UP के 8 शहरों की बदलेगी तस्वीर, पहले चरण के लिए 425 करोड़ रुपए मंजूर

UP News : यूपी एक घनी आबादी वाला राज्य है। यहां पर सरकार ने कई नए प्रोजेक्ट की शुरुआत की है। अब जल्द ही प्रदेश के इन 8 शहरों की सूरत बदलने वाली है। यहां पर सरकार ने लोगों  को आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कई योजनाएं शुरू की है। आइए खबर मे जानते हैं कि यूपी (UP Housing Scheme) में कौन सी आवासीय योजना शुरू की गई है। 
 

HR Breaking News (UP News) यूपी में शहरीकरण की रफ्तार को नई ऊंचाईयों पर पहुंचाने के लिए और बढ़ती आबादी को आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने एक बड़ी पहल की है। प्रदेश (UP News) में शहरी आबादी को ध्यान में रखते हुए काम शुरू किया गया है और पहले चरण के लिए 425 करोड़ रुपए की मंजूरी मिल गई है। खबर में जानिए इस बारे में विस्तार से-

 

इतने करोड़ की सीड कैपिटल को मिली मंजूरी 


दरअसल, आपको बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) की अध्यक्षता में जो कैबिनेट बैठक आयोजित की गई है, उसमें 'मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण व नए शहर प्रोत्साहन योजना' (Urban Expansion Scheme ) के तहत प्रदेश के 8 प्रमुख शहरों के विकास के लिए 425  रुपये करोड़ की सीड कैपिटल को हरी झंडी दिखा दी गई है। सरकार के इस फैसले से खासतौर से मंझोले और तेजी से बढ़ते शहरों को फायदा होगा।


बता दें कि कैबिनेट द्वारा स्वीकृत इस धनराशि के अलोटमेंट निम्न शहरों के लिए हुए हैं। इन शहरों में- बरेली और वाराणसी, उरई और चित्रकूट, बांदा और प्रतापगढ़, गाजीपुर और मऊ का नाम शामिल है। इन शहरों में नए उपनगरों का विकास ऐसे होगा कि वहां रहने वाले लोगों को आधुनिक बुनियादी ढांचा, बेहतर सड़कें, जैसी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।

 

जानिए क्या है सीड कैपिटल का केलकुलेशन 


बता दें  कि मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना (Chief Minister Urban Extension Scheme) का मकसद बेतरतीब शहरी विस्तार को रोककर सुनियोजित विकास को बढ़ाना है। योजना के नियमों के मुताबिक यहां पर नए शहर बसाने के लिए जमीन अधिग्रहण में जो लोग आएगी, उसका कुल खर्च का अधिकतम 50 प्रतिशत राज्य सरकार सीड कैपिटल (State Government Seed Capital) के रूप में वहर करती है।


इसके साथ ही विकास प्राधिकरणों (development authorities) को यह राशि अधिकतम 20 सालों के अंदर ही सरकार को वापस देनी होगी फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट हेतु कुल 3000 रुपये करोड़ का भारी-भरकम प्रोविजन किया है। अभी फिलहाल में जारी 425 रुपये करोड़ इसी बजट के फर्स्ट फेज का हिस्सा है।

 

योजना से आवासीय संकट होंगे दूर 


जानकारो  का कहना है कि इस योजना (Housing scheme in UP) से आवासीय संकट दूर होने के साथ ही स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों में बढ़ौतरी होगी। नए शहरों के निर्माण से रियल एस्टेट, निर्माण क्षेत्र और स्थानीय व्यापार को नई दिशा मिलेगी। इसके साथ ही पुराने शहरों पर बढ़ते आबादी का भार कम होगा। योगी सरकार का यह निर्णय प्रदेश को 'ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी' (trillion dollar economy)  बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा।