DA Zero Update : इस दिन महंगाई भत्ता हो जाएगा शून्य, कर्मचारियों और पेंशनर्स के काम की खबर
DA Zero Update : केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को आगे चल कर जीरो कर दिया जाएगा। साथ में पेशनर्स की महंगाई राहत की राशि भी शून्य हो जाएगा। कर्मचारियों के लिए आज के समय में महंगाई भत्ता बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन निकट भविष्य में यह जीरो किया जाएगा। चलिए जानते हैं इसको कब जीरो किए जाने की उम्मीद है।
HR Breaking News (DA Will Become Zero) देश के 1 करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को फिलहाल महंगाई भत्ते और आठवें वेतन आयोग का इंतजार है। वहीं दूसरी तरफ खबर आ रही है कि कर्मचारियों का महंगाई भत्ता जीरो कर दिया जाएगा। इसके पीछे उचित तर्क भी दिया जा रहा है। चलिए जानते हैं महंगाई भत्ता शून्य होने के बारे में-
क्यों दिया जाता है महंगाई भत्ता
कर्मचारियों को महंगाई भत्ता समय के हिसाब से बढ़ती महंगाई (Increasing DA Hike) पर दिया जाता है। उनकी सैलरी में बढ़ोतरी की जाती है ताकि उनको महंगाई से तुरंत राहत मिलती रहे। सरकार की तरफ से हर 10 साल में एक बार नए वेतन आयोग का गठन कर दिया जाता है। उसके बाद फिर महंगाई भत्ता बढ़ाकर कर्मचारियों को राहत दी जाती है।
हर साल दो बार बढ़ता है महंगाई भत्ता
सरकार की तरफ से महंगाई भत्ते (DA Hike Update) में हर साल दो बार इजाफा किया जाता है। पहला महंगाई भत्ता जनवरी से तो दूसरा महंगाई भत्ता जुलाई महीने से लागू होता है। हर 6 महीने के अंतराल में बढ़ी हुई महंगाई के हिसाब से कर्मचारियों की सैलरी को बढ़ाया जाता है।
कब होगा महंगाई भत्ता शून्य
अब अगले साल कर्मचारियों के लिए आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission for employees) का गठन करके उसको लागू किए जाने की पूरी उम्मीद है। ऐसे में जब नया वेतन आयोग गठित कर दिया जाता है तो महंगाई भत्ते को ऑटोमेटिक जीरो कर दिया जाता है। नए सिरे से कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA Hike Update) शुरू होता है। हर 6 महीने में ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आधार पर उनके आंकड़ों में बढ़ोतरी की जाती है।
कर्मचारियों ने उठाई है मांग
कर्मचारी महंगाई भत्ते (employees DA Hike) को फिलहाल तो बेसिक सैलरी में मर्ज करने की मांग उठा रहे हैं। इसके अलावा कर्मचारी चाहते हैं कि नए वेतन आयोग में उनके महंगाई भत्ते को हर महीने या फिर 3 महीने में बढ़ाया जाए, ताकि समय से कर्मचारियों को बढ़ रही महंगाई से राहत मिल सके।