पानीपत टोल प्लााजा से जालंधर तक कॉरिडोर होगा दुरूस्त, 291.10 किलोमीटर को नए ठेकेदार को जिम्मा
Haryana News : पानीपत टोल प्लाजा से जालंधर तक कॉरिडोर को दुरूस्त करने का काम जल्द शुरू किया जाएगा। इसके लिए एनएचएआई की और से जल्द काम शुरू कराने की योजना हे। पुराने ठेकेदार की और से काम को अधूरा छोड़ दिया गया था। उसे पूरा कराने के लिए एनएचएआई अब नए ठेकेदारी को काम का जिम्मा सौंपेगा। चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।
HR Breaking News (Haryana News) : राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (National Highway-44) पर पानीपत से जालंधर के (Corridor from Panipat Toll Plaza to Jalandhar) बीच सफर करने वाले वाहन चालकों को आने वाले समय में बेहतर सड़क मिल सकेगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (National Highway Authority of India) इस मार्ग पर अधूरी पड़ी मरम्मत और सड़क की ऊपरी परत बिछाने का काम नए ठेकेदार से पूरा करवाएगा। इसके लिए 50.35 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। इस राशि की वसूली काम अधूरा छोड़ने वाले पुराने ठेकेदार से की जाएगी।
दूसरी बार जारी किया ई-टेंडर (NHAI news)
करीब 291.10 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर वर्ष 2024 में कई जगह बिटुमिन कंक्रीट की ऊपरी परत बिछाने और जरूरी रखरखाव का काम पूरा नहीं हो पाया था। इससे सड़क के कुछ हिस्सों में मरम्मत की जरूरत बनी हुई है। एनएचएआई के चंडीगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय ने अब पुराने ठेकेदार के जोखिम और लागत पर काम पूरा कराने के लिए दूसरी बार ई-टेंडर जारी किया है। यह हाईवे पहले बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (Build-Operate-Transfer) मॉडल के तहत विकसित किया गया था।
जर्जर हिस्सों की पहले होगी मरम्मत (haryana highway news)
हाईवे पर जहां सड़क की ऊपरी परत खराब हो चुकी है या सिक्स लेन निर्माण के दौरान काम अधूरा रह गया था, वहां नई बिटुमिन कंक्रीट की परत बिछाई जाएगी। एनएचएआई दुर्घटना की आशंका वाले और अधिक क्षतिग्रस्त हिस्सों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित करेगा। इसके बाद तय समय-सीमा में मरम्मत करवाई जाएगी, ताकि पूरे मार्ग पर सड़क की सतह को बेहतर बनाया जा सके।
12 महीने में पूरा करना होगा काम
नए ठेकेदार को अधूरे निर्माण और रखरखाव से जुड़े सभी निर्धारित कार्य पूरे करने होंगे। पूरे कॉरिडोर की मरम्मत और सड़क को समतल करने के लिए 12 महीने की अवधि तय की गई है। काम की गुणवत्ता पर भी निगरानी रखी जाएगी, ताकि मरम्मत के बाद वाहन चालकों को आवाजाही में परेशानी न हो।
6 नवंबर को खुलेगा टेंडर
एनएचएआई के अनुसार, मरम्मत पर खर्च होने वाले 50.35 करोड़ रुपए पुराने ठेकेदार की सिक्योरिटी राशि और बकाया भुगतान से वसूल किए जाएंगे। निर्माण कार्य के लिए जुलाई 2024 में 11 प्रमुख कंपनियों को बोली लगाने की अनुमति दी गई थी। इनमें हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और अन्य राज्यों की निर्माण एजेंसियां शामिल हैं। टेंडर 6 नवंबर को चंडीगढ़ स्थित एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालय में खोला जाएगा। इसके बाद चयनित एजेंसी को काम सौंपने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।