solar pump subsidy : 52 हजार किसानों को सौगात, खेतों में लगाए जाएंगे सोलर पंप, 90 प्रतिशत सब्सिडी
solar pump subsidy : भारत एक कृषि प्रधान देश है। यहां की आधी से जनसंख्या कृषि द्वारा ही अपनी आजीविका चलाती है। ऐसे में सरकार की ओर से किसानों की हितों की रक्षा के लिए कई योजनाएं चलाई जाती है। अब हाल ही में राज्य सरकार ने एक और कदम आगे बढ़ाते हुए योजना के तहत खेतों में सोलर पंप (solar pump ) लगाए जाने की बात कही है। इससे प्रदेश के तकरीबन 52 हजार किसानों को सीधे तौर पर लाभ होगा।
HR Breaking News (solar pump subsidy) सरकार की ओर से किसानों को ऊर्जा और सिंचाई की डबल सुरक्षा देने के लिए एक बड़ी पहल की गई है। अब राज्य सरकार की ओर से प्रदेश में 52 हजार किसानों के खेत में सोलर पंप (solar pump subsidy) लगावाने के लिए एक योजना की शुरुआत की गई है। इससे किसानों को बिजली बिलो के भुगतान से राहत मिलेगी और साथ ही 90 प्रतिशत सब्सिडी का भी भुगतान किया जाएगा।
किस योजना के तहत लग रहे सोलर पंप
मध्य प्रदेश में राज्य सरकार की ओर से प्रधानमंत्री कुसुम-बी योजना (Prime Minister Kusum-B Scheme) के तहत प्रदेश के 52 हजार किसानों के खेतों में सोलर पंप लगाए जाने वाले हैं। इनमे ज्यादा फोकस मंदसौर, नीमच और शाजापुर जैसे कृषि प्रधान जिले पर बने हुए हैं। अब इन जिलों में सोलर पंप से खेती की तस्वीर पूरी तरह से बदल जाएगी। इसके साथ ही, बैतूल, भिंड, सागर, जबलपुर, अशोकनगर, भोपाल एवं सीहोर जिलों में भी खेती के लिए सोलर पंप लगाए जा रहे हैं। इसके लिए अब तक 34,600 सोलर पंप इकाइयों को लेटर ऑफ अवार्ड जारी कर दिए गए हैं और 33, 000 किसानों को कार्यादेश जारी कर दिए गए हैं।
उत्पादन और आय में होगा तगड़ा इजाफा
अगर किसानों के खेतों में सोलर पंप (Solar pumps in fields) लग जाते हैं तो इसके बाद किसानों को सिंचाई के लिए बिजली बिल का भुगतान नहीं करना पड़ेगा। इससे किसानों की लागत घटने के साथ ही समय की भी बचत बढ़ेगी। इसके साथ ही किसान सरकार को जरूरत से ज्यादा उत्पादित सौर ऊर्जा को बेचकर अतिरिक्त आय भी कमा सकते हैं। इसका फायदा यह होगा कि इससे किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए स्थायी और भरोसेमंद ऊर्जा स्रोत तो मिलेगा ही और साथ ही बिजली कटौती और अनियमित आपूर्ति से भी छुटकारा मिल जाएगा। सोलर पंप लगने से लागत में कमी आने से उत्पादन के साथ ही आय में इजाफा होगा।
जानिए क्या है योजना की बड़ी कंडिशन
योजना के तहत सोलर पंप लगवाने के लिए किसानों को सबसे बड़ी शर्त (condition for solar pump) का पालन करना होगा। योजना के तहत सोलर पंप तभी लगाए जाएंगे, जब जिस बटांकित खसरे की कृषि भूमि पर सोलर पंप लगाया जाएगा, वहां पर फ्यूचर में योजना के तहत किसान को सोलर पंप का लाभ इस शर्त पर दिया जाएगा कि जिस खसरा या बटांकित खसरे की कृषि भूमि पर सोलर पंप लगाया जाएगा, वहां भविष्य में इलेक्ट्रिसिटी पंप लगाए जाने की कंडिशन में बिजली आपूर्ति पर किसी सब्सिडी (subsidy on electricity supply) का भुगतान नहीं किया जाएगा। इसके अलावा किसानों को स्वप्रमाणीकरण देना होगा कि खसरा या उक्त भूमि पर फिलहाल में कोई विद्युत पंप संचालित नहीं है।
कैसे दी जाएगी सब्सिडी
राज्य सरकार (MP New Farmers Updates) की इस योजना के तहत एक एचपी (HP) से 7.5 एचपी तक के सोलर पंप लगवाए जाने पर 90 प्रतिशत तक की सब्सिडी देने का प्रोविजन है। जिसमे से केंद्र सरकार से 30 प्रतिशत अनुदान मिलेगा और इसमे किसानों का कॉन्ट्रिब्यूशन सिर्फ 10 प्रतिशत होगा। बाकी बचे 60 प्रतिशत राशि लोन के रूप में होगी, जिसका राज्य सरकार की ओर से ब्याज समेत भुगतान किया जाएगा। इसके साथ ही बता दें कि सोलर पंपों का 5 वर्षो तक रखरखाव इससे जुड़ी एजेंसी की ओर से किया जाएगा और यूएसपीसी (USPC) युक्त तथा सामान्य सोलर पंप, दोनों पर समान सब्सिडी दी जाएगी।
कैसे ले सकते हैं इस योजना का फायदा
अगर आप भी इस योजना (Kusum-B yojna ke fayde) का फायदा लेना चाहते हैं तो इसके लिए किसानों को पोर्टल cmsolarpump.mp.gov.in पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा और रजिस्ट्रेशन के बाद आवश्यक जानकारी और डॉक्यूमेंट के साथ ऑनलाइन अप्लाई करना होगा। जैसे ही आपके आवेदन की जांच होगी, उसके बाद संबंधित विभाग द्वारा स्वीकृति दी जाएगी और स्वीकृति मिलते ही किसान के खेत में सोलर पंप को लगाया जाएगा।