Haryana में कच्ची कॉलोनियां होगी खत्म, 12 शहरों में विकसित होंगे नए सेक्टर, 40 हजार एकड़ जमीन पर होगा विकास
Haryana - हरियाणा सरकार अवैध कॉलोनियों को समाप्त करने और लोगों को किफायती प्लॉट उपलब्ध कराने के लिए सख्त कदम उठा रही है। इसके तहत 12 शहरों में नए सेक्टर (new sector) विकसित किए जाएंगे। इन सेक्टरों के लिए करीब 40 हजार एकड़ जमीन का प्रबंध किया गया है...इससे जुड़ी पूरी डिटेल जानने के लिए खबर को पूरा पढ़ लें-
HR Breaking News, Digital Desk- (Haryana News) हरियाणा सरकार अवैध कॉलोनियों को रोकने और लोगों को किफायती प्लॉट उपलब्ध कराने के लिए रणनीति तैयार कर रही है। इसके तहत 12 शहरों में नए सेक्टर विकसित (new sectors developed) किए जाएंगे, जिनके लिए लगभग 40 हजार एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (Haryana Urban Development Authority) ने इस जमीन का इंतजाम कर लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अगले दो-तीन दिनों में नए सेक्टरों के विकास की पूरी रूपरेखा सदन में प्रस्तुत करेंगे।
विधानसभा के बाहर और सदन में जनप्रतिनिधि लंबे समय से नए सेक्टर विकसित करने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि नए सेक्टर न बनने के कारण राज्य में अनियमित कॉलोनियां (Unregulated colonies in the state) पनप रही हैं, और लोग मजबूरी में इन अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने को मजबूर हैं।
हरियाणा के समाज कल्याण एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी (Haryana Social Welfare and Empowerment Minister Krishan Kumar Bedi) ने विधानसभा में राज्य सरकार की शहरों में नए सेक्टर विकसित करने की योजना की जानकारी दी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (Chief Minister Nayab Singh Saini) ने कहा कि किन शहरों में कितने सेक्टर विकसित किए जाएंगे, इसकी पूरी जानकारी जल्द साझा की जाएगी।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार पहले चरण में समालखा, नरवाना, हांसी, होडल, पिहोवा, लाडवा, घरौंडा, पिंजौर, कालका, शाहबाद, तावडू और लोहारू में नए सेक्टर विकसित करेगी। इन शहरों में सेक्टरों की संख्या क्रमिक रूप से बढ़ाई जाएगी। प्रश्नकाल के दौरान समालखा के भाजपा विधायक मनमोहन सिंह भड़ाना ने नए सेक्टर न बनने का मुद्दा उठाया था।
मनमोहन सिंह भड़ाना ने कहा कि न केवल समालखा बल्कि पूरे राज्य में नए सेक्टर विकसित नहीं हो रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि नए सेक्टर विकसित करते समय आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के सेक्टरों में 25 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया जाए।
मनमोहन सिंह भड़ाना ने कहा कि यह आरक्षण केवल उसी क्षेत्र के लोगों के लिए होना चाहिए, जहां सेक्टर विकसित हो रहे हैं। वर्तमान में ऐसा हो रहा है कि किसी भी शहर के लोग EWS श्रेणी में आवेदन कर देते हैं, जिससे वास्तविक जरूरतमंद गरीब हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के सेक्टरों में सस्ते प्लॉट पाने की सरकारी सुविधा से वंचित रह जाते हैं।
मनमोहन भड़ाना ने यह भी सुझाव दिया कि जिन शहरों में सेक्टरों में ईडब्ल्यूएस श्रेणी (EWS category) के लोगों को प्लॉट आवंटित किए जाएं, उन्हें यह प्लॉट आगे बेचने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए, क्योंकि पूंजीपति उनसे महंगे दामों पर प्लॉट खरीद लेते हैं और फिर उन्हें अधिक कीमतों पर आगे बेच देते हैं।
