DL : कमर्शियल वाहनों के लिए अलग से लाइसेंस बनाने की तैयारी, जानें क्या रहेगा प्रोसेस

Driving license : वाहन चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस का होना बहुत जरूरी है। आपको बता दे की ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े नियमों में एक बार फिर से बड़ा बदलाव होने वाला है। अब कमर्शियल वाहनों के लिए अलग से लाइसेंस बनाने की तैयारी चल रही है। चलिए खबर में जानते हैं इसके लिए क्या रहेगा प्रोसेस।
 

HR Breaking News : (Driving license Rule) ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े नियमों को समय-समय पर अपडेट किया जाता है। इन दिनों भी ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े नियमों में एक बड़ा बदलाव होने वाला है। आपको बता दे कि अब कमर्शियल वालों के लिए अलग से लाइसेंस बनाए जाएंगे। चलिए डिटेल से जानते है ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े नियमों में हुए बदलाव के बारे में विस्तार से। 


भारी वाहन का लाइसेंस बनवाने के लिए लगेगा एक साल


आपको बता दे कि कमर्शियल वाहनों की लिस्ट में श्रेणी के हिसाब से 1 साल के एक्सपीरियंस के आधार पर दूसरा लाइसेंस बनाया जाएगा। ऐसे में भारी वाहन का लाइसेंस बनवाने के लिए चार साल तक का समय लगेगा। ड्राइविंग लाइसेंस परिवहन विभाग की तरफ से बनाएं जाते है। परिवहन विभाग (Transport Department) के तहत बाइक, ऑटो, कार आदि के लिए अलग-अलग लाइसेंस बनाए जाते है। पहले व्यावसायिक वाहनों (कमर्शियल व्हीकल) के अलग लाइसेंस बनते थे, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)  द्वारा सुनाएं गए एक फैसलें के अनुसार, साढ़े सात टन तक कुल भार वाहन चलाने के लिए अलग व्यावसायिक लाइसेंस नही बनते है। हालांकि, मध्यम व भारी माल वाहनों के लाइसेंस (Heavy vehicle license) अभी भी बन रहे हैं।


परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की बैठक में हुई चर्चा


पिछलें दिनों राजधानी दिल्ली में केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Highway Minister Nitin Gadkari) की अध्यक्षता में हुई बैठक में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने पर चर्चा हुई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं सबसे बड़ा कारण बिना अनुभव वाले वाहन चालकों द्वारा वाहन चलाना माना गया। इस पर MV एक्ट में दोबारा बदलाव करने का निर्णय लिया गया। 


ऐसे में अब 1 साल का सामान्य चौपहिया लाइसेंस होने पर ही सामान्य व्यावसायिक वाहन लाइसेंस (Commercial vehicle license) बनेगा और व्यावसायिक वाहन लाइसेंस का 1 साल पूरा होने पर मध्यम भार वाहन का लाइसेंस बनेगा। इस लाइसेंस की अवधि को एक वर्ष गुजरने के बाद ही भारी वाहन का लाइसेंस बनाया जाएगा। 


जिन वाहन चालकों के पास पहले से ही मध्यम व भारी वाहनों के लाइसेंस हैं, उन्हें नए सिरे से लाइसेंस बनाने (Driving license Process) की जरूरत नहीं पड़ेगी।