New Pay Commission : बड़ा सवाल? नए वेतन आयोग में क्या 7वें वेतन आयोग जितनी होगी बढ़ोतरी
New Pay Commission : नए वेतन आयोग को लेकर सरकारी कर्मचारियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इसमें सातवें वेतन आयोग जैसी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी या नहीं। 8वां वेतन आयोग की घोषणा के बाद उम्मीदें तो बढ़ी हैं, लेकिन महंगाई भत्ता, फिटमेंट फैक्टर और सरकारी वित्त जैसे पहलू ही अंतिम बढ़ोतरी तय करेंगे-
HR Breaking News, Digital Desk- (New Pay Commission) आठवें वेतन आयोग ने कर्मचारियों और अन्य हितधारकों से सुझाव मांगे हैं। इसी बीच केंद्र सरकार के कर्मचारियों में यह सवाल तेजी से चर्चा में है कि क्या अगली वेतन समीक्षा में 8वां वेतन आयोग के तहत वेतन बढ़ोतरी, सातवां वेतन आयोग (7th pay commission) से ज्यादा होगी या नहीं।
कर्मचारी यूनियनें जहां ऊंचे फिटमेंट फैक्टर (fitment factor) की मांग कर रही हैं, वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि अंतिम बढ़ोतरी काफी हद तक महंगाई भत्ते (DA) के स्तर पर निर्भर करेगी। नए सैलरी स्ट्रक्चर (new salary structure) के लागू होने के समय DA कितना होगा, यही इस पूरी प्रक्रिया का सबसे अहम पहलू माना जा रहा है। आइए इस चर्चा को विस्तार से समझने की कोशिश करते हैं…
क्यों मायने रखता है फिटमेंट फैक्टर-
वेतन आयोग के तहत सैलरी रिव्यू तय करने में फिटमेंट फैक्टर (fitment factor) सबसे अहम भूमिका निभाता है। फिटमेंट फैक्टर एक तरह का मल्टीप्लायर होता है, जिसे मौजूदा बेसिक सैलरी पर लागू कर नई सैलरी तय की जाती है। 7वां वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था। इसके चलते न्यूनतम बेसिक वेतन (minimum basic salary) 7,000 रुपये से बढ़कर लेवल-1 कर्मचारियों के लिए 18,000 रुपये हो गया, जबकि सीनियर अधिकारियों की सैलरी 2.5 लाख रुपये प्रति माह तक पहुंची। अब 8वां वेतन आयोग को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि नया फिटमेंट फैक्टर कितना तय किया जाएगा।
DA की भूमिकामल्टीप्लायर तय करने में क्यों अहम है-
फिटमेंट फैक्टर (fitment factor) तय करने में एक बड़ा कारक यह होता है कि नए वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करते समय महंगाई भत्ता (DA) किस स्तर पर पहुंच चुका है। आमतौर पर नया मल्टीप्लायर लागू करने से पहले जमा हो चुके DA को मूल वेतन में जोड़ दिया जाता है। यही बढ़ा हुआ बेसिक वेतन आगे चलकर नए सैलरी स्ट्रक्चर की गणना का आधार (Basis for calculating the new salary structure) बनता है। उदाहरण के तौर पर, अगर लागू होने के समय DA करीब 60 फीसदी है, तो फिटमेंट फैक्टर तय करते वक्त इसी आंकड़े को शुरुआती आधार माना जाता है।
8वें वेतन आयोग में मल्टीप्लायर बहुत ज्यादा क्यों नहीं रखा जा सकता-
मौजूदा DA स्तर एक बड़ी वजह हो सकता है, जिसके चलते कर्मचारियों को अपेक्षाकृत कम फिटमेंट फैक्टर पर ही संतोष करना पड़े। जब 6वां वेतन आयोग (6th pay commission) समाप्त हुआ और 7वां वेतन आयोग लागू किया गया, तब तक महंगाई भत्ता पहले ही करीब 125 फीसदी तक पहुंच चुका था। DA के इस ऊंचे स्तर ने उस समय वेतन आयोग को सैलरी स्ट्रक्चर को ज्यादा व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से पुनर्गठित करने की गुंजाइश दी थी।
