हरियाणा में 1612 करोड रुपए की लागत से होगा मेट्रो के दूसरे चरण का विस्तार
HR Breaking News (Haryana Metro Update) : ओल्ड गुरुग्राम में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार (old gurugram mein metro network ke vistar) की दिशा में एक और कदम बड़ा है। हरियाणा सरकार ने परियोजना के दूसरे चरण के टेंडर को मंजूरी दी है। अब गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (Gurugram Metro Rail Limited news) की ओर से अगले सप्ताह तक टेंडर जारी किए जाने की संभावना है। करीब 1662 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस कोरिडोर के पूरा होने पर शहर के पुराने हिस्सों को दिल्ली-जयपुर हाईवे और साइबर सिटी से सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
15.3 किलोमीटर लंबा होगी दूसरा कॉरिडोर
दूसरे चरण में सेक्टर-9 से डीएलएफ साइबर सिटी (Cyber City Gurugram) तक 15.3 किलोमीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर बनाया जाएगा। इस रोड पर सेक्टर-7, सेक्टर -4, सेक्टर -5, रेलवे स्टेशन, अशोक विहार एक्सटेंशन, पालम विहार, सेक्टर 23 ए, सेक्टर 22, सेक्टर 21, उद्योग विहार, फेस 1, डीएलएफ, साइबर सिटी में स्टेशन बनानने प्रस्तावित है। इस कॉरिडोर में कुछ हिस्सों पर डबल डेकर व्यवस्था की जाएगी। सेक्टर-5 से शीतला माता रोड की ओर अंडरपास के अलावा बजघेड़ा रोड पर सुशील मार्ग से ओल्ड रोड दिल्ली की दिशा में मेट्रो के साथ फ्लाईओवर बनाने की योजना है। इससे एक ही कॉरिडोर में मेट्रो और सड़क यातायात के लिए अलग-अलग स्तर पर व्यवस्था हो सकेगी।
पहले चरण इतने किलोमीटर लंबा नेटवर्क होगा तैयार
ओल्ड गुरुग्राम में मेट्रो परियोजना (Metro project in Old Gurugram) के तहत कुल 30.5 किलोमीटर लंबा नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इसमें पहले चरण में 28 स्टेशन बनने प्रस्तावित है। पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर, सेक्टर , सेक्टर-45, यूनिटैक साइबर पार्क, सेक्टर-47, सुभाष चौक, सेक्टर-48, सेक्टर-72ए, हीरो होंडा चौक, उद्योग विहार फेज-छह, सेक्टर-10, सेक्टर-37, गांव बसई, सेक्टर-101, सेक्टर-न 9 सहित स्थानों पर मेट्रो स्टेशन का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है।
1 साल में 15 प्रतिशत तक काम हुआ पूरा (gurugram latest news)
पहले चरण के निर्माण का जिम्मा दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड व रंजित बिल्डकॉन लिमिटेड को सौंपा गया था। पिछले साल अगस्त में टेंडर प्रक्रिया आवंटित होने के बाद कंपनियों को 2 साल में करीब 15.221 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का निर्माण पूरा करना है। हालांकि 1 साल से अधिक समय गुजरने की बावजूद अब तक लगभग 14 से 15 प्रतिशत काम ही पूरा हुआ है।
अधिकारियों के तबादले से बढ़ सकती है चुनौतियों (metro project)
मेट्रो परियोजना के निर्माण के बीच प्रशासनिक स्तर पर हुए बदलाव भी महत्वपूर्ण है। प्रदेश सरकार ने 8 सितंबर को आइएएस चंद्रशेखर खरे का तबादला है हेफेड के प्रबंध निदेशक के पद पर कर दिया। उनके पास एचएसवीपी के मुख्य प्रशासक और जीएमआरएल सहित अन्य संबंधित संस्थाओं का अतिरिक्त कार्यभार है। इसके बाद आइएएस मुकुल कुमार को जीएमआरएल जिम्मेदारी दी गई। 25 सितंबर को जारी दूसरी तबादला सूची में एचएसवीपी के मुख्य प्रशासक और एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक का कार्यभार आइएएस अजय कुमार को सौंप दिया गया। जबकि जीएमआरएल की जिम्मेदारी आइएएस मुकुल कुमार के पास ही रहेगी। अभी विभागों के दो हिस्सों में बंटने से मेट्रो कार्य पर प्रभाव पड़ सकता है।