8th Pay Commission : जीरो हो जाएगा कर्मचारियों का DA, बदल जाएगा पूरा गणित
8th pay commission :वर्तमान में अंदाजा लगाया जा रहा है कि 2026 के जनवरी माह तक महंगाई भत्ता (DA) 61 फीसदी तक जा सकता है। वहीं, इसी बीच खबर आ रही है कि कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बेसिक सैलरी में मर्ज होकर जीरो हो जाएगा।
HR Breaking News (8th pay commission) सरकार ने 8वें वेतन के गठन की घोषणा जनवरी 2025 में कर दी है। इसके बाद से ही 8वें वेतन आयोग के जनवरी 2026 में लागू होने की चर्चा जोरों पर है। अप्रैल माह से नया वेतन आयोग काम करना आरंभ कर देगा।
इसी के चलते अब केंद्रीय कर्मचारियों (Central government employees) और पेंशनधारकों (Pensioners)की सैलरी और उनको मिलने वाले भत्तों में संशोधन की संभावना है। ऐसा तभी होगा जब वेतन आयोग की(Pay commission) की सिफारिशें लागू होंगी. देखा जाए तो 8वां वेतन आयोग लागू होने का सबसे ज्यादा प्रभाव महंगाई भत्ते पर होने वाला है।
जीरो हो जाएगा कर्मचारियों का डीए
8वें वेतन आयोग के चलते केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता शून्य(0 )कर दिया जाना है। इसका अर्थ है कि नया वेतन आयोग लागू होते ही महंगाई भत्ते (Dearness allowance) की गणना दोबारा शून्य से शुरू की जाएगी।
अगले साल 2026 में मर्ज होगा महंगाई भत्ता (DA)
जनवरी 2026 तक महंगाई भत्ता (DA) 61 फीसदी तक पहुंचने का अंदाजा लगाया जा रहा है। अगल नया वेतन (Dearness allowance) आयोग लागू होता है तो उसके बाद नियमानुसार कर्मचारियों को मिलने वाला DA भी शून्य (0) करके बेसिक सैलरी में मर्ज कर दिया जाएगा। 8वें वेतन आयोग के बाद भी यही होगा।
बेसिक सैलरी में होगा मर्ज
हाल- फिलहाल में यह चर्चा भी जोरो पर है कि इस बार पूरा DA नहीं, बल्कि केवल 50 फीसदी DA को ही बेसिक सैलरी में मर्ज किया जाएगा। इससे ऊपर के 11 फीसदी को मर्ज नहीं किया जाएगा। वहीं, इस मामले में सरकार की ओर से अभी तक कोई भी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। इसी के साथ इस पर सरकार की ओर से कोई विशेष कारण भी नहीं बताया गया है। ये सारी गणना और आंकलन नए वेतन आयोग के लागू होने और उसकी सिफारिशों पर निर्भर है।
DA की गणना शून्य (0 )से होगी
केंद्रीय कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी के DA की गणना 8वां वेतन आयोग लागू होने के बाद ही की जाएगी। नए वेतन आयोग लागू होने के बाद इसे फिर से शून्य (0 ) से शुरू किया जाता है। इसे ऐसे समझा जा सकता है कि अगर किसी कर्मचारी की वर्तमान में बेसिक सैलरी 34200 रुपये है तो जनवरी 2026 से उसका महंगाई भत्ता शून्य (0 ) हो जाएगा।
इसके बाद 2026 के जुलाई माह में इसमें 3-4 फीसदी (जो भी महंगाई भत्ता बनेगा ) की बढ़ोतरी की जाएगी। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इसमें आगामी गणना की जाएगी और इसे सभी कर्मचारियों के लिए जारी किया जाएगा। वहीं यह भी तय है कि महंगाई भत्ते के शून्य (0 ) होने का असर कर्मचारियों को मिलने वाले दूसरे भत्तों पर भी देखने को मिलेगा।
बेसिक सैलरी में जोड़ दिया जाएगा
8वें वेतन आयोग में महंगाई भत्ते को बेसिक सैलरी में जोड़ा जाएगा। बता दें कि पहले महंगाई भत्ता 50% या उससे ज्यादा होने पर इसे नए वेतन आयोग में जोड़ने का प्रावधान था। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार महंगाई भत्ते (DA) की गणना की जाती है। अब अनुमान है कि 2026 तक महंगाई भत्ता 61 प्रतिशत हो जाएगा, लेकिन इसमें से सरकार केवल 50 प्रतिशत को मर्ज कर बेसिक सैलरी में 50 प्रतिशत का इजाफा कर सकती है। यानी की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18000 रुपये से बढ़कर 27 हजार रुपये हो जाएगी।
जीरो होने के बाद ऐसे होगी गणना
अगर महंगाई भत्ता जीरो हो जाता है तो आगे की गणना महंगाई के अनुसार ही की जाएगी। अगर महंगाई भत्ता (DA) जीरो होता है तो नए वेतन आयोग के लागू होने के छह महीने बाद महंगाई के आंकड़ों के आधार पर आगे की गणना होगी और महंगाई भत्ते में संशोधन होते हुए सैलरी में संशोधन होता जाएगा।