8th Pay Commission : इस वजह से टल रहा है 8वां वेतन आयोग, सैलरी हाईक समेत होंगे ये बदलाव

8th Pay Commission Update : केंद्र सरकार अब जल्द ही 8वें वेतन आयोग को लागू करने वाली है। हालांकि पिछले काफी समय से वेतन आयोग का कार्यकाल टल रहा है। हाल ही में एक बड़ा अपडेट सामने आया है।  इस रिपोर्ट (8th Pay Commission Report) में वेतन आयोग टलने की वजह के बारे में बताया गया है। इस वेतन आयोग के तहत सैलरी हाईक समेत कई अन्य बदलाव किये जाने वाले हैं। आइए जानते हैं इस बारे में।

 

HR Breaking News-(Pay Commission) हाल ही में 8वें वेतन आयोग को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। सरकार ने हाल ही में एक वजह बताई है, जिसमें बताया गया है कि इस वेतन आयोग (Pay Commission) के तहत कौन कौन से बदलाव किये जाने वाले हैं। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से 8वें वेतन आयोग को लेकर जारी इस अपडेट के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इस बारे में पूरी डिटेल।

 

 


सैलरी में नहीं आएगा कोई बदलाव-

जनवरी 2026 का महीना पूरा बित गया है। हालांकि केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसकी वजह से ये साफतौर पर संकेत मिल रहे हैं कि 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) लागू होने में देरी दर्ज की जा रही है। रिपोर्ट में बताया गया है कि देरी का प्रभाव सिर्फ कर्मचारियों पर नहीं, बल्कि बजट 2026-27 (Union Budget 2026) और आने वाले सालों की सरकारी वित्तीय स्थिति पर भी गहराई से पड़ने वाला है।


इस दिन से लागू माना जाएगा 8वें वेतन आयोग का चक्र-

अब तक उम्मीद लगाई जा रही थी कि 10 साल के चक्र के अनुसार 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू होने वाला है। ठीक ऐसा ही रूख 7वें वेतन आयोग 2016 में देखने को मिल रहा था। हालांकि इन्वेस्टमेंट इन्फोर्मेशन एंड क्रेडिट रेटिंग एजेंसी (ICRA New Report) ने बताया है कि आयोग की रिपोर्ट आने में अभी 15-18 महीने तक का समय लग सकता है। इसका मतलब है कि फिलहाल सैलरी रिवीजन की संभावना काफी कम नजर आ रही है।


सरकारी खजाने पर पड़ेगा दबाव-

ICRA के बजट 2026-27 आउटलुक के अनुसार, वेतन आयोग का असली वित्तीय प्रभाव तुरंत देखने को नहीं मिलने वाला है बल्कि इसका असर FY-2028 में दिखेगा। अगर सरकार इसे 1 जनवरी 2026 से रेट्रोस्पेक्टिव लागू कर देती है, तो फिर कर्मचारियों (Update for employess) को 15 महीने या उससे ज्यादा का एरियर एक साथ देना पड़ सकता है। इसकी वजह से सरकारी खजाने पर अचानक भारी दबाव देखने को मिल रहा है। एजेंसी ने अनुमान लगाया है कि सिर्फ FY2028 में सैलरी खर्च 40-50 प्रतिशत तक उछल सकता है।


पिछले एक्सपीरियंस का ये है कहना-

पिछले अनुभव में इसको लेकर अलर्ट जारी किया गया है। 7वें वेतन आयोग में सिर्फ 6 महीने के एरियर के बावजूद एक साल में वेतन खर्च 20 प्रतिशत से ज्यादा तक बढ़ गया था। इसके साथ ही 6वें वेतन आयोग (Pay Revision) में देरी दर्ज किये जाने की वजह से ढाई साल से ज्यादा के एरियर बन रहा है। इससे कई साल तक बजट पर दबाव बनता नजर आ रहा है।


ICRA ने रिपोर्ट में दी जानकारी-

इस संभावित झटके से निपटारा पाने के लिए ICRA को उम्मीद है कि सरकार (Government latest Update) FY2027 में कैपेक्स पहले से ज्यादा रखने वाली है। अनुमान लगाया जा रहा है कि पूंजीगत खर्च लगभग 14 प्रतिशत तक बढ़कर 13.1 लाख करोड़ रुपए तक जा सकता है। इसकी वजह से इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास कार्य में सुधार देखने को मिलेगा। केंद्रीय कर्मचारियों (government Latest) के लिए संदेश साफ कर दिये गए है कि सैलरी बढ़ोतरी टल रही है, ये खत्म नहीं हुई है। देरी होने की वजह से अनिश्चितता में उछाल आएगा। हालांकि लागू होने पर एरियर बड़ा हो सकता है। साफ शब्दों में कहा जाएं तो 8वां वेतन आयोग अब सिर्फ वेतन संशोधन नहीं, बल्कि आने वाले कई बजटों (Pay Commission) को प्रभावित करने वाला बड़ा वित्तीय मुद्दा बनकर सामने आ रहा है।