रेवाड़ी में 5000 एकड़ में विकसित होगी नई औद्योगिक टाउनशिप, 3 तहसीलों में है HSIIDC का प्रोजेक्ट
HR Breaking News : (IMT In Rewari) हरियाणा प्रदेश के विकास की रफ्तार को बढ़ावा देने के लिए सरकार की तरफ से नए-नए कदम उठाए जा रहे हैं। अब हरियाणा के रेवाड़ी जिले में औद्योगिक विकास (Industrial development in Rewari district) को नई रफ्तार मिलने की प्लानिंग चल रही है। रेवाड़ी जिले (rewari news) में तकरीबन 5000 एकड़ जमीन पर नई औद्योगिक टाउनशिप विकसित की जाएगी। हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (HSIIDC) की तरफ से इस प्रोजेक्ट के लिए तीन तहसीलों के 12 गांव की जमीन चिन्हित की गई है। सबसे खास बात यह है कि इस परियोजना के लिए जमीन देने की इच्छुक किसानों और जमीन मालिकों से आवेदन भी मांगे गए थे। आवेदन का प्रोसेस (Application process) 30 जुलाई 2025 से शुरू होकर 31 अगस्त 2025 को बंद हो चुका है। चलिए जान लेते हैं रेवाड़ी में विकसित होने वाली इस नई औद्योगिक टाउनशिप (New Industrial Township) से जुड़ी पूरी जानकारी।
रेवाड़ी में किस जगह पर विकसित होगी नई औद्योगिक टाउनशिप?
HSIIDC के इस प्रोजेक्ट के तहत रेवाड़ी जिले की पाल्हावास, कोसली और रेवाड़ी तहसील के गांव की जमीन खरीदने की योजना बनाई गई है। इसके लिए टोटल 5000 एकड़ जमीन की जरूरत बताई गई है। प्रस्तावित गांव में खेड़ा आलमपुर, पहराजवास, पाल्हावास, रोहड़ाई, रोजूवास, सैदपुर, शादीपुर, अहमदपुर पड़तल, सुर्खपुर टप्पा कोसली, कुतुबपुर जागीर और कुतुबपुर मौला समेत अन्य गांव शामिल है।
e-Bhumi Portal के जरिए जमीन खरीदने का प्लान
इस औद्योगिक टाउनशिप के लिए HSIIDC की तरफ से ई भूमि पोर्टल (e-Bhumi Portal) के माध्यम से जमीन खरीदी जानी है। इच्छुक जमीन मालिकों से अपनी जमीन देने के लिए आवेदन भी मांगे गए थे और पोर्टल पर जारी जानकारी के अनुसार आवेदन 30 जुलाई 2025 से 31 अगस्त 2025 तक स्वीकार किए गए। इस तारीख का मतलब है की जमीन देने के लिए आवेदन की तय की गई सीमा अब समाप्त हो चुकी है।
औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा (Promoting industrial development)
रेवाड़ी में प्रस्तावित 5000 एकड़ की यह औद्योगिक टाउनशिप जिले के विकास से जुड़ी बड़ी योजना है। इसके माध्यम से क्षेत्र में औद्योगिक विस्तार को बढ़ावा (industrial development in rewari) मिलने के साथ-साथ निवेश के नए ऑप्शन खुल जाएंगे तथा रोजगार के मौके भी युवाओं के सामने आ जाएंगे। फिलहाल इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन से जुड़ा प्रक्रिया HSIIDC के माध्यम से प्रस्तावित है।