Delhi के साथ जुड़ेगा हरियाणा ये जिला, सरकार ने दी 194KM नई रेलवे लाइन को मंजूरी, 5,983 करोड़ रुपए होंगे खर्च
New Railway Line : देश के सभी राज्यों को एक दूसरे के साथ कनेक्ट करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। कहीं पर नया एक्सप्रेसवे और हाईवे का निर्माण हो रहा है तो वहीं कई जिलों में सड़क दोहरीकरण का काम भी प्रगति पर चल रहा है। अब सरकार ने हरियाणा के जिलों की दिल्ली के साथ कनेक्टिविटी को मजबूत करने का ऐलान किया है। इसके लिए नई रेलवे लाइन (New Railway Line) को मंजूरी दी गई है। इस रेलवे प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 5,983 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया गया है।
HR Breaking News - (New Railway Line in Haryana)। देश की राजधानी दिल्ली को हरियाणा राज्य के साथ जोड़ने की कवायद अब तेज हो गई है। दरअसल, हाल ही में केंद्र सरकार ने दिल्ली से हरियाणा राज्य के अंबाला जिले के बीच नई रेल लाइन (New Railway Line News) बिछाने का ऐलान किया है। इस रूट पर नई रेलवे लाइन बिछने से लाखों लोगों का सफर आसान हो जाएगा।
दिल्ली से अंबाला के बीच बिछेगी 194KM लंबी रेलवे लाइन -
रिपोर्ट के अनुसार, इस नए रेल ट्रैक की कुल लंबाई 194 किलोमीटर होगी। इस प्रोजेक्ट के लिए 5,983 करोड़ रुपए का बजट तैयार किया गया है। इस नई रेल लाइन को सेना से लेकर सामान्य यात्रियों तक, सबके लिए महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। इसके साथ ही दिल्ली और अंबाला की विकास गति में भी तेजी आएगी। इस रेलवे लाइन (New Railway Line in Delhi, Haryana) के आसपास लगते इलाकों में जमीन के रेट तेजी से बढ़ने की संभावना है। यह प्रोजेक्ट राजधानी और अंबाला जिले दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगा।
हरियाणा के इन जिलों को मिलेगी रेलवे लाइन की कनेक्टिविटी -
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnav) ने शनिवार को बताया कि मोदी कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी है। यह परियोजना दिल्ली से जम्मू तक रणनीतिक लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। हरियाणा में यह लाइन अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत और सोनीपत से होकर गुजरेगी। इस पर आने वाले 32 रेलवे स्टेशनों पर सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया है कि इस महत्वपूर्ण परियोजना को 4 सालों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण (Land acquisition) की जरूरत नहीं होगी। मौजूदा रेल लाइन के साथ-साथ रेलवे की काफी जमीन इसके लिए उपयोग की जाएंगी।
नई रेल लाइन पर बनेंगे 29 पुल -
रेल परियोजना दिल्ली-अंबाला के तहत एक मुख्य पुल और 28 अन्य पुलों का निर्माण करने की योजना है। इसके साथ ही रास्ते में आने वाले सभी पुराने पुलों का पुनर्निर्माण भी किया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद 43 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन रुकेगा।
दिल्ली से पंजाब की कनेक्टिविटी होगी मजबूत -
इस रेल परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली से पंजाब और आगे जम्मू तक कनेक्टिविटी मजबूत होगी। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, रणनीतिक लिहाज से यह जरूरी भी है। ये नई रेलवे लाइन (New Railway Line) ट्रैफिक जाम को काफी हद तक कम करेगी। बता दें कि यह परियोजना उन परियोजनाओं में से एक थी, जिन्हें PM मोदी की अध्यक्षता में साउथ ब्लॉक कार्यालय में हुई पिछली कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई थी। इससे पहले कि सरकार ने औपनिवेशिक काल के परिसरों को खाली कर दिया और सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन में स्थानांतरित हो गई।
हरियाणा में इन रेल परियोजनाओं पर किया जा रहा काम -
दिल्ली-अंबाला नई लाइन - मोदी सरकार की कैबिनेट की ओर से मंजूर 18,509 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स के तहत, दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक में मल्टी-ट्रैकिंग की जा रही है।
कुरुक्षेत्र में एलिवेटेड रेल ट्रैक: शहर के बीच से गुजरने वाली लाइन को ऊपर उठाकर जाम को कम करने की परियोजना है, जिसमें 5 मुख्य लेवल क्रॉसिंग को हटाया जा रहा है।
करनाल-यमुनानगर नई रेल लाइन - यह 61 किलोमीटर की लाइन इंद्री, लाडवा और रादौर के रास्ते कुरुक्षेत्र-यमुनानगर मार्ग को कनेक्ट करेगी, जो मौजूदा 121KM के मार्ग को कम कर 61KM कर देगी। फिलहाल, यह प्रोजेक्ट सर्वे स्तर पर है।
रोहतक-महम-हांसी नई लाइन - यह लाइन रोहतक, भिवानी और हिसार जिलों के बीच सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करती है, जिससे 20KM की दूरी कम हो गई है।
हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (HORC) - यह एक 122-131 किलोमीटर लंबी नई इलैक्ट्रिक डबल ब्रॉड-गेज लाइन है, जो कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे के साथ-साथ चल रही है। यह पलवल से शुरू होकर सोहना, मानेसर और खरखौदा के रास्ते हरसाना कलां (सोनीपत) को जोड़ेगी।