UP में बसाया जाएगा एक और नोएडा, 21000 हेक्‍टेयर जमीन का होगा अधिग्रहण

UP News : उत्तर प्रदेश के विकास की रफ्तार को तेज करने के लिए योगी सरकार द्वारा नए प्रोजेक्ट को मंजूरी दी जा रही है। बता दे कि अब उत्तर प्रदेश में 21000 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होगा जहां पर एक और नोएडा बसाया जाएगा। आइए खबर में जानते हैं उत्तर प्रदेश में बताए जाने वाले इस नए नोएडा शहर के बारे में विस्तार से।

 

HR Breaking News : (UP New City) बीते कुछ सालों में देश के कई शहरों का काफी तेजी से विकास हुआ है। जिनमें नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा भी शामिल है। इन दोनों पैरों में वाणिज्यिक, औद्योगिक तथा आवश्यक परियोजनाओं के लिए भूमि की मांग काफी ज्यादा है लेकिन जमीन बहुत कम बची हुई है। जमीन की कमी को देखते हुए न्यू नोएडा के रूप में एक और नया शहर बसाने की योजना तैयार की गई है। बताया जा रहा है कि यह नया शहर 21000 हेक्टेयर जमीन में बनेगा तथा यह अपने में वाणिज्यिक, औद्योगिक तथा आवासीय परियोजनाओं को समेटे होगा।

न्यू नोएडा को ईस्टर्न व वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर, यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के पास बसाया जाएगा। यह नया शहर ग्रेटर नोएडा के समीप होगा और दादरी-नोएडा-गाजियाबाद इनवेस्‍टमेंट रीजन के अधीन आएगा।

नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण (Noida and Greater Noida Authority) के अनुसार, न्यू नोएडा के लिए गौतम बुद्ध नगर के 20 और बुलंदशहर के 60 गांवों की जमीन का अधिग्रहण होगा। जमीन अधिग्रहण की प्रकिया शीघ्र शुरू होगी। न्यू नोएडा के लिए मास्टर प्लान 2041 तैयार कर लिया गया है जिसे उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) ने मंजूरी भी दे दी है। अधिकारियों के अनुसार, न्यू नोएडा में लगभग 6 लाख लोगों की आवासीय मांग को पूरा करने की क्षमता होगी। यह शहर विकास को समायोजित करने, आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देने और एक आधुनिक, टिकाऊ शहरी केंद्र बनाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम होगा।

क्षेत्र में जमीन की कमी

एक रिपोर्ट के अनुसार ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (Greater Noida Industrial Development Authority) में अतिरिक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी (योजना) श्रीलक्ष्मी वीएस ने कहा कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में उद्योगों, लॉजिस्टिक्स और रियल एस्टेट (real estate news) के लिए जमीन की मांग में असाधारण वृद्धि हुई है, लेकिन अब इन क्षेत्रों में भूमि की उपलब्धता समाप्त हो चुकी है। इसलिए इस मांग को पूरा करने के लिए ‘न्‍यू नोएडा’ की योजना बनाई जा रही है।

उद्योगों को प्राथमिकता

न्‍यू नोएडा क्षेत्रीय आर्थिक विकास की दृष्टि से उद्योगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा। 40% भूमि औद्योगिक क्षेत्र के लिए आरक्षित होगी। 18% भूमि हरित क्षेत्र व मनोरंजन के लिए तथा 13% भूमि आवासीय परियोजनाओं के लिए आरक्षित होगी। शेष भूमि मिश्रित इस्‍तेमाल के लिए रखी जाएगी। श्रीलक्ष्मी वीएस का कहना है “हम न्यू नोएडा को उद्योगों, रियल एस्टेट, आईटी सेक्टर और शैक्षणिक संस्थानों की बढ़ती ज़मीन की मांग (demand for land) को पूरा करने के लिए विकसित कर रहे हैं।”

स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) द्वारा तैयार किए गए मास्टर प्लान के तहत कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और FMCG क्षेत्रों की औद्योगिक इकाइयों के लिए विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) भी न्‍यू नोएडा में विकसित किए जाएंगे। नोएडा में कौशल विकास केंद्र (Skill Development Center), ज्ञान केंद्र और एकीकृत टाउनशिप भी विकसित की जाएंगी। रेलवे के दोनों फ्रेट कॉरिडोर के संगम पर एक मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब भी प्रस्तावित है।

मिलेगा रियल एस्टेट को बड़ा बढ़ावा

रियल एस्टेट विशेषज्ञों के अनुसार, न्यू नोएडा (New Noida News) न केवल शहरीकरण की बढ़ती मांग को पूरा करेगा, बल्कि रियल एस्टेट निवेश (real estate investment) के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा। काउंटी ग्रुप के निदेशक अमित मोदी का कहना है कि यह सरकार की दूरदर्शिता को दर्शाता है, जिससे प्रदेश में आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

एसकेए ग्रुप के निदेशक का कहना है कि न्यू नोएडा, जो कि 21,000 हेक्टेयर में फैला होगा और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) के समीप होगा, स्मार्ट सिटी के रूप में क्षेत्र की तस्वीर बदल देगा।