8th Pay Commission: आ गई बड़ी खबर, कर्मियों की बेसिक सैलरी में होगी 66% बढ़ौतरी
HR Breaking News (8th Pay Commission) आठवें वेतन आयोग के तहत सैलरी बढ़ौतरी को लेकर कर्मचारियों के बीच खूब अनुमान लगाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में तकरीबन 66 प्रतिशत तक इजाफा हो सकता है। सैलरी (Employees Salary News) में बढ़ौतरी के इस संशोधन से तकरीबन 1.2 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनर्स को लाभ होगा। खबर में जानिए इस बारे में विस्तार से-
कर्मचारी संगठन क्या कर रहे मांग
दरअसल, सबसे पहले तो आप यह जान लें कि NC-JCM की ओर से 25 फरवरी 2026 से नई दिल्ली में एक हफ्ते की बैठक का आयोजन किया गया है, जिसमें 8वें वेतन आयोग के लिए मास्टर मेमोरेंडम तैयार हो रहा है। कर्मचारी संगठनों ने पहले ही सरकार को अपनी सिफारिशें दे दी थीं, लेकिन नवंबर 2025 में जारी शर्तों (Term of Reference) से कई कर्मचारी संगठन खुश नहीं थे। अब इस बैठक में फैमिली यूनिट बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है।
फैमिली यूनिट बढ़ाने की मांग
इससे पहले 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) में न्यूनतम सैलरी का केलकुलेशन 3 यूनिट के बेस पर हुई थी, जिनमे कर्मचारी, जीवनसाथी और दो बच्चो को शामिल किया है। यह केलकुलेशन डॉ. वॉलेस अयक्रॉयड के फॉर्मूले (Dr. Wallace Aykroyd's Formulas) पर बेसड था, जिसमे परिवार की बुनियादी जरूरतें शामिल थीं। इन बुनियादी जरूरतों में रोजाना 2700 कैलोरी,जनसालाना कपड़ों की जरूरत, रहने का खर्च शामिल है।
कितना की जानी चाहिए फैमिली यूनिट
कर्मचारी यूनियन (employee union) की मांग है कि फैमिली यूनिट को 3 से बढ़ाकर 5 किया जाना चाहिए, जिसमें आश्रित माता-पिता को भी शामिल जाना चाहिए। यानी की पहले गणना = 3 यूनिट के हिसाब से होती थी और अब नया प्रस्ताव = 5 यूनिट के हिसाब से होनी चाहिए। केलकुलेशन के हिसाब से 5 ÷ 3 = 1.66। यानी देखा जाए तो बेसिक केलकुलेशन में तकरीबन 66.67 प्रतिशत की बढ़ौतरी होगी।
कितना हो सकता है फिटमेंट फैक्टर
अभी 7वें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों का न्यूनतम बेसिक वेतन (Minimum Basic Salary of employees) 18,000 रुपये है। कर्मचारी संगठन मांग कर रहे हैं कि आठवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 3.25 तक किया जाना चाहिए। हर साल 7 प्रतिशत सैलरी बढ़ौतरी, पुरानी पेंशन योजना (old pension scheme) की बहाली होनी चाहिए। अगर बेस सैलरी में इजाफा होता है तो इससे कर्मियों का पूरा सैलरी स्ट्रक्चर बदल जाएगा।
क्यों बढ़ाया जाता है फिटमेंट फैक्टर
फिटमेंट फैक्टर (fitment factor) वह मल्टीपेयर होता है, जिससे कर्मचारियों की पुरानी सैलरी नई सैलरी में बदली जाती है। फैमिली यूनिट बढ़ने से न्यूनतम वेतन का केलकुलेशन (Calculation of minimum wage) बढ़ जाएगा, जिससे ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की मांग मजबूत हो जाती है।
वहीं, पेंशन आखिरी बेसिक सैलरी का 50 प्रतिशत होती है। इस वजह से अगर नई बेसिक सैलरी बढ़ती है, तो सैलरी के हिसाब से ही पेंशन भी बढ़ेगा।इस वजह से पेंशनर्स संगठन की भी इस पर नजर बनी हुई है।
क्यों जरूरी है सैलरी, पेंशन और अलाउंस में बदलाव
यूनियनों का कहना है कि महंगाई तेजी से बढ़ी है और कई कर्मचारी ऐसे है, जो माता-पिता की जिम्मेदारी उठाते हैं और 3 यूनिट मॉडल आज के परिवार की हकीकत को नहीं दर्शाता है। इस वजह से उनका मानना है कि कर्मियों की सैलरी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव जरूरी है।
दरअसल, आपको बता दें कि NC-JCM अलग-अलग विभागों की मांगों को मर्ज कर सरकार को आखिरी प्रस्ताव देगा।
इन मांगो में फैमिली यूनिट विस्तार, न्यूनतम वेतन (Employees Salary Hike) , पेंशन समानता और अलाउंस से जुड़े सुझाव शामिल होंगे। हालांकि अभी यह क्लियर नहीं है कि सरकार इन 5-यूनिट प्रस्ताव को मान सकती है या नहीं। लेकिन अगर मंजूरी मिलती है, तो सैलरी, पेंशन और अलाउंस में बड़ा बदलाव आ सकता है।
कितनी बढ़ेगी कर्मियों की सैलरी
बता दें कि बेसिक पे (Emplooyees Basic Pay) में 66 प्रतिशत बढ़ोतरी का आंकड़ा कोई अनुमान नहीं, बल्कि सैलरी केलकुलेशन के फॉर्मूले में बदलाव से जुड़ा गणित है। अगर फैमिली यूनिट 3 से 5 हुई तो इससे कर्मचारियों की बेस सैलरी तकरीबन 66.67 प्रतिशत बढ़ेगी। फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने का आधार मजबूत होगा, जिससे कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन को 54,000 रुपये तक करने की मांग की जा सकती है।