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Delhi NCR के पेट्रोल पंपों पर नहीं लगे ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरे, अधिकारी तलब

Delhi NCR News : दिल्ली एनसीआर के पेट्रोल पंपो पर ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरे नहीं  लगने के कारण हरियाणा के अधिकारी तलब किए जाएंगे। वायु गुणत्ता प्रबंधन आयोग ने इनको समन जारी किए है। चलिए जानतें हैं इस पूरे मामले को विस्तार से। 
 

HR Breaking News (Delhi NCR News) : राष्ट्रीय राजधानी (Delhi NCR latest News) क्षेत्र में प्रदूषण करने वाले वाहनों पर निगरानी रखने की योजना समय पर सिरे नहीं चढ़ पाई है। पेट्रोल पंप पर वाहनों के नंबर प्लेट पहचान वाले कैमरे (petrol pumps pr lgege Automated number plate recognition cameras )  नहीं लगाए जाने पर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने हरियाणा (haryana news), उत्तर प्रदेश और राजस्थान के वरिष्ठ परिवहन अधिकारियों को समन जारी किया है। अधिकारियों को अगले सप्ताह आयोग के सामने पेश होकर देरी का कारण बताना होगा।

30 सितंबर तक का था समय (ncr news)

आयोग के अनुसार तीन राज्यों के एनसीआर क्षेत्र में 30 सितंबर तक ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरे लगाने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन निर्धारित समय बीतने के बावजूद काम शुरू नहीं हुआ है। हरियाणा के 2700, उत्तर प्रदेश के 987 और राजस्थान के 362 पेट्रोल पंप पर यह व्यवस्था स्थापित की जानी थी। आयोग ने चेतावनी दिए की संतोषजनक जवाब नहीं मिला या पेश नहीं होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

1 अक्टूबर से व्यवस्था होनी थी लागू

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (vayu gunvatta prabandhan aayog latest news) ने 15 मई को जारी निर्देशों में व्यवस्था की थी कि 1 अक्टूबर से एनसीआर में वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (Valid pollution control certificate) के बिना आने वाले वाहनों को पेट्रोल डीजल नहीं दिया जाएगा। इस नियम को लागू करने के लिए पेट्रोल पंप पर एएएनपीआर कैमरे लगाने और वाहनों के रिकॉर्ड तथा पीयूसीसी डेटाबेस से जोड़ने की योजना बनाई गई थी। इससे नंबर प्लेट के जरिए वाहनों की पहचान कर उसके प्रदूषण प्रमाण पत्र की व्यवस्था की जांच की जाएगी।

15 सदस्यों की विशेषज्ञ उपसमिति बनाई

एनसीआर में खराब होती हवा के पीछे जिम्मेदार प्रदूषण स्रोतों का पता लगाने के लिए आयोग ने 15 सदस्यों की उप समिति बनाई है। इसे दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। यह समिति हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश के उन क्षेत्रों की पहचान करेगी जहां से निकलने वाला प्रदूषण एनसीआर की वायु गुणवत्ता को प्रभावित करता है। इसके आधार पर प्रदूषण के प्रमुख कारणों का आकलन किया जाएगा।