Haryana और यूपी के शहरों में बनेंगे नमो भारत के कॉरिडोर, जानें क्या होगा रूट
Haryana - हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के कॉरिडोर बनाए जाएंगे। आपको बता दें कि इस योजना से यात्रियों को तेज और सुरक्षित कनेक्टिविटी मिलेगी, साथ ही क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा... ऐसे में चलिए आइए नीचे खबर में जान लेते है कि इसका रूट क्या रहेगा-
HR Breaking News, Digital Desk- (Namo Bharat Corridor in Delhi NCR) दिल्ली एनसीआर में आठ नमो भारत कॉरिडोर पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण टर्निंग प्वाइंट साबित होंगे। इन कॉरिडोरों के जरिए नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम को जोड़ने का प्रस्ताव है। गाजियाबाद-दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर (Ghaziabad-Delhi-Meerut Rapid Rail Corridor) पहले ही तैयार हो चुका है, जबकि सराय काले खां (Sarai Kale Khan) से गुरुग्राम होते हुए अलवर तक नया कॉरिडोर बनाया जाएगा। सरकार नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम के लिए ऑर्बिटल कनेक्टिविटी की तैयारी कर रही है, जिससे दिल्ली एनसीआर के 10 से अधिक शहर आपस में जुड़े होंगे।
गुरुग्राम से नोएडा और ग्रेटर नोएडा तक बेहतर कनेक्टिविटी-
हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम (gurugram), फरीदाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाले 64 किलोमीटर लंबे नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर का फाइनल अलाइनमेंट मंजूर कर दिया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। इस कॉरिडोर का 52 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा (haryana) में और बाकी उत्तर प्रदेश में होगा। मुख्यमंत्री ने विधानसभा (Chief Minister Assembly) में बताया कि प्रस्तावित हाई-स्पीड कॉरिडोर गुरुग्राम के इफको चौक से शुरू होकर फरीदाबाद, फिर नोएडा और ग्रेटर नोएडा (greater noida) तक कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
हरियाणा सरकार गुरुग्राम और फरीदाबाद के बीच मेट्रो और रैपिड रेल के समानांतर मॉडल पर योजना तैयार कर रही है, जैसा दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल (Delhi-Meerut Rapid Rail) और मेरठ मेट्रो में है। इसके साथ ही फरीदाबाद से नोएडा को सीधे जेवर–गाजियाबाद नमो भारत कॉरिडोर के जरिए नोएडा एयरपोर्ट से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। ये तीनों शहर दिल्ली-अलवर और दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल रूट (Delhi-Meerut Rapid Rail Route) के माध्यम से सराय काले खां से भी जुड़े होंगे।
दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी-अलवर कॉरिडोर -
दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी-अलवर नमो भारत कॉरिडोर (Delhi-Gurugram-SNB-Alwar Namo Bharat Corridor), रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के अगले चरण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह रूट दिल्ली (सराय काले खां) से शुरू होकर गुरुग्राम (आईएफएफको चौक, राजीव चौक, खेड़की दौला), बावल और राजस्थान (rajasthan) के अलवर तक जाएगा। सराय काले खां से गुरुग्राम और धारूहेड़ा के बीच सिविल वर्क और निर्माण कार्य पहले ही शुरू हो चुका है। गुरुग्राम के हिस्से में पिलर और एलिवेटेड वायाडक्ट का निर्माण (Construction of elevated viaduct) जारी है।
गाजियाबाद-नोएडा-जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर-
गाजियाबाद-नोएडा-जेवर एयरपोर्ट (Ghaziabad-Noida-Jewar Airport) नमो भारत कॉरिडोर फरीदाबाद और गुरुग्राम को सीधे जेवर एयरपोर्ट के माध्यम से जोड़ेगा। यह रूट गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा (चार मूर्ति चौक, परी चौक) होते हुए जेवर एयरपोर्ट तक प्रस्तावित है। इसकी डीपीआर (DPR) को मंजूरी मिल चुकी है और कुल लंबाई 72 किलोमीटर होगी।
दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर-
दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर (Delhi-Panipat-Karnal Namo Bharat Corridor) भी नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (NCRTC) की प्रायोरिटी कॉरिडोर में शामिल है। यह एनसीआर के बड़े शहरों और चार राज्यों के बीच हाई-स्पीड कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। खबरों के मुताबिक, दिल्ली-अलवर और दिल्ली-करनाल कॉरिडोर को इसी वित्तीय वर्ष में मंजूरी मिल सकती है। गाजियाबाद-जेवर और नोएडा-फरीदाबाद-गुरुग्राम कॉरिडोर (Noida-Faridabad-Gurugram Corridor) भी रफ्तार पकड़ सकते हैं, और गाजियाबादजेवर कॉरिडोर को दिल्ली तक बढ़ाया जा सकता है।
जेवर एयरपोर्ट का मार्च 2026 में उद्घाटन-
जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन (Jewar Airport inaugurated) मार्च 2026 में होने वाला है, जिससे इस कॉरिडोर के निर्माण में तेजी आएगी। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक पूरे रूट पर नमो भारत ट्रेनें चलने लगें। दिल्ली और गाजियाबाद से नोएडा एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। यह कॉरिडोर गाजियाबाद में रैपिड रेल के मुख्य नेटवर्क से परी चौक पर नोएडा मेट्रो और जेवर में एयरपोर्ट से जुड़ेगा, जिससे यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे नए सेक्टरों और 'फिल्म सिटी' को सीधा लाभ मिलेगा।