फेरोमोन ट्रैप लगाकर अमरुद पर मक्खी के हमले से बचाव कर सकेंगे किसान
HR Breaking News (Agriculture News) कुछ समय से अमरुद पर फल मक्खी का प्रकोप देखने को मिल रहा है, जिससे किसान परेशान है। अगर समय रहते इसे नियंत्रित नहीं किया जाता है तो ऐसे में किसानों को नुकसान झेलना पड़ सकता है। अब इस समस्या से निजात पाने के लिए किसानों को फेरोमोन ट्रैप (pheromone trap) लगाने की सलाह दी जा रही है, जिससे किसान अमरुद पर मक्खी के हमले से बचाव कर सकेंगे।
कैसे करें अमरुद फल पर मक्खी से बचाव
अमरुद पर फल मक्खी (Fruit fly on guava) के हमले से किट फल के भीतर अंडे देकर उसे सड़ाने लगते हैं। अगर समय रहते कंट्रोल ना किया जाए तो ऐसे में उत्पादन में 80 प्रतिशत तक नुकसान झेलना पड़ सकता है। बचाव के लिए फेरोमोन ट्रैप, मिथाइल यूजेनॉल ट्रैप और बाघ की साफ सफाई जैसे उपाय सही रहते हैं। हरियाणा के उद्यान विभाग (Horticulture Department of Haryana) में निगरानी और प्रबंधन के लिए एडवाइजरी जारी की गई है।
अमरुद के बागों में फल मक्खी की पुष्टि
फतेहाबाद के भुना इलाके जीरो देहमान के साथ ही पास के इलाकों में अमरुद के बागों में फल मक्खी की पुष्टि की गई है। कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ का कहना है कि मक्खी अमरूद के साथ ही आम, पपीता और नींबू वर्गीय फलों को भी नुकसान पहुंचाती है। प्रति हेक्टेयर 15 से 20 डेल्टा या पीले स्टिकी ट्रैप (yellow sticky trap) और 10 से 15 मिथाइल यूजेनॉल ट्रैप लगाए जाने की संभावना हैं।
निगरानी के लिए बाग में लगाए ट्रैप
इसके लिए आप जमीन पर गिरे और संक्रमित फलों को तुरंत सुरक्षित तरीके से नष्ट (destroy infected fruits) करें। फल मक्खी की निगरानी और कंट्रोल के लिए बाग में ट्रैप लगाएं। मिथाइल यूजेनॉल ट्रैप (Methyl Eugenol Trap) नर मक्खियों को फसाने में मदद करता है। 40 से 60 दिन के भीतर पर ल्यूर बदलने की सलाह दी जाती है। हालांकि इसकी अवधि उत्पाद और मौसम पर डिपेंड करती है।