इसके उलट, 7वां वेतन आयोग के तहत अभी DA करीब 58 फीसदी है। माना जा रहा है कि 8वां वेतन आयोग लागू होने तक इसमें थोड़ा इजाफा हो सकता है, लेकिन यह लगभग 65-70 फीसदी के आसपास ही पहुंचेगा।
क्योंकि DA का आधार पिछली बार की तुलना में काफी कम है, इसलिए विशेषज्ञ मानते हैं कि बहुत बड़ा फिटमेंट फैक्टर तय होने की संभावना कम है। आसान शब्दों में, DA जितना कम होगा, वेतन में बड़ी बढ़ोतरी की गुंजाइश भी उतनी ही सीमित रहेगी।
कर्मचारी यूनियनें क्या मांग कर रही हैं-
कर्मचारी संगठन 8वां वेतन आयोग में ऊंचे फिटमेंट फैक्टर (Higher fitment factor in 8th Pay Commission) की जोरदार मांग कर रहे हैं। इसी क्रम में फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइज़ेशन्स (FNPO) ने अलग-अलग वेतन स्तरों में मौजूद असमानताओं को खत्म करने के लिए 3.0 से 3.25 के बीच मल्टी-लेवल फिटमेंट फैक्टर लागू करने का प्रस्ताव रखा है।
प्रस्ताव के अनुसार-
लेवल 15: फिटमेंट फैक्टर 3.0
लेवल 612: फिटमेंट फैक्टर 3.05 से 3.10
लेवल 1313A: फिटमेंट फैक्टर 3.05
लेवल 1415: फिटमेंट फैक्टर 3.15
लेवल 16: फिटमेंट फैक्टर 3.2
लेवल 1718: फिटमेंट फैक्टर 3.25
कर्मचारी प्रतिनिधियों का तर्क है कि इस तरह की चरणबद्ध संरचना जूनियर और सीनियर स्तरों पर वेतन में सार्थक वृद्धि सुनिश्चित करेगी.
अलग-अलग रिपोर्टें अलग-अलग दायरे बताती हैं-
साथ ही, अलग-अलग रिपोर्टें और विशेषज्ञों के अनुमान संभावित फिटमेंट फैक्टर को लेकर व्यापक दायरा दिखाते हैं। कुछ आकलन बताते हैं कि मल्टीप्लायर 1.83 से 2.57 के बीच रह सकता है, जो मोटे तौर पर पिछले वेतन संशोधनों के अनुरूप माना जा रहा है।
वहीं कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि अगर कर्मचारी संगठनों की मांगें स्वीकार की जाती हैं, तो फिटमेंट फैक्टर 3.0 या 3.25 तक भी बढ़ सकता है। हालांकि अंतिम फैसला कई बातों पर निर्भर करेगा, जैसे महंगाई का रुझान, सरकार की वित्तीय स्थिति, निजी क्षेत्र से वेतन की तुलना और DA को मूल वेतन में शामिल करने की पद्धति।
कब लागू हो सकता है आठवां वेतन आयोग-
सरकार ने जनवरी 2025 में 8वां वेतन आयोग की घोषणा की थी, लेकिन इसके लागू होने में अभी समय लगेगा। आम तौर पर परामर्श, सुझाव और अंतिम सिफ़ारिशों की प्रक्रिया में 18 से 24 महीने लगते हैं।
उम्मीद है कि 2026 तक कर्मचारी यूनियनों के साथ बातचीत तेज होगी, जिसके बाद आयोग अपनी सिफ़ारिशों को अंतिम रूप देगा। फिलहाल सरकारी कर्मचारियों की उम्मीदें काफी ऊंची हैं, खासकर तब जब यूनियनें 3.25 तक के फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रही हैं।
हालांकि, पिछले वेतन आयोग के समय की तुलना में DA का स्तर कम होना एक बड़ी चुनौती बन सकता है। अगर यही फैक्टर गणनाओं पर हावी रहा, तो 8वां वेतन आयोग वेतन में अच्छी बढ़ोतरी तो ला सकता है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि वह बढ़ोतरी अभी चल रही चर्चाओं और कर्मचारियों की ऊंची उम्मीदों के स्तर तक पहुंच पाए।