Delhi NCR नहीं, इन शहरों में डबल हो जाएंगे प्रोपर्टी के रेट, आ गई रिपोर्ट
property rates :दिल्ली एनसीआर के साथ साथ देश के कई अन्य शहरों में भी प्रगति कार्य लगातार रफ्तार पकड़ रहा है। ऐसे में यहां पर प्रॉपर्टी की कीमतों में भी उछाल दर्ज किया जा रहा है। ऐसे में यहां पर प्रॉपर्टी की कीमतें (property price hike) भी डबल होने वाली है। इसकी वजह से आम लोगों की परेशानी में इजाफा देखने को मिलेगा। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से इस बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इस बारे में।
HR Breaking News - (property Price Latest Update)। लगातार बढ़ रही महंगाई का प्रभाव प्रॉपर्टी की कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है। अब सिर्फ Delhi NCR ही नहीं, बल्कि इन शहरों में भी प्रॉपर्टी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है। कीमतों में तेजी (Property ke rate) आने के पीछे कई वजह बताई जा रही है। इसमें से प्रमुख वजह बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर को बताया जा रहा है। जैसे जैसे इन शहरों में सुविधाएं बढ़ जाएगी वैसे वैसे यहां पर प्रॉपर्टी की कीमतों में भी उछाल आएगा। चलिये खबर के माध्यम से जानते हैं कि किन शहरों में प्रॉपर्टी के रेट डबल हो गए है।
जमीन की कीमत में आ सकता है उछाल-
देश के छोटे और मिड लेवल के शहरों में अब रियलएस्टेट का नया सुनहरा दौर शुरू होने की उम्मीद लगाई जा रही है। हाल ही में जारी की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार की इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर देने वाली पॉलिसी टियर-2 और टियर-3 शहरों में जमीन की कीमत (land price in Tier-3 cities) अगले दो से चार साल में 25 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक उछल सकती हैं। साथ ही में बड़े शहरों में विकास हो चुका है, इस वजह से डेवलपमेंट अब ग्रोइंग शहरों की ओर मुड़ रही है। इन शहरों में नौकरियों के नए मौके बनने वाले हैं। वहीं बेहतर सड़कें और इंडस्ट्रियल हब बनकर सामने आ रहे हैं।
सरकार ने की नई तैयारी-
रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि देश का रेजिडेंशियल रियलएस्टेट सेक्टर (residential real estate sector) मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। सरकार की ओर से 12.2 लाख करोड़ का पब्लिक कैपिटल एक्सपेंडिचर प्लान किया जा रहा है। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार बढ़ोतरी और आर्थिक स्थिरता पर फोकस किया जा रहा है।
बजट 2026 (public capital expenditure) में घोषित बड़े निवेश, जैसे अर्बन चैलेंज फंड और सिटी इकोनॉमिक रीजन (CER) प्रोजेक्ट्स, टियर-2 और टियर-3 सिटी में इंडस्ट्रियल और कमर्शियल संभावनाएं खोली जा रही है। इसकी वजह से रेजिडेंशियल सेगमेंट में नई डिमांड (Residential segment) बनकर सामने आ रही है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये इनवेस्टमेंट न सिर्फ जमीन की कीमतों को उछालेगी, बल्कि इसकी वजह से संतुलित शहरी विकास को भी बढ़ावा मिल जाएगा।
इन शहरों में बढ़ेंगे प्रॉपर्टी के रेट-
जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक भुवनेश्वर, कटक, इरोड, पुरी, वाराणसी और विशाखापत्तनम जैसे शहरों को आने वाले समय में रियल एस्टेट का असली ग्रोथ सेंटर बनकर सामने आने वाला है। इन शहरों में नए हाउसिंग डिमांड कॉरिडोर (New housing demand corridors) बनकर सामने आएंगे। यहां पर नए एम्प्लॉयमेंट हब, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनने से लैंड मार्केट तेजी से रिएक्ट कर रहा है। जमीन की कीमतें हाउसिंग (Housing Scheme) से ज्यादा तेज बढ़ती हैं, खासतौर पर जब नई कनेक्टिविटी सामने आती है।
इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की वजह से बढ़ रही है जमीन की कीमत-
रिपोर्ट में इन शहरों के मौजूदा लैंड रेट्स भी दिए जा रहे हैं। उदाहरण के तौर पर भुवनेश्वर में 4,000-8,000 रुपये प्रति वर्ग फीट, पुरी में 5,500-10,500 रुपये वर्ग फीट तक का रेट चल रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट से जमीन की कीमत (land price Hike) पर तुरंत प्रभाव पड़ता है। मेट्रो कॉरिडोर के 500 मीटर से 1 किमी के दायरे में प्रॉपर्टी 8-25 प्रतिशत प्रीमियम पर बिकती है। हालांकि प्रोजेक्ट पूरा होने पर 15-40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है। एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे (Airport and Expressway project) जैसे बड़े प्रोजेक्ट और भी शानदार रिटर्न प्रोवाइड करा रहे हैं।
मल्टी-ईयर अप्रिशिएशन होगा शामिल-
इन एरिया को घोषणा से लेकर पूरा होने तक प्रभावित इलाकों में 30-70 प्रतिशत तक कीमत में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। हाई-ग्रोथ पेरिफेरल एरिया में प्लॉटेड डेवलपमेंट्स और लैंड पार्सल्स में 80-100 प्रतिशत से ज्यादा की मल्टी-ईयर अप्रिशिएशन (Multi-Year Appreciation) संभव बताये जा रहे हैं। इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और लॉजिस्टिक्स हब्स से भी 20-60 प्रतिशत ग्रोथ की उम्मीद लगाई जा रही है। इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट नए इलाकों में फैल रहा है। इस स्थिति में हाउसिंग डिमांड (housing demand) रोजगार के साथ आने वाले हैं। इसकी वजह से नए शहरों में होम ओनरशिप के मौके बढ़ेंगे और शहरी विकास संतुलित हो जाएंगे।