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किसानों को भैंस खरीदने के लिए मिलेगी 1 लाख 30 हजार की सहायता, जानें योजना के नियम

Haryana News : किसानों के लिए  सरकार कह और से राहत दी जा रही है। अब किसानों को भैंस खररीदने पर 1 लाख 30 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इसके लिए नियम क्या है चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से। 

 

HR Breaking News (Haryana News) : हरियाणा में सालाना 1.80 लाख रुपए तक की आय वाले गरीब परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार पशुपालन को रोजगार की विकल्प के रूप में बढ़ावा देंगे। इसके तहत पात्र परिवारों को भैंस खरीदने के लिए 80000 रूपये तक की सब्सिडी (bhains kharidne ke liye milegi subsidy) दी जाएगी। वहीं वीटा की ओर से 50 हजार रुपए तक की आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का उद्देश्य इन परिवारों की आमदनी बढ़ाने के साथ उन्हें खुद का रोजगार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना की हुई समीक्षा

सीएम सैनी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना (mukhyamantri antyoday parivar utthan yojana) की समीक्षा बैठक की। उसमें अधिकारियों को निर्देश दिए कि जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ जल्द दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि रोजगार से जुड़ी योजना और बैंकों की ऋण सुविधाओं के बीच बेहतर सम्नवय बनाया जाए। ताकि पात्र परिवारों को आर्थिक मदद के लिए भटकना न पड़े।

दुध बेच कमा सकेंगे अतिरिक्त मुनाफा

योजना के तहत अंत्योदय परिवारों (latest news haryana) से खरीदे जाने वाले दूध पर सरकार प्रति लीटर 10 रुपये प्रोत्साहन राशि देगी। इस रकम का उपयोग परिवार अपने ऋण की किस्त चुकाने के लिए भी कर सकेंगे। इससे पशुपालन शुरू करने वाले परिवारों को नियमित आय मिलने के साथ कर्ज चुकाने में भी सहायता मिलेगी।

इतनों को मिली ऋण मंजूरी

अधिकारियों ने बताया कि अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के पहले चरण में 1.35 लाख परिवारों के ऋण मंजूर किए गए थे। दूसरे चरण में जिला स्तरीय मेलों के माध्यम से 67, 096 परिवारों को बुलाया गया है। इनमें से 20, 103 परिवारों को रोजगार शुरू करने के लिए परामर्श किया गया। जबकि 15159 परिवारों ने ऋण के लिए आवेदन किया है। इनमें से 11687 आवेदनों को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। मुख्यमंत्री ने बैंकों को निर्देश दिए कि जरूरतमंद परिवारों के ऋण आवेदनों को बेवजह लंबित न रखा जाए। साथ ही पशुपालन विभाग को इस साल कम से कम 15000 भैंसों के लिए ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य पूरा करने को कहा गया है।