थानेसर के कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने हरियाणा सरकार (Haryana Government) की नए सेक्टर विकसित करने की योजना की सराहना करते हुए कहा कि राज्य भर में अवैध कॉलोनियों का कारोबार तेजी से बढ़ चुका है और इसे कड़ाई से रोकने की आवश्यकता है। लोग छोटी-छोटी कॉलोनियों में सस्ते प्लॉट दिलाने के बहाने ठगे जा रहे हैं, जबकि वहां कोई मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं होती।
समाज कल्याण एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने विधानसभा में जानकारी दी कि पहले चरण में हरियाणा सरकार 12 शहरों में 40 हजार एकड़ जमीन में सेक्टर विकसित करेगी।
इसी कड़ी में समालखा शहर में तीन नए सेक्टर विकसित किए जाएंगे। इसके लिए सरकार ने ई-भूमि पोर्टल (e-bhoomi portal) के माध्यम से पहले ही 498 एकड़ भूमि खरीद ली है। बताया गया है कि हरियाणा सरकार ने पहले चरण में 12 से 13 शहरों में आवासीय सेक्टर विकसित करने के लिए 40 हजार एकड़ जमीन का प्रबंध कर लिया है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार अब तक लगभग 900 अनियमित कॉलोनियों को नियमित कर चुकी है।
52 शहरों में 500 नए सेक्टर विकसित करने की योजना-
हरियाणा सरकार ने चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के 52 से अधिक शहरों में लगभग 500 नए सेक्टर विकसित करने का खाका तैयार किया है। नए जिले हांसी सहित प्रदेश में कुल 23 जिले हैं, जिनमें 154 शहर और कस्बे शामिल हैं। सरकार ने विकास को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए प्रदेश को पांच जोनों में विभाजित किया है। इनमें से गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला, हिसार और रोहतक को अलग जोन बनाया गया है।
नए सेक्टरों के लिए 1.46 लाख एकड़ जमीन आवश्यक-
गुरुग्राम (Gurugram) जोन में गुरुग्राम, रेवाड़ी, धारूहेड़ा, सोहना, पटौदी, फरुर्खनगर व ग्वाल पहाड़ी तथा फरीदाबाद जोन में फरीदाबाद, नूंह, तावड़ू व होडल शहरों को शाामिल किया गया है। पंचकूला जोन में पंचकूल एक्सटेंशन, पिंजौर, कालका, यमुनानगर, करनाल, कैथल, कुरुक्षेत्र व शाहबाद तथा हिसार जोन में हिसार, हांसी, जींद, नरवाना, फतेहाबाद, टोहाना व उकलाना शहर शामिल हैं।
रोहतक जोन में रोहतक, सोनीपत, पानीपत, झज्जर, बहादुरगढ़, खरखौदा व गोहाना को शामिल किया गया है। 52 शहरों में 500 नये सेक्टर विकसित करने के लिए 1.46 लाख एकड़ जमीन की जरूरत पड़ेगी।
तावड़ू में तीन सेक्टरों के प्लॉटों की नीलामी जल्द-
सोहना के भाजपा विधायक तेजपाल तंवर (Tejpal Tanwar, BJP MLA from Sohna) के सवाल पर कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने सदन में बताया कि तावड़ू के तीन सेक्टर-सात, आठ और 11-के लिए नए सिरे से ई-ऑक्शन आयोजित किया जाएगा। इससे पहले भी इन सेक्टरों का ऑक्शन तीन बार हो चुका है, लेकिन इच्छुक खरीदारों की कमी के कारण सफल नहीं हो पाया।
नूंह के कांग्रेस विधायक आफताब अहमद के सवाल पर कृष्ण कुमार बेदी ने बताया कि इन सेक्टरों का पिछला ई-ऑक्शन 2019 में हुआ था, जिस पर विधायक ने इतनी देरी के लिए नाराजगी व्यक्त की। वर्ष 2008 में सेक्टर सात, आठ और 11 विकसित करने के लिए 360 एकड़ जमीन खरीदी गई थी।
