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Haryana में प्रति एकड़ धान खरीद की लिमिट तय, ज्यादा उत्पादन पहले होगी जांच

Haryana dhan kharid limit : हरियाणा में सरकार की तरफ से धान खरीद पर पहली बार लिमिट लगाई गई है। यह लिमिट सरकार ने पिछले 3 साल के औसत उत्पादन प्रति एकड़ को हिसाब में रखकर लगाई गई है। पहली बार ऐसा होगा कि मंडियों में एक तय लिमिट तक धान बगैर जांच के खरीदा जाएगा। उससे ऊपर धान की खरीद जांच के बाद ही की जा सकती है, चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से- 
 

HR Breaking News (Haryana me Dhan Kharid) हरियाणा के किसानों के लिए बड़ी खबर है। सरकार की तरफ से धान खरीद की शुरुआत की जाने वाली है, उससे पहले सरकार ने प्रति एकड़ के हिसाब से धान खरीद पर लिमिट लगा दी है। मंडी में उससे ज्यादा धान लाई गई तो उस पर जांच की जाएगी और जांच के बाद ही खरीदी की जा सकती है। हरियाणा में जिला वार खरीद का कोटा भी तय कर दिया गया है। 

 

 

3 साल के आंकड़ों के आधार पर लिया फैसला (paddy procurement Haryana)


सरकार ने धान की लिमिट तय करने में 3 साल के आंकड़े उठाए हैं। इसमें साल 2023, 24 और 25 के धान का उत्पादन देखा, इसके हिसाब से औसत आंकड़े तैयार किए हैं। हर जिले में प्रति एकड़ का औसत अलग निकला है। इसी के आधार पर जिले में धान की खरीद की जाएगी। विभाग की तरफ से यह आंकड़े खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को भेजे गए हैं। अब किसान ऐप (Kisar App Haryana) के माध्यम से इन आंकड़ों को दर्ज किया जाएगा, जिस जिले में किसानों के लिए औसत फसल उत्पादन निकल गया है, उसी के अनुसार बिक्री की जाएगी। 

खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री ने कही यह बात (Haryana Minister of Food and Supplies)


हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश (Haryana Minister of Food and Supplies) नागर हैं, उनके हवाले से मीडिया में कहा गया है कि अगर किसी के खेत में अधिक धान का उत्पादन हुआ है तो जांच के बाद उसकी खरीद की जाएगी। केंद्र सरकार के निर्देश पर जिला वार खरीद की योजना बनाई है। किसानों को किसी प्रकार का आर्थिक नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। 


कम भी मिल सकते हैं भाव (Haryana Dhan ki kimat)


मीडिया रिपोर्ट के अनुसार किसानों का अगर औसत उत्पादन से ज्यादा धान निकलता है तो उसकी खरीद में भाव कम मिल सकता है। वहीं, नहीं तो अतिरिक्त धान घर पर रखना पड़ सकता है। किसा तय सीमा से ज्यादा फसल नहीं भेज पाएंगे। वहीं किसानों को कहना उनके पास इतनी जगह नहीं है कि धान घर पर स्टोर करके रखा जा सके। 

केंद्र ने हरियाणा में धान खरीद का कोटा किया तय (Dhan Kharid limit in Haryana)


वहीं केंद्रीय खाद्य मंत्रालय की तरफ से हरियाणा में इस बार 58 लाख टन से ज्यादा धान (Paddy procurement limit) नहीं खरीदा जाएगा। पिछली बार सरकार की तरफ से 62 लाख टन से ज्यादा की धान खरीद की गई थी। इसमें प्रदेश में अतिरिक्त चावल का उत्पादन भी देखने को मिला था। इसके बाद केंद्रीय खाद्य मंत्रालय की तरफ से अतिरिक्त चावल को नहीं खरीदा गया, ऐसे में ढाई लाख टन चावल अभी भी हरियाणा में ही है। इसे लेकर चावल मिल मालिक लगातार सरकार से मांग कर रहे हैं और एफसीआई को दिए जाने की बात कर रहे हैं। बता दें कि हरियाणा में मोटे धान की खरीद सरकार के द्वारा की जाती है। सरकार के इस फैसले का किसान यूनियन की तरफ से विरोध भी किया जा रहा है। 

किस जिले में कितनी खरीदी जाएगी धान
जिला प्रति एकड़ धान खरीद लिमिट
कुरुक्षेत्र 29.26 क्विंटल
फतेहाबाद 28.31 क्विंटल
यमुनानगर 27.73 क्विंटल
कैथल 27.39 क्विंटल
पंचकूला 26.86 क्विंटल
अंबाला 26.26 क्विंटल
महेंद्रगढ़ 25.58 क्विंटल
रेवाड़ी 25.58 क्विंटल
पानीपत 25.53 क्विंटल
करनाल 25.25 क्विंटल
झज्जर 25.08 क्विंटल
चरखी दादरी 24.85 क्विंटल
सिरसा 24.84 क्विंटल
रोहतक 24.61 क्विंटल
जींद 24.43 क्विंटल
सोनीपत 23.99 क्विंटल
नूंह 23.42 क्विंटल
गुरुग्राम 23.28 क्विंटल
भिवानी 23.19 क्विंटल
फरीदाबाद 22.33 क्विंटल
हिसार 21.77 क्विंटल
हंसी 21.77 क्विंटल
पलवल 21.39 क्विंटल