UP के इस जिले में बनेगा नया रिंग रोड, 4 गुना रेट पर 5 गांवों की जमीन अधिग्रहण करेगी सरकार
UP News - हाल ही में आई एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक आपको बता दें कि यूपी के इस जिले में नया रिंग रोड बनेगा। जिसके लिए पांच गांवों से लगभग 15 हेक्टेयर जमीन खरीदी जाएगी.... इसमें तय हुआ कि जुर्रानपुर और गूमी गांव को ग्रामीण क्षेत्र में रखा जाएगा इसलिए इन गांवों में सर्किल रेट (circle rate in villages) की चार गुणा कीमत दी जाएगी।
HR Breaking News, Digital Desk- (UP News) हापुड़ हाईवे से दून बाईपास तक एक नया रिंग रोड बनेगा, जिसके लिए पांच गांवों से लगभग 15 हेक्टेयर जमीन खरीदी जाएगी। इस रिंग रोड (ring road) का रास्ता जुर्रानपुर फाटक, दिल्ली रोड (Delhi Road) और वेदव्यासपुरी से होकर गुजरेगा। जमीन की कीमत तय करने के लिए जिलाधिकारी डा. वीके सिंह की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया था।
समिति के निर्णयों को स्वीकृति दे दी गई है। इसमें तय हुआ कि जुर्रानपुर और गूमी गांव को ग्रामीण क्षेत्र में रखा जाएगा इसलिए इन गांवों में सर्किल रेट (circle rate in villages) की चार गुणा कीमत दी जाएगी। वहीं बुढ़ेडा जाहिदपुर, पूठा और रिठानी गांव को नगरीय क्षेत्र में रखा जाएगा, इसलिए यहां पर दो गुणा कीमत दी जाएगी।
जैन नगर संपर्क मार्ग (Jain Nagar Link Road) के निर्माण के लिए आशीर्वाद अस्पताल का कुछ हिस्सा तोड़ा जाएगा। सरकार अस्पताल को उसकी जमीन और मलबे के लिए मुआवजा देगी। जमीन के लिए, सर्किल रेट का दोगुना मुआवजा दिया जाएगा। लोक निर्माण विभाग (PWD) को दो दिनों के भीतर मलबे की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है ताकि जल्द से जल्द उसका मुआवजा दिया जा सके।
लोहियानगर कूड़ा निस्तारण को धन देगा मेडा, बदले में लेगा निगम की जमीन-
लोहियानगर में कूड़े के ढेर की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने एक नया प्रस्ताव तैयार किया है। पहले 28 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, लेकिन मंजूरी नहीं मिली। अब, मेडा (Meerut Development Authority) 28 करोड़ रुपये की लागत वहन करेगा, जिसके बदले में नगर निगम अपनी 2900 वर्ग मीटर की जमीन मेडा को देगा। इस समझौते के तहत, मेडा को दो साल के भीतर कूड़े का निस्तारण करना होगा। इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लेने के लिए इसे बोर्ड बैठक में रखा गया है।
मेडा की कालोनियों में सीवर नेटवर्क के लिए खर्च होंगे 15 करोड़-
मेडा ने अपनी कालोनियों में सीवर नेटवर्क (sewer network) का सर्वे कराया था। इसमें पाया गया कि 7.7 किमी की नई लाइन बिछानी पड़ेगी। वहीं 3.7 किमी की सफाई करानी पड़ेगी जोकि चोक हैं। 12 किमी की पाइप लाइन (pipe line) को दुरुस्त कराना पड़ेगा। इन सब पर 15 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसे स्वीकृति दे दी गई।
ये भी हुए निर्णय-
- भू-उपयोग परिवर्तन के 17 आवेदनों में से नौ स्वीकृत।
- शताब्दीनगर में अर्धनिर्मित भवनों का भारत सरकार की संस्था एनबीसीसी पुनर्निर्माण (NBCC reconstruction) कराएगी। उसके बाद मेडा का शेयर देते हुए उसकी बिक्री करेगी।
- पर्यावरण संरक्षण (environmental protection) की दिशा में पार्कों को विकसित करने के लिए 10 प्रतिशत धनराशि अवस्थापना निधि से खर्च किए जाएंगे।
- संपत्तियों के लिए जिन लोगों ने किस्त नहीं जमा की है, ऐसे लोगों का ब्याज माफ नहीं किया जाएगा।
- बोर्ड के नामित सदस्यों ने फ्लैटेड ज्वेलरी कांप्लेक्स (Flatted Jewellery Complex) के लिए औद्योगिक दर पर प्लाट व फ्लैट देने की मांग की। इस प्रस्ताव पर विचार करने का आश्वासन मिला।