वाहन चालकों को बड़ी राहत, इन टोल टैक्स पर 50 प्रतिशत कम हुआ टैक्स
HR Breaking News : (Toll Tax Rule) सफर करते वक्त जब भी किसी हाईवे तथा नेशनल हाईवे से गुजरते हैं वाहन चालकों को टाल अदा करना पड़ता है, लेकिन अब सड़क परिवहन तथा राजमार्ग मंत्रालय की तरफ से वाहन चालकों को बड़ी सौगात प्रदान की गई है।
आपको बता दे कि दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi Mumbai Expressway) से सफर करने वाले यात्रियों को अब 50% टोल टैक्स कम देना होगा। जी हां, दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे के निर्माणाधीन हिस्सों पर लगने वाला टोल टैक्स अब 50% तक घटाया जा रहा है। राजमार्ग मंत्रालय (Ministry of Highways) तथा सड़क परिवहन द्वारा उठाए गए इस कदम से वाहन चालकों को काफी राहत मिलेगी।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे टोल अपडेट
दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway Toll Update) पर लगने वाले टोल टैक्स के नियमों में बड़ा बदलाव (Changes in toll tax rules) किया गया है। इन नए नियमों को केंद्रीय वित्त मंत्रालय दोबारा सड़क परिवहन तथा राजमार्ग मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा लिया गया यह फैसला उन दो-लेन हाईवे हिस्सों पर लागू होगा, जिन्हें चार लेन में बदला जा रहा है।
टोल टैक्स के नियमों में हुआ ये बदलाव
फिलहाल इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोल का 60% वसूला जा रहा है लेकिन नई मंजूरी मिलने के बाद यह है चार्ज कम होकर 30% तक रह जाएगा। टोल टैक्स में यह कटौती (toll tax rules) निर्माण कार्य के दौरान मिलने वाली कम सुविधाओं की भरपाई के तौर पर की जा रही है।
वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) द्वारा जारी किए गए इस अपडेट को सुनकर लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या सिर्फ दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर ही टाल घटेगा? तो इस सवाल का जवाब देते हुए आपको बता दे की दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे के अलावा कई अन्य आंशिक रूप से खोले गए एक्सप्रेसवे सेक्शनों पर भी वाहन चालकों को कम चार्ज देना पड़ेगा।
वर्तमान में कई हिस्सों पर यात्रियों से 1.25 गुना टोल वसूला जा रहा है लेकिन अब इन हिस्सों पर सामान्य राष्ट्रीय राजमार्ग के बराबर ही टाल देना होगा।
नई टोल दरें इतने दिन तक लागू रहेंगी
टोल दरों में किया गया यह बदलाव अधिकतम एक साल तक या फिर एक्सप्रेसवे के पूरी तरह चालू होने तक लागू रहेंगी।
टोल टैक्स के नियमों में बदलाव से यात्रियों को होगा ये फायदा
अधिकारियों का कहना है कि अधिक टोल की वजह से कई वाहन चालक, खासकर भारी व्यावसायिक वाहन, एक्सप्रेसवे से बच रहे थे। लेकिन अब टोल घटने से ट्रैफिक वॉल्यूम बढ़ने की उम्मीद लॉजिस्टिक्स और लंबी दूरी की यात्रा के लिए यह कॉरिडोर ज्यादा आकर्षक बनेगा।
निर्माण कार्य में देरी को लेकर सरकार का क्या कहना ?
वित्त मंत्रालय की तरफ से कॉरिडोर के निर्माण कार्य (Construction work on the corridor) पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिए हैं और साफ-साफ यह भी कहा गया है कि तय समयसीमा में काम पूरा न करने पर ठेकेदारों पर जुर्माना लगाया जा सकता है।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर टोल को लेकर लिए गए इस फैसलें से न सिर्फ जेब पर बोझ कम होगा बल्कि अधूरे प्रोजेक्ट के चलते होने वाली असुविधाओं की भरपाई भी करेगी। साथ ही, सरकार का यह कदम एक्सप्रेसवे को देश के सबसे अहम फ्रेट और ट्रैवल कॉरिडोर के तौर पर स्थापित करने की दिशा में माना जा रहा है।