Sarso Mandi Rate : सरसों में जबरदस्त तेजी, जान लें आगे कैसा रहेगा भाव 

sarso mandi bhav : सरसों की कीमतों में उठक-पटक लगातार जारी है। बीते दिनों आई गिरावट के बाद अब एक बार फिर से मंडियों में सरसों का भाव उछला है। आज 22 मार्च को देश की विभिन्न मंडियों में सरसों में तेजी दर्ज की गई है। इससे किसानों के चेहरे पर खुशी आई है। दरअसल, इस समय सरसों की फसल तैयार हो चुकी है। ऐसे में तेजी आने से किसान फसल को ऊंचें दामों (Sarso rate) पर बेचकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं लेकिन सवाल ये भी है कि आने वाले दिनों में सरसों का भाव कहां तक जा सकता है। आईये नीचे खबर में समझते हैं - 

 

HR Breaking News - (sarso bhav)। सरसों बाजार में आज तेजी आई है। लेकिन मंडियों में सरसों की आवक ज्यादा नहीं हो रही है, क्योंकि बाजार में सुबह गिरावट देखने को मिल रही थी और शाम तक भाव में उछाल देखने को मिला, जिससे पता चलता है कि ऊपरी स्तर पर बाजार में मजबूती तो नहीं है, लेकिन बाजार पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ है, बल्कि नीचे के स्तर पर मजबूत खरीद बनी हुई है। 

बीते दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो बाजार के हालात उतार चढ़ाव वाले हैं। कुछ दिनों से मौसम खराब चल रहा है ऐसे में मंडियों (sarso mandi) में बीते कुछ दिनों से आवक तेज होने से भाव पर दबाव दिखा, लेकिन  अब आए दिन बाजार का माहौल बदल रहा है। आज देश की विभिन्न मंडियों में सरसों 100 से 200 रुपये तक तेज हुई है। 

सरसों का ताजा भाव - 

आज गोयल कोटा के भाव (sarso rate) सुबह लगभग 6,500 रुपये क्विंटल से बढ़कर शाम तक 6750 रुपये प्रति क्विंटल तक जा पहुंचे। वहीं सलोनी प्लांट में सरसों की कीमतों की बात करें तो 7275 से बढ़कर 7375 रुपये क्विंटल हो गई हैं। हालांकि ज्यादातर मंडियों मे मंडियों में कल गिरावट रिकॉर्ड की गई थी और जयपुर में भाव 6800 रुपये, भरतपुर में 6300 रुपये और दिल्ली में सरसों की कीमत (Sarso ka bhav) 6500 रुपये प्रति क्विंटल रही। अब सरसों का पुराना स्टॉक खत्म हो रहा है, जिसकी वजह से मिलों में सरसों की खरीदी बढ़ रही है। 


अंतरराष्ट्रीय फैक्टर सरसों पर डाल रहे असर - 


अंतरराष्ट्रीय फैक्टर इस समय सरसों की कीमतों (sarso rate) पर सीधा असर डाल रहे हैं। खासकर मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव की वजह से कच्चे तेल के भाव सातवें आसमान पर हैं, जिससे आयातित सोया तेल और पाम तेल के रेट भी उछले हैं और इसका सीधा फायदा सरसों (sarso ka bhav) को मिल रहा है। यही वह कारण है जिसकी वजह से सरसों की कीमतों में बंपर तेजी आती है, इससे तुरंत खरीद निकलती है और बाजार को सपोर्ट मिलता है। 

जान लें आगे कैसे रहेंगे रेट - 


कल सरसों तेल (Mustard oil rate) में 10 रुपये की कमी आई और जयपुर में कच्ची घानी 1380 रुपये, भरतपुर में 1370 रुपये और दिल्ली में 1365 रुपए प्रति 10 किलो बिका है। एक्सपर्ट का कहना है कि मार्च के आखिर तक सरसों की आवक तेज रह सकती है जिसकी वजह से बाजार में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है। लेकिन अगर युद्ध का माहौल और गर्म होता है और क्रूड ऑयल के रेट (Crude Oil Rate) और बढ़ते हैं तो यह गिरावट ज्यादा समय तक नहीं रहेगी। एक बार फिर से सरसों की कीमतें  (Sarso rate hike) लंबी छलांग लगा सकती है यानी इस समय बाजार दो बड़े फैक्टरों के बीच फंसा हुआ है—एक तरफ बढ़ती आवक का दबाव और दूसरी तरफ महंगे आयात और युद्ध से मिला सपोर्ट, और जो भी पक्ष भारी रहेगा बाजार उसी दिशा में मूव करेगा।