Gehu Rate 25 March : नई MSP से नीचे बिक रही गेहूं, जान लें आज का मंडी रेट 

Gehu Rate 25 March 2026 - गेहूं की कीमतों में उतार चढ़ाव का दौर जारी है। पिछले दिनों में तेजी के बाद अब गेहूं में गिरावट दर्ज की जा रही है। आज देश भर की मंडियों में गेहूं का नए न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे बिक रही है। हालांकि, आज कई मंडियों में 20 से ₹30 क्विंटल तक की तेजी देखी गई है। चलिए नीचे कर में जानते हैं आज का ताजा मंडी भाव -

 

HR Breaking News - (Wheat Rate Today)। गेहूं उत्पादक किसानों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। रबी सीजन 2026 गेहूं फसल कुछ ही दिनों में तैयार होने वाली है और इस समय मंडियों में आई गिरावट के बाद किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। आज 25 मार्च 2026 को गेहूं का भाव स्थिर रहा है। कुछ मंडियों में 20 से 30 रुपए क्विंटल तक की तेजी आई है। देश की राजधानी दिल्ली में गेहूं बाजार (Delhi Gehu Bhav) में आज ज्यादा हलचल नहीं देखने को मिली। अन्य मंडियों में भी नई फसल की तेज आवक और स्थिर मांग के बीच भाव एक सीमित दायरे में कारोबार करता नजर आया। 


देश की प्रमुख मंडियों में गेहूं का भाव - 


राजधानी दिल्ली में आज गेहूं का भाव (Gehu Ka Bhav) 2600 रुपए क्विंटल रहा है, जबकि नरेला में ₹25 की तेजी के साथ गेहूं 2475 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है। नजफगढ़ में ₹25 की तेजी के साथ 2450 रुपए क्विंटल पर कारोबार कर रही है। इंदौर में 2300 और गुजरात की मंडी में गेहूं की कीमत (Wheat Rate) 2125 से 2230 रुपए क्विंटल के बीच चल रही है। वही महाराष्ट्र के मंडी में गेहूं का भाव 2155 से 2255 रुपए प्रति क्विंटल के बीच रहा है। 


पोर्ट स्तर पर गेहूं के बाजार पर नजर डालें तो तेजी देखने को मिल रही है। कांडला पोर्ट पर गेहूं की कीमत (Gehu ki Kimat) 2330 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास है और कई हफ्तों से 2300 रुपए के ऊपर बनी हुई है, जो बाजार को एक मजबूत आधार दे रही है। फिलहाल मल्टीनेशनल कंपनियों ने गेहूं की खरीद बढ़ा दी है। इसके साथ ही प्राइवेट गेहूं स्टॉकिस्ट भी एक्टिव हुए हैं, जिसकी वजह से बाजार में लिक्विडिटी बनी हुई है और गेहूं की कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है। देखा जाए तो देश की लगभग सभी मंडियों में इस समय गेहूं नई MSP से नीचे कारोबार कर रही है

अंतरराष्ट्रीय बाजार में गेहूं का भाव - 


अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी मजबूती देखने को मिल रही है, जिसकी वजह से घरेलू स्तार पर गेहूं ज्यादा नीचे नहीं आई है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों (crude oil prices) का भी असर कमोडिटी बाजार पर दिख रहा है जिससे गेहूं को सपोर्ट मिल रहा है।

बीते कुछ हफ्तों से सभी राज्यों में मौसम खराब चल रहा है। कई जगहों पर तेज बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि की वजह से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। इसके बावजूद कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस साल पिछले साल की तुलना में गेहूं का अच्छा उत्पादन होने का अनुमान है।