Gehu Rate 15January : नए MSP के नीचे गिरे गेहूं के रेट, दिल्ली, हरियाणा-पंजाब में 15% की गिरावट 

Wheat Mandi Bhav 15 jan. गेहूं की कीमतों में बीते काफी दिनों से बंपर तेजी देखने को मिल रही थी। लेकिन अब अचानक गेहूं का रेट नए न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे आ गया है। वहीं दिल्ली, पंजाब और मध्य प्रदेश में गेहूं (Gehu rate down) सालाना 15 प्रतिशत की दर से सस्ता हुआ है। इस समय रबी का सीजन चल रहा है और कुछ ही महीनों में बाजार में नई गेहूं पहुंचने लगेगी। इससे आने वाले दिनों में गेहूं और भी सस्ती हो सकती है। आईये नीचे खबर में जानते हैं आज का ताजा मंडी भाव - 

 

HR Breaking News - (Wheat Rate Down)। देश लगभग सभी राज्यों की मंडियों में कई दिनों से ही गेहूं का रेट न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर कारोबार कर रहा है। अब लंबे समय के बाद गेहूं की कीमतें नए MSP से नीचे आ गई है। इससे देशभर के प्रमुख गेहूं उत्‍पादक राज्‍यों में किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। बाजारों में पिछले साल के मुकाबले गेहूं का भाव (Gehu Ka Taja Bhav) कमजोर बना हुआ है तो वहीं, दूसरी ओर गेहूं की कीमत नए MSP- 2585 रुपये प्रति क्विंटल से भी नीचे आ गई हैं, जो साफ संकेत दे रहे हैं कि जब बाजारों नई गेहूं पहुंचने लगेगी तो रेट और भी गिरेंगे।

हालांकि, सरकार गेहूं सरकारी रेट MSP पर खरीद करेगी। इसके बावजूद किसानों में चिंता बनी हुई है कि कहीं आने वाले दिनों में गेहूं के रेट (Wheat New MSP) में बड़ी गिरावट न देखनें को मिले, उनकी परेशानी स्वभाविक है, क्योंकि मार्च से अप्रैल महीने में गेहूं की फसल तैयार हो जाएगी और उससे पहले रेट में फेरबदल किसानों की नींद उड़ा रहे हैं। 

गेहूं में और आएगी गिरावट - 

मौजूदा समय में मंडियों में बिकने वाला गेहूं (Gehu Mandi bhav) साल 2024 रबी सीजन में उगाया गया है। यानी रबी मार्केटिंग सीजन 2025-26, जिसके लिए गेहूं का MSP 2,425 रुपये प्रति क्विंटल तय है। वहीं, रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए सरकार ने गेहूं का MSP बढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है, जो मार्च के अंत या अप्रैल से आने वाली नई फसल पर लागू होगा। लेकिन जनवरी 2026 में कई बड़े गेहूं उत्पादक राज्यों में गेहूं की कीमत नए MSP (Wheat New MSP) से नीचे आने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। 


नए MSP से नीचे आया गेहूं - 


जनवरी 2026 के थोक आंकड़े में साफ नजर आ रहा है कि कई राज्यों में पुराने MSP से दाम ऊपर और नए MSP से नीचे बने हुए हैं। हालांकि, यह फर्क बस 40 से 50 रुपये का है। जनवरी 2026 में राज्यवार थोक दाम देखें तो उत्तर प्रदेश में औसतन 2,537 रुपये, मध्य प्रदेश में 2,578 रुपये, राजस्थान (Rajasthan Mandi Bhav) में 2,639 रुपये और बिहार (Bihar Gehu Mandi Rate) में 2,640 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास चल रहे हैं। पंजाब में गेहूं का औसत भाव 2,560 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है और हरियाणा में दिसंबर के आंकड़ों के आधार पर 2,598 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है। ये सभी भाव नए MSP 2,585 रुपये के आसपास चल रहे हैं। 


गेहूं में 13 से 16% की बड़ी गिरावट - 


अगर वार्षिक आंकड़ों पर नजर डालें तो गेहूं भाव में जनवरी 2025 के मुकाबले जनवरी 2026 में पंजाब-हरियाणा (Punjab Haryana Gehu Rate) में लगभग 16%, दिल्ली में 15%, गुजरात और मध्य प्रदेश में 13 से 14% तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। ऐसे में रिकॉर्ड गेहूं के उत्पादन के बीच आ रही गिरावट की वजह से किसानों की टेंशन बढ़ती जा रही है, क्‍योकि साल 2022 से ही गेहूं का एक्‍सपोर्ट बैन (Wheat export ban) है और घरेलू बाजार में कीमतें गिरती जा रही है। 


केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए बताया है कि इस बार मौसम अच्छा रहा है और गेहूं का उत्पादक अधिक होने की संभावना है। ऐसे में मंडियों में गेहूं की आवक बढ़ने से इसक रेट और भी गिर सकते हैं। ऐसा होने पर किसानों के पास अंत में सरकार को एमएसपी पर गेहूं (Wheat MSP Hike) बेचने से ही सहारा मिलेगा।