8th Pay Commission : फिटमेंट फैक्टर की उठी मांग, 18,000 से बढ़कर 54,000 रुपये हो जाएगी सैलरी?

8th Pay Commission : जैसे-जैसे समय बीत रहा है। वैसे-वैसे केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग  (8th Pay Commission ) की सिफारिशों का इंतजार बना हुआ है। अब कर्मचारियों संगठनों द्वारा सरकार के समक्ष फिटमेंट फैक्टर को लेकर मांग उठ रही है। अगर इन मांगो को स्वीकारा जाता है तो कर्मचारियों की सैलरी 54,000 रुपये तक जा सकती है। खबर में जानिए इस बारे में विस्तार से-
 

HR Breaking News (8th Pay Commission) कर्मचारियों के बीच आठवें वेतन आयोग के लागू होने पर सैलरी बढ़ौतरी को लेकर कई अनुमान लगाए जा रहे हैं। अब इन दिनों फिटमेंट फैक्टर को लेकर खूब र्चांए  हो रही है, क्योंकि इसी से ही कर्मियों की नई सैलरी तय की जाती है। बताया जा रहा है कि आठवें वेतन आयोग के लागू होने पर कर्मियो की सैलरी (salary of employees)  54,000 रुपये तक हो सकती है।

 

 

कितनी फिटमेंट फैक्टर की उठी मांग


जैसे ही वेतन आयोग की सिफारिशें (Pay Commission Recommendations)  मिल जाती है तो इसे लागू होने में 18 से 20 महीने तक का वक्त लग सकता है, लेकिन इससे पहले केंद्रीय कर्मचारियों के संगठनों की मांगें तेज हो गई हैं। FNPO की ओर से नेशनल काउंसिल JCM को एक ज्ञापन भेजकर नए पे कमीशन में फिटमेंट फैक्टर 3.0 से 3.25 के बीच तय करने की मांग सरकार के सामने रखी है।

कितनी बढ़ेगी कर्मियों की सैलरी


अगर ऐसा होता है तो केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी (central government employees salary) में बंपर इजाफा देखने को मिलेगा। संगठन के अनुसार 3.0 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है तो इससे कर्मियों की मौजूदा न्यूनतम बेसिक सैलरी (minimum basic salary) 18,000 रुपये से बढ़कर तकरीबन 54,000 रुपये के आस-पास हो सकती है।  सिनियर सिटीजन के कर्मचारियों के लिए यह इजाफा इससे ज्यादा हो सकता है।

कितनी होनी चाहिए परिवार इकाई 


FNPO के अनुसार तीन सदस्यों के परिवार को बेस मानकर न्यूनतम बेसिक सैलरी (Employees minimum basic salary) तकरीबन 46,000 रुपये  के आस-पास बनता है। सातवें वेतन आयोग (seventh pay commission)  में भी इसी परिवार इकाई को बेस माना था। हालांकि संगठन की मांग है कि 8वें वेतन आयोग में परिवार इकाई को 3 से बढ़ाकर 5 की जानी चाहिए, जिसमें माता-पिता को भी जोड़ा जाए। अगर ऐसा होता है तो इससे कर्मियों की न्यूनतम बेसिक वेतन तकरीबन 76,360 रुपये तक पहुंच सकती है।

कैसे तय होता है फिटमेंट फैक्टर


बता दें कि वेतन आयोग में न्यूनतम सैलरी (Minimum salary in Pay Commission) तय करने के लिए एक स्थापित प्रोसेस अपनाया जाता है। इसके लिए 1957 में हुई इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस (Indian Labor Conference) की 15वीं बैठक में तय किए गए मानको को बेस माना जाता है। इन मानकों के मुताबिक कर्मचारी संगठनों के द्वारा आवश्यक वस्तुओं की टोकरी तैयार होती है। इसमें चावल, सब्जियां, फल, दूध, कपड़े, ईंधन, बिजली, पानी आदि बुनियादी  चीजों की मात्रा और कीमत शामिल की जाती है। इस केलकुलेशन में सिर्फ जरूरी खर्चों को ही जोड़ा जाता है और विलासिता या वैकल्पिक खर्चों को जानबूझकर बाहर रखते है, ताकि केलकुलेशन वास्तविक और संतुलित बनी रहे।