DA Hike Update : महंगाई भत्ते को बेसिक सैलरी में मर्ज करने की मांग, जानें कितनी बढ़ सकती है सैलरी

DA Hike Update : जहां एक ओर कर्मचारियों में आठवें वेतन आयोग के लागू होने का इंतजार बना हुआ है। वहीं,  दूसरी ओर कर्मचारी यूनियंस में महंगाई भत्ते को बेसिक सैलरी में मर्ज (DA Merge) करने की मांग चल रही है। अब इन चर्चांओ को लेकर कर्मियों में खूब उत्साह देखा जा रहा है। ऐसे में आइए खबर में जानते हैं कि ऐसा होने पर उनकी  सैलरी में कितना इजाफा होगा।
 

HR Breaking News (DA Hike) कर्मचारियों में उम्मीदें बनी हुई है कि नए वेतन आयोग लागू होने पर कर्मचारियों की सैलरी में बंपर उछाल देखने को मिलेगा। अब महंगाई लगातार बढ़ रही है। ऐसे में फाइनेंशियल राहत पाने के लिए कर्मचारियों (Central Employees DA Hike) की ओर से महंगाई भत्ते को बेसिक सैलरी में मर्ज करने की मांग की जा रही है। आइए खबर में जानते हैं कि इससे कर्मचारियों की सैलरी में कितनी बढ़ौतरी होगी। 

 

कितना डीए होगा बेसिक पे में मर्ज 


दरअसल, आपको बता दें कि फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशन्स (FNPO) की ओर से 1 जनवरी, 2026 से 50 प्रतिशत महंगाई भत्ते (DA Hike In January) को बेसिक पे में मर्ज करने की मांग की गई है और केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को अंतरिम रिलिफ देने की मांग की है। कर्मचारी संगठन का कहना है कि इस सरकार के इस पहल से फाइनेंशियल राहत मिलेगी और कर्मियों की परचेजिंग पावर बढ़ेगी। इससे देश भर के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को आर्थिक लाभ का फायदा मिलेगा।

 

4th, 5th, 6th CPC में DA मर्जर 


DA मर्जर के पहले के पैटर्न पर गौर करें तो इससे पहले जब 1986 में 4th CPC को लागू किया गया था तो उस समय में महंगाई भत्ता (dearness allowance) काफी बढ़ गया था, उस दौरान डीए  की अवधारणा शुरू हुई और डीए (DA Hike News)  के एक हिस्सा बेसिक पे में मर्ज किया गया। इसका इफेक्ट ये पड़ा है कि मर्ज किया गया DA रिटायरमेंट बेनिफिट्स की गणना में जोड़ा  गया।


इसके साथ ही 1996 में जब 5th CPC लागू किया गया था तो उस  समय में DA का स्तर काफी हाई हो गया। उसके बाद 2004 में जब DA 50 प्रतिशत के पार गया तो  ऐसे में 50 प्रतिशत डीए DA को डियरनेस पे(Dearness Pay ) के रूप में बेसिक पे में जोड़ा गया। इसका कर्मचारियों पर असर पड़ा कि DP को पेंशन और अन्य भत्तों के केलकुलेशन का बेसिक पे का हिस्सा माना गया।


इसके साथ ही जब 2006 में 6th CPC लागू किया गया तो अलग से डियरनेस पे सिस्टम (Dearness Pay ) को समाप्त कर दिया गया। इसके साथ ही पहले से DA मर्ज किया गया है, उस संशोधित डीए को Pay Band + Grade Pay संरचना में जोड़ा गया। उसके बाद से ही नई सैलरी स्ट्रक्चर में ही पेंशन और भत्तों का केलकुलेशन होने लगा।


क्यों की जा रही कर्मियों द्वारा ये मांग


अभी कर्मचारियों का मौजुदा DA और महंगाई राहत (Dearness Relief ) 58 प्रतिशत है, जिसमें जल्द ही 2 प्रतिशत इजाफे के आसार है। कर्मचारियों को दिया जाने वाला डीए और डीआर ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) पर बेसड होता है। सरकार का कहना है कि DA को बेसिक सैलरी के साथ मर्ज नहीं किया जाएगा, लेकिन कई कर्मचारी संगठन लंबे समय कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत देने के लिए DA को बेसिक सैलरी के साथ मर्ज करने की डिमांड कर रहे हैं।

सरकार की ओर से नवंबर में 8वें वेतन आयोग से अगले 18 महीनों में अपनी सिफारिश रिपोर्ट देने का समय दिया गया था। इस देरी के चलते कर्मचारी संगठन यह मांग कर रहे हैं कि सरकार DA को बेसिक सैलरी के साथ मर्ज (Basic salary merged with DA) कर दे।

कर्मचारियों की बढ़ेगी परचेजिंग पावर


FNPO के मुताबिक डीए सीधे जीवन-यापन की लागत से जुड़ा है और  इसकी बढ़ोतरी कर्मचारियों की वास्तविक मजदूरी में गिरावट का हिंट देती है। बढ़ती मुद्रास्फीति से बुनियादी वस्तुओं और सेवाओं के दाम में लगातार इजाफा हो रहा हैं, जिससे कर्मचारियों (Central Employees News) और पेंशनभोगियों की परचेजिंग पावर कमजोर हुई है। संगठन चाह रहे हैं कि पहले भी जब डीए (Dearness Allowance) 50 प्रतिशत से ऊपर गया है तो उसके एक हिस्से को मूल वेतन में मर्ज कर सैलरी स्ट्रक्चर को संतुलित किया गया था। डीए के मर्ज से अलाउंस, पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों में इजाफा होगा और साथ ही कर्मचारियों को लंबी अवधि की फाइनेंशियल स्थिरता मिल सकेगी।