Delhi News : इन अपराधों में नहीं जाना होगा जेल, दिल्ली सरकार ने लिया बड़ा फैसला
Delhi सरकार द्वारा राज्य में हो रहे अपराध पर सख्ती बरती जा रही है। बता दें कि अब कुछ मामलों में अपराध करने पर भी जेल नहीं जाना होगा। इसको लेकर दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से इस बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इस बारे में।
HR Breaking News - (Delhi News)। हाल ही में दिल्ली सरकार ने कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में एक बड़े फैसले को लिया है। बता दें कि अब कुछ तरह का विशेष अपराध करने पर भी जेल नहीं जाना होगा। सरकार के इस फैसले का मकसद जेलों पर बढ़ रहे बोझ को कम करना है। इसके अलावा छोटे धों में वैकल्पिक सजा को बढ़ावा देना भी इन्हीं मकसद में एक है। इसकी वजह से आम लोगों को काफी लाभ हो रहा है।
दिल्ली सरकार ने उठाया बड़ा कदम-
दिल्ली की सियासत और प्रशासन ने हाल ही में एक बड़ा कदम उठाया है। इसको लेकर उन्होंने मंगलवार को एक बड़ा निर्णय लिया है। सीएम रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई दिल्ली मंत्रिमंडल की बैठक में दिल्ली जन विश्वास उपबंध संशोधन विधेयक (Delhi Public Trust Clauses Amendment Bill)- 2026 को मंजूरी प्रदान कर दी गई है।
इस बिल का मुख्य उद्देश्य छोटे-मोटे अपराधों को अपराध की कैटेगरी से बाहर निकालकर उन्हें सिविल पेनाल्टी (Civil penalty) में बदलाव करना है। इसकी वजह से आम लोगों और कारोबारियों को गैरजरूरी कानूनी झंझट से राहत मिलने वाली है।
छोटे नियमों का उल्लंघन करने पर नहीं होगा केस दर्ज-
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी किये गए बयान में बताया गया है कि ये विधेयक न सिर्फ बिजनेस करने को आसान बनाएंगे, बल्कि आम जनता की रोजमर्रा के जीवन को भी इसकी वजह से काफी आसान होगा। छोटे नियमों का उल्लंघन होने पर अब आपराधिक केस नहीं दर्ज किया जाने वाला है।
इससे कोर्ट पर बोझ काफी हद तक कम हो जाएगा और प्रशासनिक व्यवस्था ज्यादा प्रभावी बन सकेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ कर दिया है कि ये बिल दिल्ली विधानसभा (Delhi Legislative Assembly) के विंटर सेशन में पेश किया जाएगा, जिसकी शुरुआत 5 जनवरी से होने वाली है।
सरकार ने कई महत्वपूर्ण कानूनों को किया शामिल-
इस बिल के दायरे में सरकार ने कई महत्वपूर्ण कानूनों को शामिल किया है। इनमें दिल्ली इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एक्ट, Delhi Shops and Establishments Act, ‘इनक्रेडिबल इंडिया’ बेड एंड ब्रेकफास्ट एक्ट, दिल्ली जल बोर्ड एक्ट (Delhi Jal Board Act), दिल्ली प्रोफेशनल कॉलेजेज एक्ट, डिप्लोमा लेवल टेक्निकल एजुकेशन एक्ट और दिल्ली एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस मार्केटिंग एक्ट को भी शामिल किया गया है। इन कानूनों के अंतर्गत अब मामूली उल्लंघनों के लिए जेल या फिर आपराधिक कार्रवाई के बजाय जुर्माने का प्रावधान बनाया गया है।
बिल में सामने रखा गया ये प्रपोजल-
बिल में ये प्रपोजल भी किया गया है कि कानून लागू होने के बाद जुर्माने की राशि में खुद ब खुद हर तीन साल में 10 प्रतिशत तक की बढ़ौतरी की जाने वाली है। इसकी वजह से महंगाई के साथ पेनाल्टी प्रभावी बनी रहेंगे। दिल्ली (Delhi news) सरकार ने बताया है कि ऐसा करने से कानूनों का पालन किया जाएगा। हालांकि लोगों को गैरजरूरी डर या उत्पीड़न का सामना नहीं करना होगा।
दिल्ली की सीएम ने दी जानकारी-
सीएम रेखा गुप्ता (Delhi CM Rekha Gupta) ने जानकारी देते हुए बताया है कि ये बिल केंद्र सरकार के जन विश्वास (संशोधन) अधिनियम की तर्ज पर बनाया जाने वाला है। साथ ही साथ दिल्ली सरकार का मकसद साफ है कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा दिया जाएगा। ये निर्णय दिल्ली में विश्वास, सरल और व्यावहारिक प्रशासनिक व्यवस्था की ओर बढ़ता हुआ स्टेप माना जा रहा है।