{"vars":{"id": "93802:4123"}}

uttar pradesh समेत 5 राज्यों में इनकम टैक्स की अब तक की सबसे बड़ी रेड, 250 करोड़ की नकदी पकड़ी, ट्रकों से ढोया कैश

uttar Pradesh Income Tax Raid : आयकर विभाग का छापा डाला जाता है तो लोग हैरान परेशान हो जाते हैं। आयकर विभाग देश के राजस्व को बचाने का काम करता है। अगर कोई आयकर को छिपाता है विभाग की ओर से ऐसे लोगों पर तगड़ी कार्रवाई की जाती है। देश में उत्तर प्रदेश समेत पांच जगहों पर ऐसी आयकर विभाग की रेड पड़ी है, जहां इतना कैश मिला है कि आंखें फटी की फटी रह गई हैं।

 

HR Breaking News (Income Tax Raid) देश में जब भी कहीं आयकर विभाग का छापा पड़ता है तो चर्चा शुरू हो जाती है। अलग-अलग ठिकानों पर आयकर विभाग पूरी तैयारी के साथ जाता है। आयकर विभाग की रेड चर्चा का विषय रहती है। आयकर विभाग के देश के पांच बड़े ऐसे छापे रहे हैं जो चर्चा का विषय रहे हैं।

 

 

कहीं 250 करोड़ की नगदी मिली तो कहीं ट्रकों में कैश ढोया गया। एक जगह तो 90 से अधिक छापे मारे गए थे। उत्तर प्रदेश के कानपुर की रेड चर्चा में है। इस रेड में तो कैश ढोने के लिए ट्रक मंगाने पड़े। ऐसे ही पांच बड़ी इनकम टैक्स की रेड रही, जिन्होंने पूरे देश को चौंका दिया।

 

कानपुर के ठिकानों पर हुई बड़ी रेड

 

साल 1981 की बात है। इस साल 16 जुलाई को जाने-माने बिजनेसमैन, पंजाब के पूर्व विधानसभा सदस्य और राज्यसभा सांसद सरदार इंदर सिंह के कानपुर में बने ठिकानों पर रेड हुई। इसमें एक साथ 90 से ज्यादा आयकर ऑफिसर्स (Income Tax officers) ने रेड डाली। आयकर अधिकारियों के साथ 200 की टीम का पुलिस बल रहा।

रेड तीन रात व दो दिन चली। इंदर सिंह तो कानपुर में दो बार मेयर भी रह चुके हैं। इस रेड के काफी संपत्ति और नकदी का पता चला था। इंदर सिंह के कानपुर के तिलक नगर, लाजपत नगर और आर्यनगर के करीबियों के ठिकानों और पनकी व फजलगंज में स्थित सिंह इंजीनियरिंग वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड की फैक्टरियों पर भी रेड डाली गई।

आयकर विभाग की ओर से इनको शील कर दिया गया। इस दौरान कानपुर, मसूरी और दिल्ली के लॉकर्स चेक किए गए। पहले दिन कानपुर में 92 लाख रुपये मिले। आयकर विभाग को सोना, गहने और फिक्स्ड डिपॉजिट भी पाए गए।

यह रेड दिल्ली तक पहुंची तो 72 हजार रुपये नकद, 1.1 लाख रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट की रसीद मिली। रेड 1.3 करोड़ रुपये की हुई। छापे के दौरान अगले दो दिनों में 30 लाख रुपये कीमत की सोने की छड़ें भी बरामद की गई। इनकी काउंटिंग में रिजर्व बैंक की स्थानीय शाखा को तब 18 घटे लगे थे।

झारखंड और ओडिशा के ठिकानों पर डाली गई रेड

आयकर विभाग की आज तक की सबसे बड़ी रेड की बात करें तो यह साल 2023 में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (IT Department) सांसद धीरज साहू के झारखंड और ओडिशा में स्थित ठिकानों पर डाली थी। 6 दिसंबर 2023 को शुरू हुई इस रेड से 351 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और करीब तीन किलो सोने के गहनों का पता। यह अब तक की किसी भी एजेंसी की ओर से सबसे बड़ी बरामदी रही है। इस रेड की शुरुआत ओडिशा में एक डिस्टलरी से हुई।

उत्तर प्रदेश में पड़ी रेड, गाड़ियों में ढोए नोट

कानपुर के इत्र कारोबारी पीयूष जैन के किदवईनगर स्थित आवास पर दिसंबर 2021 में रेड डाली गई। सामान्य जीवन जीने वाले पीयूष जैन (Piyush Jain) का कारोबार वैसे तो कन्नौज में था पर वह कानपुर (Kanpur Raid) में रहता था। रेड के दौरान अफसरों की आंखें फटी की फटी रह गई। जैन के आवास से 250 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद की गई।

पुराने स्कूटर से चलने वाले कारोबारी के यहां इतना खजाना मिलना, लोगों को हैरान कर रहा था। अफसरों को नकदी गिनने के लिए बड़ी संख्या में मशीनें मंगानी पड़ी थीं और बड़े-बड़े बक्सों में भर कर रुपये ट्रकों से ढोया गया। यह रेड 120 घंटे से भी अधिक समय तक चली और इस दौरान जिन 16 संपत्तियों के दस्तावेजों का पता चला, उनमें से कई दुबई में स्थित थीं। इसमें आरोपी को गिरफ्तार भी किया गया।

दिल्ली नोएडा की रेड में मिला इतना रुपया

देश की बड़ी रेडों में दिल्ली और नोएडा में स्थित सहारा समूह के दफ्तरों पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department Raid) की कार्रवाई भी शामिल है। कार्रवाई के दौरान 135 करोड़ रुपये नकदी और एक करोड़ के गहने मिले थे। टैक्स चोरी के मामले के दौरान रेड डाली गई। इस रेड के साथ ही सहारा समूह की कानूनी लड़ाई शुरू हुई थी और सहारा समूह के मुखिया सुब्रत रॉय को गिरफ्तार कर लिया गया था।

बेंगलुरु की रेड ने भी बटौरी सुर्खियां

2016 में एक हाई प्रोफाइल ऑपरेशन के दौरान इनकम टैक्स (High Profile Income Tax Raid) डिपार्टमेंट ने बेंगलुरु में दो इंजीनियरों और दो ठेकेदारों के ठिकानों पर दबिश दी। 5.7 करोड़ रुपये बरामद हुए, जिनमें 4.8 करोड़ रुपये नए नोट थे। 90 लाख रुपये बंद हो चुके नोटों के रूप में पाए गए थे। सात किलो सोना और 9 किलो गहने मिले। गहनों की कीमत काफी थी।