New Bike : नई बाइक खरीदने से पहले जान लें कौन से फीचर्स हैं असली जरूरत, कौनसे महज दिखावा
HR Breaking News : (Features In New Bike) पिछले कई दिनों से दो पहिया मार्केट में काफी तेजी से ग्रोथ हो रही है। कंपनी अभी ग्राहकों को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए नई-नई बाइक बाजार में पेश कर रही है। अगर आप भी नई बाइक खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आज की यह खबर आपके लिए लाभाकारी साबित होने वाली है। भारत देश में फिलहाल कई ऐसी बाइक है जो मैं केवल माइलेज के लिए जानी जाती है बल्कि उनके शानदार फीचर उन्हें और भी गजब बना रहे हैं।
नई तकनीकी के इस जमाने में लांच हुई बाइक में आजकल कई शानदार फीचर (Best Features In Bike) मिल रहे हैं जैसे ब्लूटूथ डैशबोर्ड, राइड मोड ओर यहां तक की कई बाइक्स में क्रूज कंट्रोल का सिस्टम भी आ गया है।
क्रूज कंट्रोल का फीचर
क्रूज कंट्रोल की सुविधा (Cruise control feature) हार्ले-डेविडसन पैन अमेरिका या BMW जीएस जैसी हाईवे-फ्रेंडली बाइक्स पर काफी काम की होती है, लेकिन 150–180cc की कम्यूटर बाइक पर इसका उपयोग लगभग ना के बराबर है। शहर की ट्रैफिक-भरी सड़कों, गड्ढों और स्पीड ब्रेकर के बीच स्थिर रफ्तार बनाए रखना मुश्किल होता है। ऐसे में यह फीचर ज्यादातर ब्रोशर की शोभा बनकर रह जाता है।
टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन
इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर में मिलने वाला टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन सुनने में हाई-टेक लगता है, लेकिन प्रैक्टिकल तौर पर यह अधूरा अनुभव देता है। छोटा LCD डिस्प्ले, धीमी ब्लूटूथ कनेक्टिविटी और सीमित मैप सपोर्ट इसे निराशाजनक बनाते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि हैंडलबार पर लगा एक साधारण स्मार्टफोन इससे कहीं बेहतर काम करता है।
राइड मोड्स
राइड मोड्स जैसे ECO, रेन या स्पोर्ट कम्यूटर बाइक्स (Features In New Bike) को खास लुक देने में मदद करते हैं, लेकिन सीमित पावर आउटपुट और बजट ECU के कारण इन मोड्स के बीच वास्तविक परफॉर्मेंस अंतर लगभग ना के बराबर होता है। इसके बावजूद, स्पोर्ट मोड का नाम सुनते ही युवा ग्राहक आकर्षित होते हैं, जिसकी वजह से यह मार्केटिंग के लिए एक प्रभावी टूल बन जाता है।
मार्केटिंग गोल्ड क्यों हैं ये फीचर्स?
ऑटो इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि ये फीचर्स लोगों के दिल (Latest Hindi news) को छू जाते हैं। बाइक महंगी और हाई-टेक लगती है, और शोरूम में अलग दिखती है। साथ ही सोशल मीडिया और ऑनलाइन एड्स में इसकी चर्चा होती है। भले ही ये फीचर्स रोजमर्रा की सवारी में ज्यादा काम न आएं, लेकिन कंपनियों के लिए ये बिक्री बढ़ाने का बड़ा हथियार बन जाते हैं।