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Indian Railway: रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर, अब सफर के दौरान होगा पूरा मनोरंजन

अब रेलवे का सफर और सुहाना होगा। आपकी यात्रा कब पूरी हो जाएगी, आपको पता भी नहीं चलेगा। यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा प्रदान करने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने एक्सप्रेस ट्रेनों के एसी कोचों में एलईडी टीवी लगाने की योजना तैयार की है। विस्तार से जानकारी जानने के लिए खबर को पूरा पढ़े। 
 

HR BreakingNews, Digital Desk- अब रेलवे का सफर और सुहाना होगा। यात्रा कब पूरी हो जाएगी, लोगों को पता ही नहीं चलेगा। यात्री मनोरंजन के साथ सफर का आनंद ले सकेंगे। उन्हें बैठे देश-विदेश की अपडेट जानकारी मिलती रहेगी।

यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा प्रदान करने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने एक्सप्रेस ट्रेनों के एसी कोचों में एलईडी टीवी लगाने की योजना तैयार की है। प्रथम चरण में शुक्रवार को 12531/12532 नंबर की लखनऊ-गोरखपुर-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस में शुरुआत भी हो गई। यात्री टीवी का लुत्फ उठाते हुए लखनऊ से गोरखपुर पहुंचे।

चार ट्रेनों में एलईडी टीवी लगाने की तैयारी-


लखनऊ मंडल प्रशासन ने नवाचार नीति (इनोवेशन नान फेयर रेवेव्यू आइडिया स्कीम) के अन्तर्गत चार ट्रेनों में यात्रियों के मनोरंजन के लिए वातानुकूलित कोचों में एलईडी टीवी लगाने की तैयारी पूरी कर ली है। लखनऊ जंक्शन से प्रस्थान करने वाली गाड़ी संख्या 12532 इंटरसिटी एक्सप्रेस से इसकी शुरुआत हो चुकी है। जल्द ही 15069/15070 नंबर की गोरखपुर- ऐशबाग इंटरसिटी, 12529/12530 लखनऊ-पाटलिपुत्र एक्सप्रेस तथा 12583/12584 नंबर की लखनऊ जंक्शन- आनंद विहार टर्मिनल डबल डेकर के कोच में एलईडी टीवी की सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी।

ये होगी सुविधा-


लखनऊ मंडल के जनंसपर्क अधिकारी के अनुसार यात्री टीवी के माध्यम से डिजिटल ऑडियो और वीडियो आउट ऑफ होम, समाचार, सूचना तथा खेल आदि का सजीव प्रसारण देख और सुन सकेंगे। इस योजना के अंतर्गत पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल प्रशासन को प्रति वर्ष 350000 रुपये की आमदनी होगी।

कोच वाशिंग प्लांट से 80 प्रतिशत पानी बचा रहा रेलवे-


पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन स्टेशनों पर ट्रेनों की समुचित धुलाई और सफाई के लिए कोचिंग डिपो में आटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट लगाकर 80 प्रतिशत पानी बचा रहा है। बनारस स्टेशन से इसकी शुरुआत हो चुकी है। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह के अनुसार बनारस कोचिंग डिपो में ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट स्थापित किया जा चुका है।

उच्चस्तरीय धुलाई के लिए तीन स्टेजों में केमिकल और पानी का जेट स्प्रे कर धुलाई की जा रही है। मैनुअल धुलाई में प्रति कोच लगभग 300 लीटर पानी का उपयोग होता था। अब प्लांट लग जाने से 40 लीटर प्रति कोच हो गया है। औड़िहार, छपरा, गोमतीनगर और गोंडा कोचिंग डिपो में भी ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट लगाए जा रहे हैं।