Railway Line : 13 साल का इंतजार खत्म, 66 गांवों से होकर गुजरेगी नई रेल लाइन
New Railway Line : देशभर में प्रगति कार्य लगातार रफ्तार पकड़ रहा है। सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ साथ अब सरकार रोड़ कनेक्टिविटी (Railway Line Project) को भी मजबूती प्रदान करने वाली है। अब सरकार एक नई रेलवे लाइन को बनाने की तैयारी कर रही है। ये रेलवे लाइन 66 गांवों से होकर गुजरेगी। सरकार ने 13 साल पुरानी मांग को मंजूरी दे दी है। खबर के माध्यम से जानिये इस नई रेलवे लाइन के बारे में।
HR Breaking News (Railway Line) लगभग 13 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार नई रेलवे लाइन परियोजना को हरी झंडी दिखा दी गई है। ये रेलवे लाइन 66 गांवों से होकर गुजरने वाली है। इसकी वजह से क्षेत्र के हजारों लोगों को सीधेतौर (Railway Line News) पर लाभ होने वाला है। लंबे समय से लंबित इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से न सिर्फ आवागमन आसान होगा, बल्कि व्यापार, रोजगार और स्थानीय विकास को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। आइए खबर के माध्यम से जानते हैं इस बारे में।
नई रेल लाइन धरातल पर उतरने के तैयारी-
ऊंचाहार से अमेठी के लिए सलोन होते हुए नई रेल लाइन धरातल पर उतरने के लिए तैयारी की जा रही है। रेलवे की ओर से ऊंचाहार से अमेठी तक नया रूटचार्ट तैयार करने की तैयारी की जा रही है। उम्मीद लगाई जा रही है कि फरवरी में रूटचार्ट (Unchahar-Amethi rail line) तैयार करने का काम शुरू होने वाला है। इस रेल लाइन का निर्माण होने के बाद दो जिलों की कनेक्टिविटी बनेगी और रोजगार-बिजनेस के भी नए नए मौके भी बनने वाले हैं।
यूपीए सरकार ने इतने बजट को दी मंजूरी
काफी समय पहले यानी अस्सी के दशक में जिले को अमेठी होते हुए अयोध्या से रेलपथ से कनेक्ट करने के लिए आवाज उठाई जा रही थी। नवंबर 2013 में सलोन में रेलवे की ओर से शिलान्यास भी किया जा चुा था। इसके लिए यूपीए सरकार (new railway project) ने 1331 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी प्रदान कर दी थी। इस परियोजना की लागत लगभग 1331 करोड़ रुपये की होगी। इसमें 380 करोड़ रुपये ऊंचाहार से सलोन होते हुए अमेठी तक रेल लाइन बनाने के लिए निर्धारित की जा रही है।
इतनी लागत से पूरा होगा प्रोजेक्ट
इस बजट में ऊंचाहार से सलोन होते हुए अमेठी जोड़ने के लिए 380 करोड़, रायबरेली से तिलोई (Uttar Pradesh railway) के रास्ते अकबरगंज, इन्हौंना रेललाइन के लिए 296 करोड़, अकबरगंज को अमेठी के बाजार शुकुल के रास्ते अयोध्या से जोड़ने के लिए 655 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे लाइन की प्रक्रिया को शुरू करने की तैयारी की जा रही थी। ये रेल लाइन रायबरेली, अमेठी और प्रतापगढ़ के 66 गांवों से होकर गुजरनी थी। इस परियोजना के घोषित होने के बाद साल 2018-19 में इसके लिए भूमि (Raebareli railway) का सर्वे के साथ चिन्हांकन करवाया गया है। अमेठी और प्रतापगढ़ के 27 गांवों में अधिग्रहण का प्रोसेस को बढ़ा दिया है। हालांकि सलोन में जिस रास्ते से रेल लाइन जानी थी वहां औद्योगिक क्षेत्र के तौर पर विकसित किया जा रहा था।
नया रूट चार्ट बनाने की प्रक्रिया
जमीन के चिन्हांकन के बाद उद्यमियों ने रेलवे को प्रत्यावेदन देकर दूसरे स्थान से रेल लाइन निकालने की मांग की जा रही थी। प्रशासन के द्वारा भी इसकी अनुशंसा की गई थी। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते (Amethi connectivity) में चला गया है। अब फरवरी से मार्च के बीच नया रूट चार्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाने वाली है। इसका मतलब है कि यहां के लोगों के लिए ये किसी बड़ी खुशखबरी से कम नहीं है। ऊंचाहार-अमेठी रेल लाइन परियोजना का शिलान्यास 26 नवंबर 2013 में कर दिया गया था। नए सिरे से फरवरी से मार्च में इस रूट (railway development) का सर्वे कराया जाने वाला है। इसके बाद आगे की प्रक्रिया भी शुरू होने वाली है।