक्षोभ का क्या पड़ा असर ?
इस सिस्टम के आने से कुछ दिन पहले उत्तर भारत (Active Western Disturbance) के कई इलाकों में मार्च के हिसाब से बहुत ज्यादा गर्मी पड़ रही थी। दिल्ली जैसे शहरों में तापमान करीब 37°C तक पहुंच गया था और तपती गर्मी की वजह से लोगों को कई तरह की परेशानियां हो रही थी, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के आने से मौसम अचानक बदल गया। कई जगह बारिश हुई, गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ीं और ठंडी हवाएं चलीं। इससे तापमान 3°C से 7°C तक गिर गया और लोगों को गर्मी से राहत मिली।
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 20 मार्च 2026 तक उत्तर-पश्चिम भारत में बिजली, तेज हवाओं और मध्यम से तेज बारिश का असर बना रह सकता है। मौसम विभाग की तरफ से लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है।
आईएमडी की तरफ से अपडेट (Mausam updates) जारी करते हुए बताया गया है कि मौसम में हो रही इस बदलाव को ध्यान में रखते हुए लोगों को पहले से ही सावधान रहना चाहिए। मन में अचानक आने वाली इस गिरावट की वजह से लोगों को अब दोबारा से ऊनी कपड़े पहनने की जरूरत पड़ सकती है।
