New Expressway : प्रदेश में बनेगा सबसे लंबा एक्सप्रेसवे, इन 68 गांवों से होगा रूट

longest expressway : देश के विकास की रफ्तार को तेज करने के लिए सरकार की तरफ से नए-नए एक्सप्रेसवे तथा नई रेलवे लाइन बिछाई जा रही है। अब फिर उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से एक नया कदम उठाया गया है और बताया गया है कि प्रदेश में सबसे लंबा एक्सप्रेसवे बनेगा, जिस पर 68 गांव से रूट होगा।
 

HR Breaking News : (longest expressway news) उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से अपने प्रदेश को चमकाने के लिए जोरों शोरों से काम किया जा रहा है। इन दिनों उत्तर प्रदेश देश में सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन गया है। अब उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) की तरफ से प्रदेश के विकास को नई दिशा प्रदान करने के लिए एक और बड़ा फैसला दिया गया है। आपको बता दे कि अब यूपी में सबसे लंबा एक्सप्रेसवे बनेगा, जिसे प्रदेश वासियों को काफी ज्यादा फायदा होगा।


जी हां, गोरखपुर-शामली ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे (Gorakhpur-Shamli Greenfield Link Expressway) परियोजना को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI Latest Updates) ने कामकाज शुरू कर दिया है। प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे नवाबगंज और बहेड़ी तहसीलों के कुल 68 गांवों से होकर गुजरेगा। 


इनमें से नवाबगंज क्षेत्र के 17 गांवों में निर्माण कार्य की जिम्मेदारी NHAI बरेली को सौंपी गई है, जबकि बाकी 51 गांवों में निर्माण कार्य NHAI मुरादाबाद की देखरेख में कराया जाएगा। परियोजना के लिए चिन्हित गांवों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया के तहत 3-A की कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है।


पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के बीच रेल मार्ग (railroad track) से कई सीधी ट्रेनें चलती हैं, लेकिन सड़क के जरिए सफर करना अभी भी काफी कठिन माना जाता है। इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। गोरखपुर-शामली ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना (Gorakhpur-Shamli Greenfield Link Expressway) को कुशीनगर तक बढ़ाने की अनुमति दे दी गई है और इसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

उत्तराखंड से बढ़ेगा संपर्क


बरेली जिले में भी सड़क और एक्सप्रेसवे से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाएं (projects related to the expressway) चल रही हैं। उत्तराखंड से सीधा संपर्क बढ़ाने के लिए बरेली-सितारगंज हाईवे बनाया जा रहा है। इसमें बरेली-पीलीभीत हिस्से का लगभग 50% काम और पीलीभीत-सितारगंज हिस्से का करीब 30% काम पूरा हो चुका है।


इसके अलावा बरेली-मथुरा हाईवे (Bareilly-Mathura Highway) को चौड़ा किया जा रहा है, जिससे मथुरा और आगरा तक यात्रा आसान हो जाएगी। यह हाईवे बदायूं में गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) और मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway in Mathura) से भी जुड़ जाएगा।


गोरखपुर-शामली ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे (Gorakhpur-Shamli Greenfield Link Expressway) बनने से जिले में एक्सप्रेसवे की कमी भी खत्म हो जाएगी। इसके लिए नवाबगंज के 34 गांव और बहेड़ी के 34 गांव की जमीन ली जाएगी और जमीन अधिग्रहण का प्रोसेस शुरू हो चुका है।

सावधानी से किया जाएगा जमीन परिवर्तन 


NHAI ने राजस्व विभाग को कहा है कि जिन गांवों में एक्सप्रेसवे बनना है वहां जमीन के उपयोग में बदलाव (कृषि से गैर-कृषि) करते समय सावधानी बरती जाए। यूपी में जमीन को कृषि से आवासीय या व्यावसायिक बनाने का अधिकार एसडीएम को धारा 143 / धारा 80 के तहत होता है।


NHAI के परियोजना निदेशक नवरत्न के अनुसार, एक्सप्रेसवे वाले गांवों में जमीन परिवर्तन सावधानी से किया जाएगा ताकि आगे कोई समस्या न हो।


निर्माण की जिम्मेदारी भी NHAI की है। 17 गांवों में निर्माण NHAI बरेली करेगा और 51 गांवों में निर्माण NHAI मुरादाबाद करेगा। किसानों को जमीन का मुआवजा (land compensation) एनएचएआई देगा, लेकिन मुआवजा बांटने और जमीन का कब्जा दिलाने का काम प्रशासन करेगा।