Property Tax Haryana : बकाया प्रोपर्टी टैक्स भरने के लिए 10 दिन का समय, नहीं तो ज्यादा पैसे भरने पड़ेंगे
HR Breaking News (Property Tax) हरियाणा में नई व्यवस्था के तहत पुरानी दरों पर टैक्स भुगतान के लिए तय अवधि दी गई थी, जिसे अब 10 दिन ओर बढ़ा दिया गया है। शहरी स्थानीय निकायों की अधूरी तैयारियों और पोर्टल पर डाटा अपडेट ना होने की वजह से मुख्यालय ने 10 दिन ओर प्रॉपर्टी टैक्स की नई पॉलिसी (New property tax policy) को टाल दिया है। अब बकाया प्रोपर्टी टैक्स न भरने पर प्रोपर्टी मॉलिकों को अधिक भुगतान करना पड़ सकता है।
हिसार शहर के प्रोपर्टी मालिकों को मिली राहत (Haryana Property Tax Policy)
ULB मुख्यालय की ओर से सभी निकायों को तैयारियां पूरी करने के लिए 10 दिन का ज्यादा समय दे दिया है। चीफ टाउन प्लानर के द्वारा प्रवेश स्तर पर आयोजित वीसी के बाद अब निकायों को रिकॉर्ड अपडेट करने के लिए 10 अक्टूबर तक का समय (Time for entities to update records) दिया गया है। इससे हिसार शहर के 1.55 लाख से ज्यादा प्रॉपर्टी मालिकों को राहत मिली है, जो अब 10 अक्टूबर तक अपने हिसाब से पुरानी या नई दर से प्रॉपर्टी टैक्स को जमा करवा सकेंगे।
10 अक्टूबर के बाद नई पॉलिसी के तहत जमा होगा टैक्स (Tax under new policy)
हिसार नगर निगम (hisar nagar nigam) की कमिश्नर का कहना है कि निगम के टैक्स क्लर्कों की ओर से शहर के सभी कॉलोनियों का डाटा नए कलेक्टर रेट (new collector rate) के अनुसार ही लगभग अपडेट किया गया है। अब इसे मुख्यालय स्तर पर मंजूर कर डाटा साइट पर अपलोड किया जाने वाला है, जिसके बाद यह पोर्टल पर लाइव होगा। उन्होंने क्लियर किया है कि 10 अक्टूबर के बाद सिर्फ नई पॉलिसी के अनुसार ही टैक्स जमा होगा।
निकायों की रही सुस्त कार्यप्रणाली
हालांकि कई अधिकारियों के अनुसार पोर्टल पर प्रदेश भर का डाटा दुरुस्त करने के प्रोसेस (Process to correct data on portal) में 10 दिन से भी ज्यादा का वक्त लग सकता है। निकायों की कार्यप्रणाली का अंदाजा इस बात से लगता है कि इस पॉलिसी को लागू करने की समय-सीमा बार-बार बढ़ानी पड़ रही है। ULB की ओर से शुरुआत में टैक्स भरने का समय (tax filing time) 30 जुलाई, फिर 31 अगस्त तक किया गया था और दूसरी बार डाटा अपलोड ना होने पर इसे बढ़ाकर अब 1 अक्टूबर तक किया गया है।
कैसा होगा टैक्स का कैलकुलेशन
अब तक कई निकायों का डेटा आधा-अधूरा होने की वजह से फिर से 10 दिन बढ़ाकर 10 अक्टूबर की तिथि तय कर दी गई है। नई पॉलिसी के अंतर्गत कलेक्टर रेट के बेस पर प्लॉट की कैपिटल वैल्यू तय कर टैक्स का कैलकुलेशन (Calculation of tax) किया जाएगा, जिससे प्रॉपर्टी टैक्स में 4 से 5 गुना तक का इजाफा हो सकता है। हालांकि टैक्सपेयर्स को परेशानी ना हो, इसके लिए सरकार ने टैक्स कैंपिंग की व्यवस्था भी की है।
कैंपिंग के तहत हर वर्ष इतना बढ़ेगा टैक्स
कैंपिंग (Tax camping kya hai) के तहत हर वर्ष टैक्स में ज्यादा से ज्यादा 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। यह बढ़ोतरी तब तक जारी रहेगी, जब तक टैक्स नई तय फिक्स अमाउंट तक न पहुंचे
सरकार की इस नई व्यवस्था से 200 गज के प्लाट पर देखिए कितना असर पड़ता है। जैसे की 200 गज के प्लॉट पर पुराना टैक्स (Old tax on 200-yard plot) 0.75 रुपए प्रति वर्ग गज के हिसाब से डेढ़ सौ रुपए देना पड़ता था। अब नई पॉलिसी कलेक्टर रेट आधार में बदलाव के बाद 20000 रुपये प्रति वर्ग गज कलेक्टर रेट पर 870 रुपए कुल टैक्स का भुगतान करना होगा।
कैंपिंग नियम के हिसाब से भले ही नई पॉलिसी में वास्तविक टैक्स (Actual tax in new policy) 870 रुपए ही बनता है, लेकिन 25 प्रतिशत कैंपिंग के चलते मकान मालिक को पहले वर्ष 187.50 रुपये का ही भुगतान करना पड़ेगा।