Haryana News : हरियाणा के 1 लाख 50 हजार किसानों ने छोड़ी पीआर धान
HR Breaking News (Haryana News) हरियाणा में जहां एक ओर सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई प्रयासों में जूटी है। वहीं, दूसरी ओर प्रदेश के डेढ़ लाख किसानों ने पीआर धान (PR Paddy) से दूरी बना ली है। इस बार पोर्टल पर कुल 57.75 एकड़ का ही रजिस्ट्रेशन कराया गया है, जो बीते वर्ष की तुलना में बेहद कम है। खबर में जानिए किसानो ने क्यों पीआर धान से दूरी बनाई है।
पिछली बार कितने किसानों ने कराया था पंजीकरण (Farmers News)
पिछली बार मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल (meri fasal mera byora portal) पर 11.7 लाख किसानों ने 73.48 लाख एकड़ का रजिस्ट्रेशन कराया था। इस बार 9,60,874 किसने की ओर से 57,75,937 एकड़ का रजिस्ट्रेशन कराया। 31 जुलाई तक रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाने वाले किसानों के लिए सरकार की ओर से 21 से 29 सितंबर तक पोर्टल दोबारा ओपन किया गया था। 7 दिनों में सिर्फ 5874 किसानों की ओर से ही 38000 एकड़ का रजिस्ट्रेशन कराया गया।
तहसील और SDM कार्यालय में हो रही जांच
अब तहसील और SDM कार्यालय में जांच का कार्य हो रहा है। अब भी कई किसान ऐसे हैं, जिनका डाटा मिसमैच हो रहा है। जिस खेत में धान की फसल (dhaan ki fasal) खड़ी है, पोर्टल पर उसमें गन्ना दिख रहा है। आज 30 सितंबर तक वेरिफिकेशन करना भी एक बड़ी चुनौती है। कृषि विभाग (agriculture department) के अधिकारियों के अनुसार रजिस्ट्रेशन का वेरिफिकेशन चल रहा है, ऐसे में अब अगले दो से तीन दिनों में एरिया का डाटा बढ़ने की संभावना है।
मंडियों के गेटों पर लगे कैमरे
धान के खरीद के लिए मंडियों के गेटों पर 883 सीसीटीवी कैमरे (CCTV cameras at gates of markets) भी लगा दिए गए हैं। बीते वर्ष की तुलना में भिवानी, हिसार में अभी बेहद कम (Crop Registration in Hisar) रजिस्ट्रेशन हुए हैं। हिसार में 2025 में 6.86 लाख एकड़ का रजिस्ट्रेशन हुआ था और इस बार अब तक 3074.822 एकड़ का रजिस्ट्रेशन हुआ है। बारीक धान लगाने वाले किसानों को बढ़िया मुनाफा हो रहा है।
6000 रुपये से अधिक रहेगा बासमती का रेट (basmati ka rate)
धान 1509 किस्म 4300 प्रति क्विंटल तक बिक चुका है। पिछली बार 3000 रुपये प्रति क्विंटल तक बेचा गया था। चावल एक्सपर्ट्स के अनुसार 1121 का रेट 5000 रुपये प्रति क्विंटल से ऊपर रहने की संभावना है। बासमती का रेट (Basmati rate) 6000 रुपये से अधिक रह सकता है। मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक अंबाला में 37,507 किसानों की ओर से 229345.37 एकड़ फसल का रजिस्ट्रेशन कराया गया है। ऐसे ही भिवानी में 70402 किसानों ने 406118.30 एकड़ फसल का रजिस्ट्रेशन कराया है।
किन जिलों के किसानों ने कितना कराया रजिस्ट्रेशन
चरखी दादरी में 43077 किसानों ने 205300 एकड़ (fasal ka panjikaran), फतेहाबाद में 59301 किसानों ने 417768.92 एकड़, हांसी में 27345 किसानों ने 163934.39 एकड़, हिसार में 54900 किसानों ने 307434.82 एकड़, झज्जर में 31747 किसानों ने 201481.72 एकड़, जींद में 38659 किसानों ने 372491.25 एकड़, कैथल में 50825 किसानों ने 389490.61 एकड़, करनाल में 54002 किसानों ने 407495.11 एकड़, कुरुक्षेत्र में 45548 किसानों ने 301091.25 एकड़ पीआर धान का पंजीकरण कराया है।
पानीपत में 19727 किसानों ने 150290.30 एकड़, रोहतक में 29853 किसानों ने 175994.75 एकड़, सिरसा में 91088 किसानों ने 671925.48 एकड़ फसल का पंजीकरण कराया है।
किसान के सामने आई बड़ी समस्या
इसके अलावा सोनीपत में 35315 किसानों ने 215959.85 एकड़, यमुनानगर में 46382 के सामने 238738.81 एकड़ पीआर धान का रजिस्ट्रेशन कराया है। बीते दिनों पटवारियों के हड़ताल के चलते किसान के सामने बड़ी परेशानी आ गई। वेरिफिकेशन नहीं होने से पोर्टल पर डाटा मिसमैच हो रहा है। जिस खेत में धान (kitne kisano ne kraya fasal ka registration) की फसल खड़ी है, पोर्टल पर उसमें गन्ने की फसल दिखाई पड़ रही है। इस मिसमैच की वजह से गेट पास नहीं कर पा रहे हैं।
हर साल कब होती है गिरदावरी
बड़ी संख्या में किसान मंडी में गेट पास कटवाने पहुंचे हैं, लेकिन पोर्टल पर उनकी फसल मिसमैच दिख रही है। एक अकेला यमुनानगर ऐसा है, जिसमे लगभग एक लाख 10,000 एकड़ ज्यादा रकबा मिसमैच हुआ है। किसानों की बोई फसल का सही ब्योरा दर्ज करने के लिए हर साल गिरदावरी होती है। सामान्य तौर पर राजस्व विभाग के पटवारी (Patwari of Revenue Department) 10 से 15 सितंबर तक खेती में जाकर यह काम को पूरा करते हैं। इस बार तय अवधि में गिरधारी नहीं हो पाई है। बाद में जल्द में गिरदावरी कराई गई, लेकिन फिर भी कमियां रही गई है।