High Court ने कर्मचारियों को दी बड़ी राहत, सरकार को दिए ये निर्देश
High Court - हरियाणा में कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए हाई कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने हैफेड में कार्यरत पात्र कर्मचारियों के पक्ष में आदेश देते हुए राज्य सरकार को जॉब सिक्योरिटी पोर्टल (Job Security Portal) अपडेट करने और सेवा सुरक्षा का लाभ सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं... कोर्ट की ओर से आए इस फैसले को विस्तार से जानने के लिए खबर को पूरा पढ़ लें-
HR Breaking News, Digital Desk- (High Court) हरियाणा में संविदा कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा से जुड़े एक अहम मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट (Punjab and Haryana High Court) ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने हैफेड में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को राहत देते हुए उनके पक्ष में महत्वपूर्ण टिप्पणी की है।
हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि हैफेड (HAFED) का नाम तत्काल प्रभाव से ऑनलाइन जॉब सिक्योरिटी पोर्टल पर जोड़ा जाए, ताकि पात्र कर्मचारी हरियाणा संविदा कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) अधिनियम-2024 के तहत पंजीकरण कर सकें और उन्हें सेवा सुरक्षा का लाभ मिल सके।
जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की अदालत ने दिनेश कुमार एवं अन्य कर्मचारियों (employees) द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत को बताया गया कि सभी कर्मचारी हैफेड में सुरक्षा गार्ड (Security Guard at Employee Hafed) के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपनी नियुक्ति तिथि तक लगातार पांच वर्ष की सेवा पूरी कर ली है और इस आधार पर वे अधिनियम के तहत सेवा सुरक्षा पाने के पूर्ण रूप से पात्र हैं।
याचिका में कहा गया कि राज्य सरकार ने संविदा कर्मचारियों के डेटा अपलोड (Upload data of contract employees) और पंजीकरण के लिए ऑनलाइन जॉब सिक्योरिटी पोर्टल विकसित किया था, लेकिन हैफेड का नाम पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो रहा था। इसके कारण कर्मचारी निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पंजीकरण नहीं करा पाए, जिससे उन्हें अधिनियम के तहत मिलने वाले लाभ से वंचित होने की स्थिति उत्पन्न हो गई।
अदालत के समक्ष यह भी रखा गया कि हैफेड प्रबंधन ने संबंधित विभाग को पत्र लिखकर पोर्टल में नाम शामिल न होने की जानकारी दी थी। वहीं कर्मचारियों की ओर से भी 4 फरवरी 2026 को विस्तृत प्रतिनिधित्व सौंपा गया, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। यहां तक कि पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाए जाने के बावजूद भी इस समस्या का समाधान नहीं हो सका।
सुनवाई के दौरान अदालत ने अधिनियम की धारा-2, 3 और 4 का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी विभाग, बोर्ड, निगम या प्राधिकरण के अधीन कार्यरत ऐसे संविदा कर्मचारी, जिन्होंने अपनी नियुक्ति तिथि तक पांच वर्ष की निरंतर पूर्णकालिक सेवा पूरी कर ली है, उन्हें सेवा सुरक्षा प्रदान किया जाना कानूनन अनिवार्य है।
अदालत ने यह स्पष्ट किया कि हैफेड राज्य सरकार के प्रशासनिक और वित्तीय नियंत्रण में कार्यरत संस्था है, ऐसे में वहां नियुक्त कर्मचारी अधिनियम (Employee Act) के दायरे में पूरी तरह आते हैं। रिकॉर्ड के अवलोकन के बाद अदालत इस नतीजे पर पहुंची कि याचिकाकर्ता सभी शर्तें पूरी करते हैं और उन्हें सेवानिवृत्ति की आयु तक सेवा में बने रहने की वैधानिक सुरक्षा प्राप्त है।
इसके आधार पर अदालत ने याचिका स्वीकार करते हुए राज्य सरकार को जॉब सिक्योरिटी पोर्टल अपडेट (Job Security Portal Update) करने और हैफेड में कार्यरत पात्र कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा का औपचारिक लाभ प्रदान करने के निर्देश जारी किए। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने की तिथि से आठ सप्ताह के भीतर सभी आवश्यक कार्रवाई पूरी की जाए।