New Expressway : यूपी और हरियाणा के बीच सफर होगा आसान, बनाया जाएगा हाई स्पीड कॉरिडोर, 22 जिलों को मिलेगा सीधा लाभ
New Expressway Latest Update : उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बीच सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए सरकार ने नया एक्सप्रेसवे बनाने की योजना बनाई है। इस एक्सप्रेसवे के बनने से लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इस एक्सप्रेसवे के चालू होने से सफर आसान और पहले से तेज हो जाएगा। बता दें कि यह एक्सप्रेसवे 22 जिलों से होकर गुजरेगा। आईये नीचे खबर में विस्तार से जानते हैं -
HR Breaking News - (new expressway)। पूर्वी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के विकास को रफ्तार मिलने वाली है। दरअसल, सरकार ने दोनों राज्यों के बीच नया एक्सप्रेसवे बनाने का प्लान तैयार किया है। यूपी और हरियाणा वालों के लिए अच्छी खबर है। दरअसल, प्रस्तावित गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे (Gorakhpur-Panipat Expressway) का निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।
इस दिन शुरू होगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य -
गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे (Gorakhpur-Panipat Expressway) के निर्माण की जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सौंपी गई है। इस महत्वाकांक्षी ग्रीनफील्ड कॉरिडोर की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट अंतिम चरण में है। अधिकारियों ने जानकरी देते हु बताया है कि नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य मार्च 2026 तक शुरू हो सकता है। इसका सीमांकन अंतिम चरण में है।
बनेगा 6 लेन का हाई-स्पीड कॉरिडोर -
बता दें कि इस एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई करीब 650 किलोमीटर होगी, जिससे यह उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे (New Expressway) बन जाएगा। यह एक एक्सेस कंट्रोल्ड 4 से 6 लेन का हाई-स्पीड कॉरिडोर होगा, अनुमान है कि इस एक्सप्रेसवे को भविष्य में 8 लेन बनाया जा सकता है। इस मेगा प्रोजेक्ट को पूरा करने में लगभग 15,000 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा। यह प्रोजेक्ट दोनों ही राज्यों के लिए खास है। दरअसल इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से उत्तर प्रदेश और हरियाणा के विकास को तेजी मिलेगी।
22 जिलों से होकर गुजरेगा नया एक्सप्रेसवे -
गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे (Gorakhpur-Panipat Expressway Update)पू्र्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से शुरू होकर पश्चिमी यूपी को पार करते हुए हरियाणा के पानीपत तक बनाया जाएगा। इस तरह यह यूपी के 20 से 22 जिलों से होकर गुजरेगा, जिनमें बलरामपुर, श्रावस्ती, सीतापुर, हरदोई, शाहजहांपुर, बदायूं, रामपुर, मुरादाबाद, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, मेरठ और शामली जैसे जिले शामिल हैं। इन जिलों से एक्सप्रेसवे के गुजरने से विकास गति को रफ्तार मिलेगी।
शामली तक बनाने का था प्रस्ताव -
यह कॉरिडोर (Haryana New Corridor) पूर्वांचल, रूहेलखंड और पश्चिमी यूपी के महत्वपूर्ण क्षेत्रों को कवर करेगा। पहले यह एक्सप्रेसवे केवल शामली तक बनाने का प्रस्ताव था, जिसे अब बढ़ाकर पानीपत तक कर दिया गया है।
15 घंटे का सफर 7 घंटे में होगा पूरा -
यह एक्सप्रेसवे पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा के समय को नाटकीय रूप से कम कर देगा। वर्तमान में, पूर्वी यूपी से हरियाणा (Haryana News) या पश्चिमी यूपी की यात्रा में 12 से 15 घंटे लगते हैं। इस नए कॉरिडोर के चालू होने के बाद, यह यात्रा केवल 7 से 8 घंटों में पूरी हो सकेगी।
उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा -
यह कॉरिडोर हरियाणा के औद्योगिक हब को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कृषि और'एक जिला एक उत्पाद' (ODOP) के तहत आने वाले हस्तशिल्प और कपड़ा उद्योगों से जोड़ेगा। इससे माल ढुलाई में तेजी आएगी, लॉजिस्टिक्स लागत में भारी कमी आएगी, और पूरे क्षेत्र में आर्थिक व औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। धार्मिक पर्यटन को भी इससे बढावा मिलेगा क्योंकि, नेपाल सीमा से सटे जिलों जैसे बलरामपुर और श्रावस्ती से हरिद्वार तक की धार्मिक यात्रा भी मात्र 6 घंटे में संभव हो सकेगी।
दो फेज में पूरा किया जाएगा एक्सप्रेसवे का काम -
इस एक्सप्रेसवे (New Expressway) के निर्माण कार्य को 2 फेज में पूरा करने की योजना बनाई गई है। पहले फेज में पानीपत से शामली होते हुए पुवायां (शाहजहांपुर) तक, लगभग 450 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद फेज 2 में पुवायां से गोरखपुर तक, लगभग 300 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे बनेगा। NHAI ने इस परियोजना की जिम्मेदारी शुरुआत में रायबरेली यूनिट को दी थी, जिसे अब अयोध्या यूनिट को सौंपा गया है। निर्माण कार्य को लगभग 10 पैकेज में विभाजित किए जाने की संभावना है ताकि इसे तेजी से, लगभग ढाई साल में, पूरा किया जा सके।